लेखनी/Lekhni-नवंबर-दिसंबर 19

सोच और संस्कारों की सांझी धरोहर
Bridging The Gap

अंक 124 / वर्ष 13

शांति है उल्लास है, खुदपर जब यूँ विश्वास है
अपनों का गर साथ हो,स्वर्ग सदा ही साथ है।

शैल अग्रवाल

अपनी बातः काश्मीर-यथार्थ की धरती पर…

गीत और ग़ज़लः दुष्यंत कुमार। कविता धरोहरः रामेश्वर शुक्ल अंचल। कविता आज और अभीः मोहित शर्मा, विजय कुमार सप्पत्ति, पंकज मिश्र ‘अटल’, हरिहर झा, शैल अग्रवाल, पद्मा मिश्रा। माह की कवियत्रीः आतिया दाउद।

गद्य मेंः बहुत कुछ कहती है घाटी चिनारों की- उर्मिला शुक्ला। मुद्दाः काश्मीर में शांति-एक खुला पत्र। दो सत्यकथाः अपने-अपने दर्द-शिबेन कृष्ण रैना, शैल अग्रवाल। काश्मीरः यादों के झरोंखे से-शैल अग्रवाल। कहानी धरोहरः नूरी-जयशंकर प्रसाद। कहानी समकालीनः पाषाणी-शैल अग्रवाल। कहानी समकालीनः दोहराव-उषा शर्मा। कहानी समकालीनः आखिर वह कौन था?-गोवर्धन यादव। कहानी समकालीनः नया सवेरा-देवी नागरानी। पांच लघु कथाएँ-रतन चंद रत्नेश। व्यक्तित्वः अबिय अहमद अली-प्रो.गोपाल शर्मा। पुस्तक समीक्षाः खूंटी पर आकाश-गुर्रमकोंडा नीरजा। हास्य-व्यंग्यः नज़र लागी राजा-दिलीप कुमार। चांद परियाँ और तितलीः एकता की मूर्ति सरदार पटेल-शैल अग्रवाल।

In the English Section: My Column. Favourites Forever: Dylan Thomas. Poetry Here & Now: Shail Agrawal. Story Contemporary: Further Than Beyond- Mylorad Krystanvich. Kids’ Corner: Magic of Christmas-Kids’ Story by Shail Agrawal

ब्रिटेन से प्रकाशित द्विमासीय, द्विभाषीय ( हिन्दी-अंग्रेजी ) पत्रिका
परिकल्पना, संपादन व संचालनः शैल अग्रवाल
संपर्क सूत्रः shailagrawal@hotmail.com

सर्वाधिकार सुरक्षित

( copyright @ www.lekhni.net)