लेखक (समकालीन)

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अरुण अस्थाना

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 जन्म 14 फरवरी-1968. लखनऊ 

 

अदब और तहज़ीब के शहर लखनऊ में पैदा अरुण अस्थाना एक संवेदनशील और अच्छे कहानीकार हैं और उनकी कहानियां हंस व कथादेश आदि प्रसिद्ध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं । हाल ही में आपका एक उपन्यास प्रणाम स. 2003 में वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित हुआ है और दूसरा  The Sacred Secrets 2008 में आने की तैयारी में है।

एक ख्यातिप्राप्त पत्रकार व लेखक अरुण अस्थाना, बी.बी.सी, स्टार व फौक्स आदि सभी प्रमुख चैनल के साथ काम कर चुके हैं।  कुछ वर्ष लंदन में रहने के बाद संप्रति अरुण अस्थाना ने मुंबई को अपना घर बनाया हैं और टी.वी. चैनल्स व मीडिया डेवलपमेंट से जुड़े हैं। 

 

 कहानी-कैसा आदमी हूं मैं ! (लेखनी-अँक 11-जनवरी 2008)

 

 

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अविनाश वाचस्पति

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जन्म- 14 दिसंबर 1958

शिक्षा- दिल्ली विश्वविद्यालय से कला स्नातक। भारतीय जन संचार संस्थान से 'संचार परिचय', तथा हिंदी पत्रकारिता पाठ्यक्रम

सभी साहित्यिक विधाओं में लेखन, परंतु व्यंग्य, कविता एवं फ़िल्म पत्रकारिता प्रमुख उपलब्धियाँ, सैंकड़ों पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित। जिनमें नई दिल्ली से प्रकाशित दैनिक नवभारत टाइम्स, हिंदुस्तान, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता अनेक चर्चित काव्य संकलनों में कविताएँ संकलित। हरियाणवी फ़ीचर फ़िल्मों 'गुलाबो', 'छोटी साली' और 'ज़र, जोरू और ज़मीन' में प्रचार और जन-संपर्क तथा नेत्रदान पर बनी हिंदी टेली फ़िल्म 'ज्योति संकल्प' में सहायक निर्देशक। राष्ट्रभाषा नव-साहित्यकार परिषद और हरियाणवी फ़िल्म विकास परिषद के संस्थापकों में से एक।

सामयिक साहित्यकार संगठन, दिल्ली तथा साहित्य कला भारती, दिल्ली में उपाध्यक्ष। केंद्रीय सचिवालय हिंदी परिषद के शाखा मंत्री रहे, वर्तमान में आजीवन सदस्य। सर्वोदय कन्या विद्यालय नई दिल्ली में अभिभावक शिक्षक संघ में उप-प्रधान। 'साहित्यालंकार' , 'साहित्य दीप' उपाधियों और राष्ट्रीय हिंदी सेवी सहस्त्राब्दी सम्मान' से सम्मानित। काव्य संकलन 'तेताला' तथा 'नवें दशक के प्रगतिशील कवि कविता संकलन का संपादन। 'हिंदी हीरक' 'झकाझक देहलवी' उपनामों से भी लिखते-छपते रहे हैं।

संप्रति- फ़िल्म समारोह निदेशालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, नई दिल्ली से संबद्ध।

संपर्कः   avinashvachaspati@gmail.com

व्यंग्य- गांधीगिरी के वर्तमान फंडे (लेखनी-अंक 10-दिसंबर-2007)

 

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आलोक कुमार सातपुते

लघुकथा- औरतें-लेखनी-फरवरी-2008

 

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डॉ. उमेश यादव (यू.के.-बरमिंघम)

ज्ञान-भारती

लेख- वैदिक संस्कृति (लेखनी-अंक-5-जुलाई 2007)

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:

कवि कुलवंत सिंह'

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जन्म : ११ जनवरी, १९६७ - रूड़की उत्तरांचल
शिक्षा : प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा : करनैलगंज गोंडा (उ. प्र.)
उच्च शिक्षा
: अभियांत्रिकी, आई. आई. टी. रूड़की , (रजत पदक एवं अन्य पदक)
प्रकाशन : पुस्तकें प्रकाशित :
१. निकुंज (काव्य संग्रह)
२.
परमाणु एवं विकास (अनुवाद)
३.
विज्ञान प्रश्न मंच
पुस्तक (प्रकाशनाधीन) : 1. कण क्षेपण (विज्ञान)
                                        2. चिरंतन (काव्य संग्रह)

रचना एँ प्रकाशित : साहित्यिक पत्रिकाओं परमाणु ऊर्जा विभा, राजभाषा विभा केंद्र सरकार की विभि न्न गृह पत्रिकाओं , वैज्ञानिक आविष्कार में अनेक साहित्यिक एवं वैज्ञानिक रचना एँ प्रकाशित

