House of Lords-London, 7 September 2017: Hosted by Baroness Flather, Vatayan organised a brilliant conversation, 27 Years of Hindi in the UK, between the Hindi enthusiast and poet, Dr Padmesh Gupta and the multi-award winning […]
बेहतर होता कि हमारी सरकारें देश के नागरिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझतीं और सरकारी खजाने का प्रयोग दुर्घटना होने के बाद दिए जाने वाले मुआवजे और जांचो में खर्च करने के बजाय उस […]
क्यों हम बेटियों को बचाएँ “मुझे मत पढ़ाओ , मुझे मत बचाओ,, मेरी इज्जत अगर नहीं कर सकते ,तो मुझे इस दुनिया में ही मत लाओ मत पूजो मुझे देवी बनाकर तुम ,मत कन्या रूप […]
30 जून 2017 भारतीय इतिहास में 8 नवंबर के बाद एक और ऐतिहासिक तारीख़ यहाँ 8 नवंबर का जिक्र इसलिए किया गया है क्योंकि नोटबंदी काले धन पर प्रहार करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम […]
धर्म,जाति अथवा सम्प्रदाय से जुड़े किसी भी संवेदनशील मामले को लेकर हत्या किसी की भी हो या कोई भी करे,एक जघन्य अपराध है।कानून को तुरंत इस बारे में कार्रवाई करनी चाहिए और अपराधी को कठोर […]
There are more books written and Ph. D.’s awarded for works on Tulaseedaas and the Shri Raamacharitamanas than probably on any other subject in India or probably in the world! Then, why embark upon writing […]
किसी भी राज्य या फिर राष्ट्र की उन्नति अथवा अवनति में राजनीति की एक अहम भूमिका होती है। मजबूत विपक्ष एवं सकारात्मक विरोध की राजनीति विकास के लिए आवश्यक भी हैं लेकिन केवल विरोध करने […]
London, 8 June 2017: A glowing tribute was paid to the Indian soldiers in a specially organized programme at The Nehru Centre-London through poetry and film songs. After a warm welcome by Vibha Mehdiretta, Deputy […]
एक मित्र ने हम पर तोहमत लगाई है कि हम कब से राष्टवादी हो गये?यानी जैसे अपने राष्ट्र के बारे में हित-चिन्तन करना कोई अपराध हो गया!अपने देश के हित-अहित के बारे मैं न लिखूँ-सोचूँ […]
किंशुक पाठक, असिस्टेंट प्रोफेसर, बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, पटना जब मुद्रित माध्यमों यानी पुस्तकों, पत्र-पत्रिकाओं के अस्तित्व पर ही बहस छिड़ी हो, तब ‘पुस्तकांचे गाव’ यानी पुस्तकों के गांव की संकल्पना का मूर्त रूप लेना इतिहास […]