लेखनी/Lekhni-सितंबर-अक्तूबर 22

सोच और संस्कारों की सांझी धरोहर
Bridging -The-Gap

मुखपृष्ठ छायांकन-शैल अग्रवाल

‘दूजों का मान जरूरी
पर अपनों का ना हो तिरस्कार
आत्मसम्मान ही जीवन की रीढ़
सीखें हम पहली यही सीख।’

शैल अग्रवाल

अपनी बातः युग धर्म

(सितंबर-अक्तूबर 22/ अंक 144-वर्ष 16)

इस अंक मेंः संकलन- शरद गीत। कविता धरोहरः महादेवी वर्मा। गीत और ग़ज़लः सूर्य भानु गुप्त। माह के कविः सवाई सिंह शेखावत। शताब्दी स्मरणः । कविता आज और अभीः आलोक तोमर, दयानंद पांडेय, योगेन्द्र कृष्ण, शैलेन्द्र चौहान, शैल अग्रवाल, मोहन राणा। संकलनः हिन्दी हम सबकी परिभाषा।

गद्य मेंः विमर्षः हिन्दी खुद की तलाश में-शैल अग्रवाल। ललितः महीयसी महादेवी वर्मा-मंजरी पांडे। विहंगमः दूर देश की सोंधी खुशबू। मंथनः माँ और मांसी दो बहनेंः शैल अग्रवाल। कहानी विशेषः । कहानी समकालीनः भगोड़ी-डॉ. रंजना जयसवाल। कहानी समकालीनः पूत सपूत तो का धन संचै..डॉ. कीर्ति अवस्थी। कहानी समकालीनः पहली नौकरी-आशीष मिश्रा। पर्यटनः दुबई-शैल अग्रवाल। एक यादगार दिनः शैल अग्रवाल। उपन्यास समीक्षाः वन गमन। उपन्यास समीक्षाः शेष अशेष।

ब्रिटेन से प्रकाशित द्विमासीय, द्विभाषीय (हिन्दी-अंग्रेजी) पत्रिका
परिकल्पना, संपादन व संचालनः शैल अग्रवाल
संपर्क सूत्रः shailagrawal@hotmail.com
सर्वाधिकार सुरक्षित

error: Content is protected !!