पुरस्कार - सम्मान : काव्य लेख विज्ञान लेखों एवं विभागीय हिंदी सेवाओं के लिए
सेवाएँ : ' हिंदी विज्ञान साहित्य परिषद ' से १५ वर्षों से संबंधित
संस्थापक ' वैज्ञानिक' त्रैमासिक पत्रिका
विज्ञान प्रश्न मंचों का आयोजन

क्विज मास्टर
कवि सम्मेल नों में काव्य पाठ एवं मंच संचालन
संप्रति : वैज्ञानिक अधिकारी पदार्थ संसाधन प्रभाग
भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र मुंबई - ४०००८५
ईमेल : singhkw@indiatimes.com       singhkw@barc.gov.in

वेब पेज

 

भव्य भारती :

www.kavikulwant.blogpost.com     www.PoetryPoem.com/kavikulwant

 

लेख-लक्ष से जीत तक (लेखनी-मार्च 2008-वर्ष-2-अंक-1)

 

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कादम्बरी मेहरा (यू.के.-लंदन)

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 कादंबरी मेहरा का नाम ब्रिटेन के उन प्रवासी कथाकारों के साथ लिया जाता है जिन्होंने पिछले दशक में

अपनी उपस्थिति से समस्त हिंदी साहित्यकारों का ध्यान अपनी ओर खींचा। उनके लेखन की शुरुआत वाराणसी के आज अखबार से हुई और बाद में वह स्कूल व कॉलेज की साहित्यिक गतिविधियों से जुड़ी रहीं।

अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर उपाधि लेने के बाद वे लंदन चली गयीं जहां अद्यापन को अपना कार्यक्षेत्र बनाया और 25 वर्षों तक इससे जुड़ी रहीं।

अवकाश प्राप्ति के बाद अब फिर से कहानी और उपन्यास की दुनिया में प्रवेश किया है। कुछ जग की नाम से उनका एक कहानी संग्रह भी प्रकाशित हुआ है। 

 

ऋतु-विशेष

लेख- वर्षा ऋतु और तीज-त्योहार-(लेखनी-अंक 5-जुलाई 2007)

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 कोनी हावर्ड

रागरंग-पर्यटन

भारत में विश्व का एकमात्र ध्वनिकी स्थल ( लेखनी-अंक 7- सितंबर 2007)

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कृष्ण कुमार यादव 

उभरते हुए युवा साहित्यकार। सुगढ़ सोच के रचनाकार। अभी आपका लेख संग्रह 'अनुभूतियां और विमर्श'  2007 में आया है। वरिष्ठ डाक अधीक्षक, कानपुर नगर मंडल, कानपुर (उ.प्र. भारत)

स्मृति शेष-अमृता प्रीतम

लेख- अमृता प्रीतम एक कालजयी व्यक्तित्व( लेखनी-फरवरी-2008)

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गोविंद प्रसाद

स्मृति-शेष (तलत महमूद)

लेख-तेरी हर चापों से जलते हैं खयालों में चिराग ( लेखनी-अँक 10- दिसंबर 2007)

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चित्रा मुद्गल

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आज के दुहरे मूल्यों वाले समाज में एक बेहद संवेदनशील और सजग लेखिका, जो लिखती ही नहीं, उसे जीती भी हैं। आपने महिलाओं और यूनियन वर्ग के पक्ष में सक्रिय व सार्थक योगदान दिया है। रचनाएं सामाजिक चेतना और जिम्मेदारी से भरपूर। सम्मानित कथाकारा चित्रा मुद्गल का जन्म गांव निहालीखेड़ा जिला उन्नाव में हुआ। उत्पीड़ित और समाज के असुरक्षितों के लिए एक आवाज, एक आन्दोलन उठाती इनकी रचनाएँ मन पर गहरा असर छोड़ती हैं। इनके 'आवां' उपन्यास को  काफी पसंद किया गया है। इस हमाम में, जहर ठहर हुआ आदि इनके अन्य प्रसिद्ध कहानी संग्रह हैं। असंख्य कहानियों की रचयिता चित्रा मुद्गल का नाम आज पाठक और साहित्यकार दोनों ही वर्गों में आदर के साथ लिया जाता है।     

लघु कथा- मर्द ( लेखनी-अंक10-दिसम्बर 2007)

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जितेन्द्र सहाय

हास्य व्यंग्य-यस सर (लेखनी अंक-11-जनवरी 2008)

 

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 जूली स्करडेनिस (अमेरिकन यात्रा लेखिका)

रागरंग-पर्यटन- राजस्थान की चित्रित हवलियां (लेखनी-अंक11- जनवरी 2008)

 

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तेजेन्द्र शर्मा(यू.के.-लंदन)

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जन्म / बचपन

21 अक्टूबर 1952 को पंजाब के शहर जगरांव के रेल्वे क्वार्टरों में. पिता वहां के सहायक स्टेशन मास्टर थे. उचाना, रोहतक (अब हरयाणा में) व मौड़ मंडी में बचपन के कुछ वर्ष बिता कर 1960 में पिता का तबादला उन्हें दिल्ली ले आया . पंजाबी भाषी तेजेन्द्र शर्मा की स्कूली पढाई दिल्ली के अंधा मुगल क्षेत्र के सरकारी स्कूल में हुई.

