लेखनी/Lekhni – जुलाई- अगस्त 17

सोच और संस्कारों की सांझी धरोहर
Bridging The Gap

“प्रतिमा में सजीवता-सी
बस गयी सुछवि आँखों में
थी एक लकीर हृदय में
जो अलग रही लाखों में। ”
-जयशंकर प्रसाद

ये किताबें
Treasure of Books

( वर्ष 11-अंक 110 )
परिकल्पना, संयोजन व प्रकाशनः शैल अग्रवाल
ब्रिटेन से प्रकाशित द्विभाषीय, द्विमासिक पत्रिका
ई. मेलः shailagrawal@hotmail.com

इस अंक मेंः- अपनी बात। माह विशेषः ये किताबें- चन्द कविताएँ- गुलजार, शैल अग्रवाल, अमरेन्द्र मिश्रा। कविता धरोहरः जयशंकर प्रसाद। मेरी पसंदः शिवमंगल सिंह सुमन। माह के कविः अमरेन्द्र मिश्रा। गीत और ग़ज़लः दयानंद पांडेय। कविता आज और अभीः दीपक मशाल, सुशांत सुप्रिय, शैल अग्रवाल, अजय अलौकिक । दस प्रेरक दोहेः तुलसीदास। चांद परियाँ और तितलीः बालकविता और शिशुगीतः शैल अग्रवाल।
मंथनः ये किताबेंः शैल अग्रवाल। विमर्षः चौदह फेरों का सच और गोदान में बंटी जिन्दगी- पद्मा मिश्रा। परिचर्चाः चीन द्वारा भारत की घेराबन्दी-राघवेन्द्र मिश्र। फुहारेंः फिल्मी गीतों में बरसता सावन। पढ़ते-पढ़तेः रामकिशोर उपाध्याय की काव्यकृति ‘दीवार में आले। कहानी धरोहरः पाषाणी- रवीन्द्रनाथ टैगोर। कहानी समकालीनः रैफ्सीलिया के फूल-रेणु सहाय। कहानी समकालीनः बेटे का पत्र- बिभा कुमारी। कहानी भाषान्तरः मंजरी कोलहण-लेखू तुलसियणि। कहानी समकालीनःयूजलेसः आलोक सातपुते। दो लघुकथाएँः शील निगम। चांदपरियाँ और तितलीः बाल कहानी- किताबों की अल्मारियाँ , पूर्वज और पिता-सुशांत सुप्रिय।
In the English Section:- My Column. Favourite Forever: Thomas Hardy. Poetry Here & Now: Harihar Jha, Shail Agrawal. Snap shots: These Books-Shail Agrawal. Kids’Corner: Story-Nightingale and a Rose-Oscar Wild.