About Lekhni
भाषा और भूगोल की सीमाएँ तोड़ती, विश्व के उत्कृष्ट और सारगर्भित ( प्राचीन से अधुधिनिकतम) साहित्य को आपतक पहुंचाती लेखनी द्विभाषीय ( हिन्दी और अंग्रेजी की) मासिक ई. पत्रिका है जो कि इंगलैंड से निकलती है। वैचारिक व सांस्कृतिक धरोहर को संजोती इस पत्रिका का ध्येय एक सी सोच वालों के लिए साझा मंच (सृजन धर्मियों और साहित्य व कला प्रेमियों को प्रेरित करना व जोड़ना) तो है ही, नई पीढ़ी को इस बहुमूल्य निधि से अवगत कराना...रुचि पैदा करना भी है। I am a monthly e zine in hindi and english language published monthly from United Kingdom...A magzine of finest contemporary and classical literature of the world! An attempt to bring all literature and poetry lovers on the one plateform.
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लेखनी/Lekhni

खुला पत्र

30/04/2021 0

विगत 17 अप्रैल 2021 को हमारी माँ का हाई ब्लड प्रेशर व हाई शुगर के चलते ऑक्सीजन लेवल गिरकर 33 पर पहुंच गया था जिस पर प्रयागराज, कौशाम्बी एवं फतेहपुर जनपद में कहीं भी ऑक्सीजन […]

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लेखनी/Lekhni

कोरोना ने मानव को नहीं मानवता को परास्त किया हैः नीलम महेन्द्र

23/04/2021 0

शहर एक एक सांस के लिए मोहताज था, जब एक क्षण की सांस भी मौत को जिंदगी से दूर धकेलने के लिए बहुत थी तब इन नेताओं के लिए तीन घंटे का फोटो सेशन भी […]

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लेखनी/Lekhni

हिन्दू कालेज में हमारे समय की कविता पर व्याख्यान, दिल्ली।

23/04/2021 0

कविता का काम स्मृतियों को बचाना भी है – अशोक वाजपेयी कविता का सच दरअसल अधूरा सच होता है। कोई भी कविता पूरी तब होती है अपने अर्थ में जब पढ़ने वाला रसिक, छात्र,अध्यापक या […]

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लेखनी/Lekhni

ओटीटी प्लेटफार्म पर अंकुश क्यों जरूरीः नीलम महेन्द्र

20/04/2021 0

आज के युग में तकनीक जिसे टेक्नोलॉजी कहते हैं वो लगातार और तीव्रता के साथ बदल रही है। इसके व्यवहारिक पक्ष को हम सभी ने कोरोना काल में विशेष तौर पर महसूस किया जब घर […]

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लेखनी/Lekhni

बाबा साहब अंबेडकर को श्रद्धांजलि: नामदेव हिन्दू कालेज, दिल्ली में वेबिनार

15/04/2021 0

बाबा साहब अंबेडकर के कामों को आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि: अंबेडकर का योगदान बहुत व्यापक था, वे समाज के सभी वर्ग के समावेशी विकास के हिमायती थे। उनके चिंतन की महत्ता आज के समय […]

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लेखनी/Lekhni

सबकी लड़ाई है येः शिबेन कृष्ण रैना

25/03/2021 0

प्रसिद्ध कूट-नीतिज्ञ चाणक्य का कथन है कि राजा का यह कर्त्तव्य बनता है कि वह अपने राज्य में प्रजा के जीवन और सम्पत्ति की रक्षा करे। राजा से यह भी अपेक्षा की जाती है कि […]

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लेखनी/Lekhni

पुस्तक समीक्षाः साहित्य संस्कृति और भाषाः ऋषभ देव शर्मा

19/03/2021 0

साहित्य, संस्कृति और भाषा – इन तीनों का परस्पर संबंध अटूट है क्योंकि देश-दुनिया की संस्कृति की जितनी प्रभावी अभिव्यक्ति साहित्य के माध्यम से संभव है, उतनी किसी अन्य माध्यम से नहीं; तथा यह अभिव्यक्ति […]

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लेखनी/Lekhni

अरे 2020

02/01/2021 0

अरे 2020 ! तेरे जैसा साल न आये दोबारा तूने तो पूरे दुनिया में हाहाकार ही मचा डाला कोरोना का जाल बिछा डाला सभी देश को इसमें उलझा डाला अर्थव्यवस्था पर पड़ी मंदी की मार […]

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लेखनी/Lekhni

आज सिराहनेः हाय री कुमुदनीः काव्य संग्रहः कवि सुनील कुमार चौरसिया

23/12/2020 0

जीवन के असली मंत्र को उद्घाटित करती ‘हाय री! कुमुदिनी’ क्यों मानें कि सपना कोई साकार नहीं होता, हम गुजरे कल की आंखों का सपना ही तो हैं।। सुनील चौरसिया ‘सावन’ संभवत: स्नातक द्वितीय वर्ष […]

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