शिक्षा

दिल्ली विश्विद्यालय से बी.ए. (ऑनर्स) अंग्रेज़ी, एम.ए. अंग्रेज़ी, एवं कम्पयूटर कार्य में डिप्लोमा .

प्रकाशित कृतियां

कहानी संग्रह  : काला सागर (1990), ढिबरी टाईट (1994 - पुरस्कृत), देह की कीमत (1999), ये क्या हो गया ? (2003), यह घर तुम्हारा है (कविता संग्रह 2007) पंजाबी में अनूदित कहानी संग्रह ढिम्बरी टाईट प्रकाशित. नेपाली मे अनूदित कहानी संग्रह पासपोर्ट का रंगहरू प्रकाशित. उर्दू मे अनूदित कहानी संग्रह ईटो का जंगल प्रकाशित. भारत एवं इंगलैंड की लगभग सभी पत्र पत्रिकाओं में कहानियां, लेख, समीक्षाएं, कविताएं एवं गज़लें प्रकाशित. कहानियों का पंजाबी, मराठी, गुजराती, उड़िया और अंग्रेज़ी में अनुवाद प्रकाशित.

अंग्रेज़ी में : 1.Lord Byron – Don Juan 2. John Keats – The Two Hyperions

अन्य लेखनः

दूरदर्शन के लिये शांति सीरियल का लेखन

गतिविधियां

अन्नु कपूर द्वारा निर्देशित फिल्म अभय में नाना पाटेकर के साथ अभिनय . बीबीसी लंदन, ऑल इंडिया रेडियो, व दूरदर्शन से कार्यक्रमों की प्रस्तुति, नाटकों में भाग एवं समाचार वाचन. ऑल इंडिया रेडियो, व सनराईज़ रेडियो लंदन से बहुत सी कहानियों का प्रसार‌ण

पुरस्कार / सम्मान

  • ढिबरी टाइट के लिये महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी पुरस्कार - 1995 प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के हाथों
  • सहयोग फ़ाउंडेशन का युवा साहित्यकार पुरस्कार - 1998.
  • सुपथगा सम्मान - 1987.
  • कृति यूके द्वारा वर्ष 2002 के लिये बेघर आंखें को सर्वश्रेष्ठ कहानी का पुरस्कार.

विशेष

कथा (यूके) के माध्यम से लंदन में निरंतर कथा गोष्ठियों, कार्यशालाओं एवं साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन . लंदन में कहानी मंचन की शुरू आत वापसी से की. लंदन एवं बेंज़िंगस्टोक में, अंहिदीभाषी कलाकारों को लेकर एक हिंदी नाटक हनीमून का सफल निर्देशन एवं मंचन . अंतर्राष्ट्रीय इंदु शर्मा कथा सम्मान एवं पद्मानंद साहित्य सम्मान का प्रति वर्ष लंदन में आयोजन.

अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन

1999 में छठे हिन्दी विश्व हिंदी सम्मेलन में हिन्दी और आगामी पीढ़ी विषय पर एक पर्चा पढ़ा जिसकी भूरी भूरी प्रशंसा हुई. सम्मेलन के एक सत्र का संचालन किया और कवि सम्मेलन में कविता पाठ किया.

2002 में त्रिनिदाद में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में हिन्दी एवं इंगलैंड का पाठयक्रम विषय पर एक पर्चा पढ़ा। वहीं आयोजित एक कवि सम्मेलन में कविता पाठ किया.

लंदन, मैनचेस्टर, ब्रैडफ़र्ड व बरमिंघम में आयोजित कवि सम्मेलनों में कविता पाठ .


