भाषा और भूगोल की सीमाएँ तोड़ती, विश्व के उत्कृष्ट और सारगर्भित ( प्राचीन से अधुधिनिकतम) साहित्य को आपतक पहुंचाती लेखनी द्विभाषीय ( हिन्दी और अंग्रेजी की) मासिक ई. पत्रिका है जो कि इंगलैंड से निकलती है। वैचारिक व सांस्कृतिक धरोहर को संजोती इस पत्रिका का ध्येय एक सी सोच वालों के लिए साझा मंच (सृजन धर्मियों और साहित्य व कला प्रेमियों को प्रेरित करना व जोड़ना) तो है ही, नई पीढ़ी को इस बहुमूल्य निधि से अवगत कराना...रुचि पैदा करना भी है।
I am a monthly e zine in hindi and english language published monthly from United Kingdom...A magzine of finest contemporary and classical literature of the world! An attempt to bring all literature and poetry lovers on the one plateform.
हिन्दी विभाग, मणिबेन नानावटी महिला महाविद्यालय, मुम्बई एवं भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद,दिल्ली द्वारा १६ और १७ मार्च २०१७ को एक अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन का विषय था- पर्यटन: सामाजिक और सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य। […]
“हमारा अतीत हमारे वर्तमान पर हावी होकर हमारे भविष्य पर प्रश्न चिह्न लगा देता है ” , एक कटु सत्य । ‘ सबका साथ,सबका विकास ‘ क्या संभव हो पाएगा जब यूपी में होगा योगी […]
साठ्ये महाविद्यालय, विले पार्ले, मुंबई के तत्वावधान में ‘स्त्री साहित्य’ विषय पर एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी का उद्घाटन जे. एस. विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश के कुलपति डॉ. हरिमोहन ने किया। बीज वक्तव्य प्रख्यात […]
महिलाओं ने स्वयं अपनी ‘आत्मनिर्भरता ‘ के अर्थ को केवल कुछ भी पहनने से लेकर देर रात तक कहीं भी कभी भी कैसे भी घूमने फिरने की आजादी तक सीमित कर दिया है। काश कि […]
भंसाली का कहना है कि पद्मावती एक काल्पनिक पात्र है ।इतिहास की अगर बात की जाए तो राजपूताना इतिहास में चित्तौड़ की रानी पद्मिनी का नाम बहुत ही आदर और मान सम्मान के साथ लिया […]
सबको सम्मति दे भगवान यह सही है कि लफ्जों में इतनी ताकत होती है कि किसी पुरानी डायरी के पन्नों पर कुछ समय पहले चली हुई कलम आज कोई तूफान लाने की क्षमता रखती है […]
आज हिंदी के भविष्य और अखंडता के समक्ष इतिहास का सबसे बड़ा संकट उपस्थित है । यह समय प्रतीक्षा करो और देखो का नहीं है ।अब सक्रिय प्रतिरोध और स्वर बुलंद करने का है । […]
प्रसिद्ध पर्यावरणविद, जल संरक्षण कार्यकर्ता और गांधीवादी अनुपम मिश्रा का सोमवार दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वो 68 साल के थे। मिश्र पिछले कुछ सालों से प्रोस्ट्रैट कैंसर से पीड़ित थे। मिश्र को […]
श्रद्धांजलि… जाना एक जनकवि का…. अभावों में जन्मे, अभावों में पले, और हम मर गए, अभावों के तले. लकड़ियाँ भी थीं इतनी कि रह गए अधजले. इन हृदयविदारक पंक्तियों के रचनाकार जगदीश ‘सुधाकर’ अभी इसी […]