लेखनी/Lekhni -सितंबर-अक्तूबर 18

सोच और संस्कारों की सांझी धरोहर
Bridging The Gap


मौरिशस सेः छायांकनःशैलअग्रवाल

“माना आदान-प्रदान है भाषा
फिर भी यह व्यापार नहीं
सुख दुख बतलाती समझाती
जीना सिखलाती कदम-कदम
जीने का तरीका है मां बोली
सिर्फ शब्दों का ज्ञान नहीं।”
-शैल अग्रवाल

वर्ष 12 अंक-117
भाषा, संस्कार और संस्कृति

इस अंक मेंः अपनी बात।
अटल बिहारी बाजपेयी की कुछ अविस्मरणीय कविताएँ। भावांजलिः सरस्वती माथुर। कविता धरोहरः महादेवी वर्मा। गीत और ग़ज़लः सुशी सक्सेना, सलिल सरोज। मौरिशस की डायरीः शैल अग्रवाल। नई पुरानी कविताओं का माह का संकलनः हिन्दी हम सबकी परिभाषा। कविता आज और अभीः पंकज प्रसून, मदन सोनी, सुशी सक्सेना, रामसिंह यादव। चांद परियाँ और तितलीः दो बाल कविताएँ- प्रभुदयाल श्रीवास्तव।

कहानी धरोहरः पेशावर एक्सप्रेस- कृशन चन्दर। कहानी समकालीनः एकबार फिर- बिभा कुमारी। कहानी समकालीनः इत्ती सी बात-शैल अग्रवाल। कहानी समकालीनः स्पर्श-सुशांत सुप्रिय। दो लघुकथाएँः भरोसा-शैल अग्रवाल। मंथनः भाषा, संस्कार और संस्कृति-शैल अग्रवाल। परिचर्चाः परदेश और घर आंगन में हिन्दी-ब़जेश श्रीवास्तव ‘उत्कर्ष’। हास्य-व्यंग्यः स्टार्ट अप हिन्दी!स्टैंड अप हिन्दी-गिरीष पंकज।

In the English Section: My Column. Favourite Forever: Pablo Neruda. Poetry Here & Now: . Short Story . Kids’Corner.

ब्रिटेन से प्रकाशित द्विमासीय, द्विभाषीय ( हिन्दी-अंग्रेजी ) पत्रिका
परिकल्पना, संपादन व संचालनः शैल अग्रवाल

( सर्वाधिकार सुरक्षित)