यॉर्क विश्विद्यालय में कहानी कार्यशाला करने वाले ब्रिटेन के पहले हिन्दी साहित्यकार

 

 कहानी-कड़ियां--लेखनी-अंक-2- अप्रैल-2007

 

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दीपिका जोशी (कुवैत)

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जन्म : 10 जून 1957 को नागपुर, महाराष्ट्र में।

शिक्षा : विज्ञान स्नातक

कार्यक्षेत्र : पढ़ने लिखने और साहित्य में विशेष रुचि। हिंदी व मराठी दोनों भाषाओं में समान अधिकार। लेख, कविताएँ और कहानियाँ सभी कुछ प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने हिंदी से मराठी अनुवाद का कार्य भी किया है जो विभिन्न मराठी पत्रिकाओं में प्रकाशित हुआ है।
1993 से कुवैत में।
कंप्यूटर से विशेष लगाव।

संप्रति : अभिव्यक्ति व अनुभूति टीम की सदस्य।

बाल कहानी- एक हास्य, एक स्पर्श (मराठी लोक कथा पर आधारित) (लेखनी-अंक 11-जनवरी 2008)

 

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नदीम अहमद नदीम

लघुकथा-बहू-बेटी-लेखनी-फरवरी-2008

 

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नरेन्द्र कोहली

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6 जनवरी 1940 में सियालकोट, पंजाब ( अब पाकिस्तान) में जन्मे और आज के तुलसीदास की उपाधि से विख्यात श्री नरेन्द्र हिन्दी साहित्य में एम.ए. के बाद  1970 में पी.एच.डी की उपाधि प्राप्त की। 1995 में स्वैच्छिक अवकाश लेकर साहित्य आन्दोलन पर कार्यरत योद्धा और समाज के उत्थान में जीवन समर्पित। करीब 100 पुष्तकों की रचना। कहानी, लेख ,नाटक, व्यंगय, बाल साहित्य सभी। महर्षि विवेकानन्द से विशेषतः प्रभावित।  कोहली जी की कलम तलवार की धार-सी तेज है। समाज की कुरीतियों पर न सिर्फ उनकी नजर है अपितु उन्हें जड़ से उखाड़ने के लिए उनकी लेखनी सतत प्रयत्न-शील भी है।  

व्यंग्य-विधा द्वारा भी वह अपना गूढ़ चिंतन और संदेश दोनों ही पाठकों तक पहुंचाने में भली-भांति सक्षम है।

पुरस्कार तथा सम्मान

1. राज्य साहित्य पुरस्कार 1975-76 ई. (साथ सहा गया दुख) शिक्षा विभाग, उत्‍तरप्रदेश शासन, लखनऊ।

2. उत्‍तरप्रदेश हिंदी संस्थान पुरस्कार 1977-78 ई. (मेरा अपना संसार), उत्‍तरप्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ।

3.इलाहाबाद नाट्य संघ पुरस्कार, 1978 ई. (शंबूक की हत्या), इलाहाबाद नाट्य संगम, इलाहाबाद।

4. उत्‍तरप्रदेश हिंदी संस्थान पुरस्कार, 1979-80 ई. (संघर्ष की ओर) उत्‍तरप्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ।

5. मानस संगम साहित्य पुरस्कार, 1978 ई. (समग्र रामकथा), मानस संगम, कानपुर।

6. श्रीहनुमान मंदिर साहित्य अनुसंधान संस्थान विद्यावृत्ति - 1982 ई. (समग्र रामकथा), श्रीहनुमान मंदिर साहित्य अनुसंधान संस्थान, कोलकाता।

7.साहित्य सम्मान 1985-86 ई. (समग्र साहित्य), हिंदी अकादमी, दिल्ली।

8. साहित्यिक कृति पुरस्कार, 1987- 88 ई. (महासमर-1, बंधन), हिंदी अकादमी, दिल्ली।

9.डॉ. कामिल बुल्के पुरस्कार 1989-90 ई. (समग्र साहित्य), राजभाषा विभाग, बिहार सरकार, पटना।

10. चकल्लस पुरस्कार, 1991 ई. (समग्र व्यंग्य साहित्य), चकल्लस पुरस्कार ट्रस्‍ट, 81 सुनीता, कफ परेड, मुंबई ।

11. अट्टहास शिखर सम्मान - 1994 ई. (समग्र व्यंग्य साहित्य), माध्यम साहित्यिक संस्थान, लखनऊ।

12. शलाका सम्मान 1995- 96 ई. (समग्र साहित्य), दिल्ली हिंदी अकादमी, दिल्ली।

13. साहित्य भूषण - 1998 (समग्र साहित्य), उत्‍तरप्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ।

14. डॉ. हेडगेवार प्रज्ञा सम्मान - 2000 ई. (समग्र साहित्य), श्रीबड़ाबाजार कुमारसभा पुस्तकालय, कोलकाता ।

15. रामकथा सम्मान - 2003 ई. (अभ्युदय), साकेत निधि, दिल्ली।

16. भाषा भूषण - 2004 ई., साहित्य मंडल, श्रीनाथद्वारा, (राजस्थान)    

17. हिंदी गौरव - 2005 ई., साहित्य सभा, सीतापुर (उत्‍तरप्रदेश)

18. पंडित दीनदयाल उपाध्याय सम्मान - 2004 ई. (समग्र साहित्‍य), उत्‍तरप्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ।

 

