लेखनी/Lekhni-जुलाई-अगस्त 20

सोच और संस्कारों की सांझी धरोहर
Bridging The Gap


‘ज़रा आहिस्ता चल तू ऐ हवा, पंछी परेशां है
मैं उनको कह न पाऊँगा कि वो दूजा शजर देखें ‘
‘नादान’
अंक 128, वर्ष 14
अपनी बातः रौशनी की एक लकीर के सहारे
इस अंक मेंः कविता धरोहरः नरेश मेहता। गीत और ग़ज़लः वशीर बद्र। माह विशेषः प्रेम कविताएँः पल्लवी मुखर्जी, शबनम शर्मा, शैल अग्रवाल, पंकज मिश्र अटल, मुकेश कुमार सिन्हा, गोवर्धन यादव। कविता आज और अभीः अनिता रश्मि, सुधांशु मिश्र, गौतम सचदेव, शैल अग्रवाल, मालिनी गौतम, पल्लवी मुखर्जी। कविता नव हस्ताक्षरः ज्योति चौहान, किस्मती चौरसिया स्नेहा, सुनील चौरसिया सावन, हरिप्रकाश। हास्य-व्यंग्यः एक सवाल अजातशत्रु चौबे। लेखनी वर्षागीत संकलनः फुहारें।
गद्विय मेंः विमर्षः प्रवासी साहित्य- महेन्द्र दवेसर दीपक, अनिल शर्मा। संवादः भाषा, सृजन तथा संवेदना-मैथिली प्र. राव और शैल अग्रवाल। कहानी धरोहरःअकलंक-अज्ञेय। कहानी समकालीनः मुक्ति-कीर्ति अवस्थी। कहानी समकलीनः तारे दूर के-शैल अग्रवाल। कहानी समकालीनः सब बकवास है-रूपसिंह चन्देल। कहानी समकालीनः दोस्ती एक अटूट बंधन-डॉ.ज्योत्सना सिंह। नाटकः आत्महत्या- विजय कुमार सप्पत्ति । दो लघुकथाएँः देवी नागरानी। ललितः जब दोस्त पुराने मिलते हैं-अख्तर अली। परिचर्चीः अर्जित मिश्रा। पर्यटनः सुरम्य यात्रा लक्षद्वीप की- गोवर्धन यादव। आकलनः हाशिए की आवाज़- कुमार सुशांत। आकलनः बेगम समरू का सचः दीप्ति गुप्ता। पर्यटनः सुरम्य यात्रा लक्षद्वीप कीः गोवर्धन यादव । चांद परियाँ और तितलीः बाल कहानी व कविता- शैल अग्रवाल।
In the English section: My Column: Love is many splendid things. Collection of poems: Many Shades of Love. Favourite Forever: Alexander Pushkin. Story: Sunlight is like a butterfly: Bhalchand Joshi-Translation from Hindi- Sushant Supriye. Kids’Corner-Story & a Nursery Rhyme-Shail Agrawal.

ब्रिटेन से प्रकाशित द्विमासीय, द्विभाषीय ( हिन्दी-अंग्रेजी ) पत्रिका
परिकल्पना, संपादन व संचालनः शैल अग्रवाल
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