लेखनी/Lekhni-जुलाई-अगस्त 2021

सोच और संस्कारों की सांझी धरोहर
Bridging The Gap

मैंने कागज पर जब फूल बनाया
फूल खिल उठा झूमा लहलहाया
फिर सुंदर सी एक तितली बनाई
पंख फड़फड़ाए और वह उड़ चली
मित्र बनाए तब कुछ हंसते-खेलते
आवाज न दी पर किसी ने मुझे
संग खेलने एक न आया…
शैल अग्रवाल

अँक 134 वर्ष 15
अपनी बातः खग तुम उड़ते रहना जीवन भर!

इस अंक मेंः- कविता धरोहरः द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी। माह विशेषः चंद्र खिलौनाः सूरदास, सुभद्रा कुमारी चौहान, शैल अग्रवाल, सीतेश आलोक,सिद्धेश्वर, ज्योति चावला। गीत और ग़ज़लः श्यामल सुमन। मंथनः बाल कविताः दशा,दिशा और संभावनाएँ। सिशु गीतः शैल अग्रवाल। बाल कविताएँः लेखनी संकलन- शैल अग्रवाल, दीपिका जोशी, प्रभुदयाल श्रीवास्तव, शशिकांत, जय प्रकाश मानस, डॉ.शेरजंग गर्ग, रमापति शुक्ल, लक्ष्मी शंकर बाजपेयी,महादेवी वर्मा। हाइकु विधा में ग्रीष्म ऋतुः डॉ सरस्वती माथुर। फुहारें/लेखनी संकलन- बुद्धिनाथ मिश्र, रमानाथ अवस्थी, गोपाल सिंह नेपाली, विष्णु सक्सेना, रविन्द्रनाथ टैगोर, कन्हैयालाल, सीतेश आलोक, श्याम सुंदर दुबे,शंभुनाथ, केसरीनाथ त्रिपाठी, पद्मा मिश्रा, दिनकर.क्षणिकाएँ-शैल अग्रवाल, सरस्वती माथुर, हायकू-लाल बिहारी लाल, शैल अग्रवाल, सरस्वती माथुर। बरसन लागी बुंदियाँ-शैल अग्रवाल। फिल्मी गीतों में बरसता सावनः गोवर्धन यादव। बच्चों की दुनिया का हर रंग है आज की बाल कहानियों मेंः प्रकाश मनु। कहानी धरोहरः मिठ्ठूः मुंशी प्रेमचंद। कहानी समकालीनः तब भी नहीं- शैल अग्रवाल। प..पड़ोसी-अनिता रश्मि। वह एकलव्यः पद्मा मिश्रा। छोटी माँ- पद्मा मिश्रा। बंट्या-मोहन बैरागी। यादेंः तिजोरी-देवी नागरानी। सोच-विचारः उसका बचपन मेरा बचपन-हँसा दीप। हरी घास पर टहलते हुए-शैल अग्रवाल।
पढ़ते-पढ़तेः‘टूटते तटबंध’ पूर्णिमा सहारन का कहानी-संग्रह। हास्य-व्यंग्यः शताब्दी एक्सप्रेस-नरेन्द्र कोहली। My Column: Favouritism.
ब्रिटेन से प्रकाशित द्विमासीय, द्विभाषीय (हिन्दी-अंग्रेजी) पत्रिका
परिकल्पना, संपादन व संचालनः शैल अग्रवाल
संपर्क सूत्रः shailagrawal@hotmail.com
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