पुस्तकों का अनुवाद

1.दीक्षा (नेपाली) 1978 ई., अनुवादक : सुवास दीपक, प्रकाशक: सुधा (पत्रिका), अक्तूबर 1978 ई. गांतोक

2.दीक्षा (कन्नड़)1981 ई.,अनुवादक: तिप्पेस्वामी तथा नागराज, प्रकाशक: आनन्द प्रकाशन, 1055 देवपार्थिव रोड, चामराज मुहल्ला, मैसूर।

3.निर्णय रुका हुआ (मराठी)1984 ई., अनुवादिका: श्रीमती लीला श्रीवास्तव, प्रकाशक: श्रीविशाख प्रकाशन, 58 शनिवार पेठ, पुणे।

4.आत्मदान (कन्नड़) 1987 ई., अनुवादक: श्री.रा.ना.ना. मूर्ति, प्रकाशक: संक्रांति पब्लिशर्स, फोर्ट, आजमपुर (कर्नाटक)

5.दीक्षा (उड़िया) 1988 ई., अनुवादक: डॉ. अजयकुमार पटनायक, प्रकाशक: उडिया हिंदी परिवेश, सूताहाट, कटक - 1

6.दीक्षा (मराठी) 1990 ई. अनुवादक: द. प. जोशी, प्रकाशक: मराठी साहित्य परिषद्, हैदराबाद।

7. बंधन (महासमर-1) - उड़िया- 1996 ई., अनुवादक: सुभाषचंद्र महापात्र, प्रकाशक: प्रजातंत्र प्रचार समिति, कटक।

8. अभिज्ञान (कन्नड़) 1997 ई., अनुवादक: डी.एन. श्रीनाथ,  प्रकाशक: काव्यकला प्रकाशन,1273,सातवां क्रॉस, चंद्र लेआउट, विजयनगर, बंगलूरु - 560040

9. दीक्षा (अंग्रेजी) 1997 ई., अनुवादक : सोमदेव कोहली,

प्रकाशक : क्रिएटिव बुक कंपनी, ई 4/24 ए, मॉडल टाउन, दिल्ली- 110009

10. अभिज्ञान (मलयालम - कर्मयोगम्) 1999 ई., अनुवादक: डॉ. के. सी. अजयकुमार,डॉ.(श्रीमती) के.सी. सिंधु, प्रकाशक: अमृतसागर,आतिथ्य, एट्टूमानूर

11. अभिज्ञान (मलयालम - कर्मयोगम्) 2006 ई., अनुवादक: डॉ. के. सी. अजयकुमार, डॉ.(श्रीमती) के.सी. सिंधु, प्रकाशक: श्री शबरीगिरि पब्लिकेशंस, कदापरा, कुंबनाड, (केरल)

12. बंधन (महासमर-1) - मलयालम - 2004 ई., अनुवादक : डॉ. शशिकुमार, प्रकाशक: सांस्कृतिक विभाग, केरल सरकार, तिरुवनन्तपुरम्  

13. अभ्युदय (मलयालम - अभ्युदयम्), 2003 ई., अनुवादक : डॉ. (श्रीमती) के.सी.सिंधु तथा डॉ.के.सी. अजयकुमार, प्रकाशक : डी. सी. बुक्स, तिरुवनन्तपुरम्

14. दीक्षा (अंग्रेज़ी - इनिशिएशन) 2007 ई. अनुवादक : सोमदेव कोहली, प्रकाशक : डाय:मंड बुक्‍स, नई दिल्‍ली

15. साथ सहा गया दुख (पंजाबी), (प्रकाश्य), अनुवादक: डॉ. बलदेवसिंह बद्दन, प्रकाशक: भाषा विभाग पंजाब, पटियाला।

16. अधिकार (महासमर - 2) - उडिया - (प्रकाश्‍य), अनुवादक : सुभाषचंद्र महापात्र, प्रकाशक : प्रजातंत्र प्रचार समिति, कटक।

17. दीक्षा (कन्‍न्‍ड़ - दीक्षे), 2006 ई. (अनुवादक: एम. वी. नागराजा राव तथा डॉ. तिप्‍पेस्‍वामी), प्रकाशक : हेमंत साहित्‍य, राजाजी नगर, बंगलूर - 560010

18. अवसर (कन्‍नड - संदर्भ), 2006 ई., (अनुवादक: एम. वी. नागराजा राव), प्रकाशक : हेमंत साहित्‍य, राजाजी नगर, बंगलूर - 560010

19. संघर्ष की ओर ( कन्‍नड - संघर्ष ), 2006 ई. (अनुवादक: एम. वी. नागराजा राव), प्रकाशक : हेमंत साहित्‍य, राजाजी नगर, बंगलूर - 560010

