लेखनी/Lekhni-May-June 19

सोच और संस्कारों की सांझी धरोहर
Bridging The Gap

यादों के उजाले में
( मुखपृष्ठ छायांकनः शैल अग्रवाल)

कोने-कोने यादें बिखरीं,आंगन-आँगन किलकारी
भूले बिसरे मन आंगन की रंग-बिरंगी फुलवारी।।
शैल अग्रवाल

(संस्मरण विशेशांक)
(अंक 121 वर्ष 13)

अपनी बातः यादों के उजाले में

इस अंक मेंः गीत और ग़ज़लः बशीर बद्र। कविता धरोहरः जयशंकर प्रसाद। माह के कविः मुकेश कुमार सिन्हा। माह विशेषः निर्जन की मुरलीः । संकलनः धूप किनारे।

ब्रिटेन से प्रकाशित द्विमासीय, द्विभाषीय ( हिन्दी-अंग्रेजी ) पत्रिका
परिकल्पना, संपादन व संचालनः शैल अग्रवाल
संपर्क सूत्रः shailagrawal@hotmail.com

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