सोच और संस्कारों की सांझी धरोहर
Bridging The Gap

(छायांकनःभालका जी, गुजरात-शैल अग्रवाल)
‘अतीत की परछांइयाँ भविष्य के सपने
ना वो साथ रहे, ना ये ही रहेंगे अपने
आज ही संवारता, बिगाड़ता या मिटाता
इतिहास के पन्नों पर लिखी गाथा
वो गलतियाँ दोहराई नहीं जातीं।’
-शैल अग्रवाल
अँक 161 वर्ष 19
(आस का दिया जलाए रखना)
इस अंक मेः अपनी बातः टूटती-जुड़ती उम्मीदें!
कविता- लेखनी संकलनः फुहारें। कविता धरोहरः रघुबीर सहाय। पावस के दोहेः गिरीश पंकज। गीत और ग़ज़लः प्रेम तन्मय। पावस रागः पद्मा मिश्रा। माह विशेषः युद्ध या शांति- शैल अग्रवाल। कविता आज और अभीः जाने किस आस में।
गद्य मेंः मंथनः इक्कीसवीं सदी में-शैल अग्रवाल। मुद्दाः प्रकृति और पर्यावरण-पद्मा मिश्रा। कहानी समकालीनः कमीना-रूपसिंह चन्देल। कहानी समकालीनः एक वायदे के लिए- पूजा अग्निहोत्री। कहानी समकालीनः किराएदारों-महेश शर्मा धारवाले। कहानी समकालीनः अघोरी-शैल अग्रवाल। परिदृश्यः शिवमय सावन-गोवर्धन यादव। संस्मरणः इटली यात्रा की कुछ यादें-स्वर्ण तलवाड़। यात्रा बर्फानी बाबा की-गोवर्धन यादव। हास्य-व्यंग्यः इब्ने इंशा। बालकोनाःशिशु मन- महादेवी वर्मा।
IN The English Section: MY column: Just Unjust. Favourite forever: Christina Rossetti. Short Story: A Trip down The Memory lane: Devi Nagrani. Kids’ Corner: Talking above Sky-Swastik Raj. Poem: Don’t you worry-Shail Agrawal.
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