20. साक्षात्‍कार (कन्‍नड - साक्षात्‍कारा), 2006 ई. (अनुवादक: एम. वी. नागराजा राव), प्रकाशक : हेमंत साहित्‍य, राजाजी नगर, बंगलूर - 560010

21. पृष्‍ठभूमि (कन्‍नड़ - भूमिके), 2006 ई. (अनुवादक: एम. वी. नागराजा राव), प्रकाशक : हेमंत साहित्‍य, राजाजी नगर, बंगलूर - 560010

22. अभियान (कन्‍नड - अभियाना), 2006 ई. (अनुवादक: एम. वी. नागराजा राव), प्रकाशक : हेमंत साहित्‍य, राजाजी नगर, बंगलूर - 560010

23. युद्ध (कन्‍नड - युद्ध), 2006 ई. (अनुवादक: एम. वी. नागराजा राव), प्रकाशक : हेमंत साहित्‍य, राजाजी नगर, बंगलूर - 560010

 

       

व्यंग्य- पकड़े गये( लेखनी-अंक-4-जून-2007) 

व्यंग्य- शतब्दि का टिकट( लेखनी-अंक-6-अगस्त-2007)

उपन्यास (वासुदेव) अंश-पिता का नाम (लेखनी-अंक-7-2007)

 

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नीरज नैथानी

 

15 जून 1961

 

एम. ए. अँग्रेजी, समाज शास्त्र, इतिहास। पर्यटन में स्नातकोत्तर डि., बी.एड.

रंगमंच पर अभिनय, हिमालय में पथारोहण, पर्यटन, पर्यावरणीय अभियानों का संचालन।

इँगलैंण्ड, मारीशस, बहरेन, मस्कट, नेपाल की विदेश यात्रा।

लेखन- कविता, यात्रा-संस्मरण, लघुकथा, ललित निबंध, आलेख।

24 वें तथा 26 वें अंतर्राष्ट्रीय हिंदी अधिवेशन मारीशस व 29 वें अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन इंगलैंड में प्रतिभाग।

भारत वर्ष के अनेक अखिल भारतीय हिन्दी सम्मेलनों में काव्यपाठ व आलेख वाचन।

अनेक अंतर्ऱाष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

हिंदी भूषण, राष्ट्रीय गौरव, हिन्दी सेवी सम्मान, उत्तरांचल रत्न, हिंदी गौरव सम्मान से सम्मानित

संपर्क सूत्रः bZ esy-  h_heato@yahoo.com

 

लघु कथा- किराये का मकान (लेखनी-अंक 10-2007)

 

 

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डोमन साहू समीर

मन्थन

लेखः रवीन्द्रनाथ ठाकुर के काव्य में पावस परिदृष्य ( लेखनी- जुलाई-2007

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डॉ. परमानन्द पांचाल

संपर्क सूत्र- 232, ए, पॉकेट,

मयूर बिहार,

दिल्ली-110091

शब्द-भारती

हमारी भाषा और संस्कृति पर शतरंज का प्रभाव ( लेखनी-अंक-7-सितंबर-2007)

 

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पी. दयाल श्रीवास्तव

व्यंग्यः मंत्री जी और वारे लाल (लेखनी-अँक-9-नवम्बर-2007)

 

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 प्रतिभा मुदलियार.

 

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रीडर हिंदी विभाग, मैसुर विश्वविद्यालय, मानस गंगोत्री, मैसुर

जन्मः बेलगाँव, कर्नाटक,

शिक्षाः एम.ए., पीएच.डी. डी.लिट, डिप्लोमा इन ट्रान्सलेशन

प्रकाशितकृतियाँ नरेश मेहता के काव्य का अनुशिलन

            लेख और आलेख

            नाच री घुमा (अनुवाद)

            क्षण हवे नको ते (हिंदी उपन्यास का  मराठी अनुवाद)

            खण्ड खण्ड अग्नि (हिंदी काव्य नाटक का  मराठी अनुवाद)

            नदी संगे वाहताना (कन्नड कविताओं का  मराठी अनुवाद)

            हाशिए पर (कविता संग्रह)

पुरस्कारः राष्ट्रीय पुरस्कार, केन्द्रीय हिंदी निदेशालय , दिल्ली.1996

       सारस्वत सम्मान, हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग.

