लेखनी/LEKHNI-सितंबर-अक्टूबर 17

                                                   

हवा और पानी पर
कोई रूख तो करे
तभी घर से निकलेगें लोग
तब तक हम चुप क्यों रहे
हम अपनी प्रतिबद्धता के कारण लड़ेगे।

अग्निवेद

एक भाषा एक देश

What suits us all!

( भाषा विशेषा)

( वर्ष 11 अंक 111)

परिकल्पना, संयोजन व प्रकाशनः शैल अग्रवाल
ब्रिटेन से प्रकाशित द्विभाषीय, द्विमासिक ई. पत्रिका
ई. मेलः shailagrawal@hotmail.com

इस अंक मेंः अपनी बात-एक भाषा एक देश। गीत और ग़ज़लः कैफी आजमी।  कविता आज और अभीः नरेन्द्र पुण्डरीक, नरेश सक्सेना, शैल अग्रवाल, महेशचन्द द्विवेदी, दिनेश चन्द मुगलसराय, सुशांत सुप्रिय।  यह मुद्दा भाषा काः शैल अग्रवाल, यतीन्द्र नाथ चतुर्वेदी, इमामुद्दीन अलीग, पद्मा मिश्रा। माह विशेषः संकलन-हिन्दी हम सबकी परिभाषा। परिचर्चाः मैकाले और हमारे भ्रम-रवीन्द्र अग्निहोत्री।  विमर्षः माँ और मासीः दो बहनें-शैल अग्रवाल। कविता धरोहरः सर्वेश्वर दयाल सक्सेना। माह के कविः अशोक आन्द्रे।  नमन मेरे देशः शैल अग्रवाल। ललित निबंधः कविता की दुनियाः दुनिया की कविता  -गोवर्धन यादव। कहानी धरोहरः प्रतिध्वनि-जयशंकर प्रसाद। कहानी भाषान्तरः  दुनिया का सबसे रूपवान डूबा हुआ आदमी-मूल लेखक : गैब्रिएल गार्सिया मार्खेज़- अनुवादः सुशांत सुप्रिय। कहानी समकालीनः नयी शुरुवातः विजय सप्पत्ति। उपन्यास अंशः शेष अशेष-शैल अग्रवाल। हास्य-व्यंग्य-हरि अनंत हरिकथा अनंता- प्रभुदयाल श्रीवास्तव। चांदपरियाँ और तितलीः दो बाल कविताएं-आओ चिड़िया, तितली उड़ती… प्रभुदयाल श्रीवास्तव।

In the English Section-My Column: One Language, One Nation. Favourite Forever- Maya Angelou. Poetry Here & Now: Dr. Kartik Chandra Ray. Story Classic: Death Constant Beyond Love-Gabriel Garcia Marquez-translation by Gregory Rabbasa and J.S. Bernstein. Kids’ Corner : Story: Red Bike, Poem: Friends- Shail Agrawal.