लेखनी/Lekhni-सितंबर-अक्तूबर 25

सोच और संस्कारों की सांझी धरोहर
Bridging The Gap

( अँक 162 , वर्ष 19)

”तोड़ा मरोड़ा और उलझाया सुलझाया
सच को कितना यूँ बहुरूपिया बनाया
कभी एक कवच तो कभी एक हथियार
कभी एक ख्वाब तो कभी एक साज़िश
आह भरता रहा घायल कुचला पिसता
इतिहास गवाह है सच को कितना
इनसान ने बेचारा और गूंगा दिखाया।’…
शैल अग्रवाल

इस अंक मेंः
अपनी बातः सफेद झूठ
कविता धरोहरः रघुबीर सहाय। गीतः शंभुनाथ सिंह। ग़ज़लः प्रेम तन्मय। कविता आज और अभीः बहुरूपिया सचः सुशील कुमार, शैलजा सक्सेना, हरिहर झा, शैल अग्रवाल। लेखनी संकलनः शरद गीत-सुमित्रा नंदन पंत,बच्चन पाठक सलिल, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, मीरा,अज्ञेय, रचना श्रीवास्तव, केदार नाथ अग्रवाल, त्रिलोचन, नन्द किशोर आचार्य, शैल अग्रवाल। ललितः सितंबर-सपना शर्मा। परिचर्चाः ज्यां पॉल सात्र- सुशील कुमार। कहानी धरोहरः गुंडा-जयशंकर प्रसाद। कहानी समकालीनः खतम होने की कगार पर-राजश्री अग्रवाल। कहानी समकालीनः आत्मदृष्टि- सविता मिश्रा ‘अक्षजा’। कहानी समकालीनः अनकही-शैल अग्रवाल। कहानी समकालीनः चश्मा-हिमांशु जोशी। पाँच लघुकथाः सच ही तो- वीणा सिंह। पाँच लघुकथाः सफेद झूठ-भगवती गौड़,अंजू खरबंदा, शोभना श्याम, चंद्रेश कुमार छतलानी, शैल अग्रवाल। पुस्तक समीक्षाः दालान में टंगी लालटेन ( कविता-संग्रह) संगीता श्रीवास्तव। हास्य-व्यंग्यः सच जैसे झूठ-अख्तर अली। चाँद परियाँ और तितलीः नीलम राकेश।
In the English Section: My Column: white Lies. Favourite Forever: Kunwar Narayan. Poetry Here & Now: Ramanika Gupta. Story Contemporary: Where Is Paul- Shail Agrawal. Kids’ Corner: Asop’s Fable-The Wind and the Sun and a folk lore.

परिकल्पना, संपादन व संचालनः शैल अग्रवाल
संपर्क सूत्रः shailagrawal@hotmail.com
संपर्क सूत्रः shailagrawal@hotmail.com

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