       हिंदी मार्तंड, भाषा परिषद, प्रयाग

 

 रागरंग

लेख- समकालीन कविता और गजल की प्रासंगिकता (दुष्यंत कुमार के विशेष संदर्भ में) (लेखनी-अँक10-दिसंबर 2007)

 

 

 

 

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प्राण शर्मा  (यू. के)

विविधा

प्रेरक प्रसंग-शिष्टता (लेखनी-अंक-6-अगस्त-2007) 

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भगवती शरण उपाध्याय

भव्य भारती

लेख-ताजमहल-(लेखनी-अंक12-फरवरी 2008)

 

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मनोहर चमोली मधु

बाल कहानीः जैसे को तैसा (लेखनी-अंक 8- अक्टूबर 2007)

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मधुर नज्मी

पता-गोहना, मुहम्मदाबाद, जि.मउ, उ.प्र. भारत।

साहित्य भारती- समकालीन हिन्दी गजल-(लेखनी-अँक-10-दिसंबर 2007) 

 

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योगेश्वर

जन्मः 10 जनवरी 1934, जिला-शेखपुरा, गाँव-गडुआ।

शिक्षाः हिन्दी विध्यापीठ, देवघर से साहित्यालंकार उत्तीर्ण करने के बाद युगेश्वर वाराणसी आ गये। यहाँ हाईस्कूल से पी.एच.डी तक की शिक्षा पूर्ण की। हिन्दी में एम.ए. उत्तीर्ण  होते ही काशी विध्यापीठ के हिन्दी विभाग में पाराध्यापन। 10 जनवरी 1994 को आचार्य पद से सेवा निवृत्त।

कृतित्वः सन 49 से ही लिखते आ रहे हैं। कितना, कैसा-कैसा और कहाँ-कहाँ लिखा, गणना कठिन है। आवश्यक भी नहीं। कल्पना, चौखम्भा और जन में नियम से लिखा। राजनीति, शिक्षा, साहित्य, आध्यात्म, भाषाशास्त्र आदि लेखन के मुख्य विषय हैं। इनके उन्नीस सांस्कृतिक उपन्यास प्रकाशित और कई प्रकाशन क्रम में हैं।

रामायण मेला और अंग्रेजी हटाओ से विशेष लगाव रहा है। मुख्य प्रेरणा और चिंता राष्ट्रता, समता और लोकतंत्र है। डॉ. युगेश्वर की अपनी शैली है। विचारों की तीव्रता, स्पष्टता और दिशा निर्देश के कारण आपका लेखन आकर्षित करता है।

प्रकाशित ग्रन्थः

भाषा शास्त्रः  1.मगही भाषा  2. हिन्दी कोश विज्ञान का उद्भव और विकास।

समीक्षाः 3. तुलसीदास आज के संदर्भ में 4. तुलसी का प्रतिपक्ष 5. 111 मानस निबंध 6. भक्ति आज के संदर्भ में 7. सबके प्रेमचन्द 8. प्रसाद काव्य का नया मूल्यांकन 9. कबीर समग्र (दो भाग) 10. कबीर साहब 11. तुलसी काव्य की भूमिका 12. तुलसी के गयारह ग्रन्थ ( दो खंडों में) 13. गीता तीर्थ 14. रैदास समग्र।

विचार प्रधानः 15. समाजवादः आचार्य नरेन्द्र देव, लोहिया, जयप्रकाश नारायण की दृष्टि में 16. आपादकाल का धूमकेतु राजनारायण 17. कामदेव 18. कामदेव का पत्र शिव के नाम।

उपन्यासः 19. सीता एक जीवन 20. राम एक जीवन 21. भरत एक जीवन 22. हनुमान एक जीवन 23. रावण एक जीवन 24. संत साहेब 25. पर्वत पुत्री 26. पंचानन 27. दूसरा कृष्ण 28. पार्थ 29. दूसरा इंद्र 30. विदेह 31. भवानीनंदन श्री गणेश 32. कृष्णा 33. देववृत 34. महाभारत का शूद्र महामात्य 35. सुमित्रानन्दन 36. आल्हादिनी 37. दक्षिणेश्वर का परमहंस।

पुराणः 37. सम्पूर्ण पुराण।  

 

लेख- वृंदावन जाऊंगी (लेखनी-अंक 6-अगस्त 2007)

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 योगेश नवीन

राग-रंग (पर्यटन)

भारत का राष्ट्रीय चिन्ह -अशोक स्तंभ, सारनाथ, वाराणसी।

 

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रचना श्रीवास्तव

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जनमः ५ सेप्टेम्बर लख्ननऊ, भारत
शिक्षाः स्नातक साइंस
परास्नातकः हिन्दी

लेखन प्रेरणाः स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय राम चरित्र पांडे एवं माँ विद्यावती पांडे
कविताः सामायिक एवं सवेदंशील
रेडियो संचालक १६०० ऍम, रेडियो कवियत्री २००४ से अब तक, रेडियो सलाम नमस्ते और फ़नएइसिया  पर कविता पाठ, मंच संचालन  मनोरंजन (फ्लोरिडा)संगीत रेडियो (हिउस्टन)पे कविता पाठ।

बाल कहानीः हलवा (लेखनी-अंक1-वर्ष 2-मार्च 2008)

----------------------------------------------------------------------------------राबिन शा पुष्प

आज के युग के बेहद संवेदनशील और तरल कथाकार।

संपर्क सूत्र- रवीन्द्रांगन, 2एल/45, महात्मा गांधी नगर,

बहादुरपुर हाउसिंग कालोनी, पो. लोहिया नगर, पटना। भारत।

कहानी-अहसास का धागा-( लेखनी-अंक-12-फरवरी-2008)

 

------------------------------------------------------------------------------------------------रेणु 'राजवंशी' गुप्ता(यू.एस.ए.)

