लेखनी/Lekhni-नवंबर-दिसंबर 17

सोच और संस्कारों की सांझी धरोहर
Bridging The Gap

लहरों ने बहाया, किनारों ने बुलाया
खिलते रहे नए देश में नए वेश में
बिखर-बिखर के भी जुड़ते संवरते
अजनबी माटी में नई खुशबूएँ भरते…
शैल अग्रवाल

परदेश में देश
Living Abroad
(अंक 112 वर्ष 11)

इस अंक मेंः

अपनी बात। विमर्शः परदेश में देश-शैल अग्रवाल। संकलनः यह सर्द मौसम। श्रद्धांजलिः कुंवर नरायण की कविताएँ। कविता धरोहरः गजानन माधव मुक्तिबोध। कविता आज और अभीः सुरेन्द्र अग्निहोत्री, पद्मेश गुप्त, विजय कुमार सप्पति, शबनम शर्मा, सुशांत सुप्रिय, शैल अग्रवाल। माह के कविः स्वप्निल श्रीवास्तव। गीत और ग़ज़लः प्राण शर्मा। तेवरियाँः शैल अग्रवाल। चिंतनः रामसिंह यादव।

प्रवासः चन्द शब्द चित्र- शैल अग्रवाल। मुद्दाः हिन्दी साहित्य के इतिहास में प्रवासी सागित्य का महत्व-डॉ. रामचन्द्र रॉय। मंथनःदेश परदेश-देवी नागरानी। परिचर्चाः प्रवास से- शैल अग्रवाल । कहानी धरोहरः दूसरी दुनिया-निर्मल वर्मा। कहानी समकालीनः घर चले गंगाजी?-प्रियदर्शन। कहानी समकालीनः मन की आंखें-नमो नरायणी। कहानी समकालीनः शोर- सुशांत सुप्रियः। उपन्यास अंशः मिट्टीः वेलकम होम-शैल अग्रवाल। दो लघुकथाएँः प्रतिद्वंदी- सीताराम गुप्त, शैल अग्रवाल। ललितः हिमालय और गंगा का महत्व- गोवर्धन यादव। रूबरूः रूपसिंह चन्देल-बिभा कुमारी । पढ़ते-पढ़तेः ऐसा भी होता हैः लेखिका देवी नागरानी- गोवर्धन यादव। हास्य-व्यंग्य नेताजी लाइन में हैं-हरि जोशी। चांद परियाँ और तितलीः बाल कहानीः झिलमिल, बाल कविताः शैल अग्रवाल।

In the English Section: My Column. Favourite Forever: Longston Huges, Ernst Moritz Arndt. Poet of the month: Kunwar Narayan. Talk About Gandhiji: Dr. P. Sarojini Reddi. Kid’s Cornerः Magic of Christmas-Shail Agrawal.