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20 अक्टूबर, 1957 को कोटा, राजस्थान में जन्मी रेणु 'राजवंशी' गुप्ता ने अंग्रेजी साहित्य में एम.ए. और संस्कृत में बी.ए. औनर्स की शिक्षा प्राप्त की है। यू.एस.ए. में कई वर्ष कम्प्यूटर-साइंस का अद्यापन करने के पश्चात आप आजकल निजी व्यवसाय और साहित्य में व्यस्त हैं। जहां व्यवसाय उनके बाह्य जीवन को चलाए रखता है, वहीं साहित्य, लेखन और स्वाध्याय अंतःजीवन कोगतिशील रखता है। भटकन, उद्विगनता, व्याकुलता और जीवन-मूल्य की खोज को वह अपनी शक्ति मानती हैं। उनकी धारणा है कि मैं जीवन में सदैव गतिमान रहूं, पत बनाऊं और लक्ष खोजूं।

कृतियां-प्रवासी स्वर (काव्य)

कौन कितना निकट(कहानियां)

जीवन लीला (कहानियां)

कहानी- पिया वही जो दुल्हन मन भाए (लेखनी अंक-6-अगस्त-2007)

 

------------------------------------------------------------------------------------------------  लावण्या शाह

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मेरा परिचय : मै लावण्या, बम्बई महानगर मे पली बडी  हुई - शोर शराबे से दूर, एक आश्रम जैसे पवित्र घर मे , मेरे पापाजी, स्वर्गीय पँ. नरेन्द्र शर्मा व श्रीमती सुशीला शर्मा की छत्रछाया मे , पल कर बडा होने का सौभाग्य मिला.
 मेरे पापाजी एक बुध्धिजीवी, कवि और  दार्शिनिक रहे.
मेरी अम्मा , हलदनकर ईनस्टिटयूट मे ४ साल चित्रकला सीखती रही.
१९४७ मे उनका ब्याह हुआ और  उन्होने बम्बई मे घर बसा लिया .
मेरा जन्म १९५० नवम्बर की २२ तारीख को हुआ.
मेरे पति दीपक और मै, एक ही स्कूल मे
पहली कक्षा से, साथ साथ पढे है.
मैने समाज शात्र और मनोविज्ञान मे, बी.ए. ओनर्स किया.
२३ वर्ष की  आयु मे , १९७४ मे ,
शादी कर के हम दोनो  लॉस ~ ऍजिलीस शहर मे ,
 केलीफोर्नीया , यु. स. ए. ३ साल , १९७४,७५,७६ , तक रुके
जहा वे ऐम.बी.ए. कर रहे थे.
 उस के बाद हम फिर बम्बई लौट आये. परिवार के पास ---
और पुत्री सिदुर का जन्म हुआ.
५ वर्ष बाद पुत्र सोपान भी आ गये.
१९८९ की ११ फरवरी के दिन,  पापाजी ,
 सुप्रसिध्ध "महाभारत" सीरीयल को और हम सब को छोड कर चले गये.
घटना  चक्र ऐसे घूमे, के  हम फिर अमरिका आ गये.
अब सीनसीनाटी , ओहायो मे हूँ .
 पुत्री सिदुर का ब्याह हो चुका है और मै नानी बन गयी.हूँ
 पुत्र सोपान , कार्यरत है. गत साल उसका ब्याह  हुआ -
जीवन के हर ऊतार चढाव के साथ कविता ,
 मेरी आराध्या , मेरी मित्र , मेरी हमदर्द रही है.
विश्व ~ जाल के जरिये,  कविता पढना , लिखना और इन से जुडे  माध्यमो  द्वारा , भारत और अमरीका के बीच की
 भौगोलिक दूरी को कम कर पायी हूँ .
स्व ~ केन्द्रीत , आत्मानुभुतीयो ने ,
 हर बार , समस्त विश्व को , अपना - सा पाया है.
पापाजी पँ. नरेन्द्र शर्मा की कुछ काव्य पँक्तिया
 दीप ~ शिखा सी , पथ प्रदर्शित करती हुई , याद आ रही है.
 " धरित्री पुत्री तुम्हारी, हे अमित आलोक
   जन्मदा मेरी वही है स्व्रर्ण गर्भा कोख !"
    और
 " आधा सोया , आधा जागा देख रहा था सपना,
  भावी के विराट दर्पण मे देखा भारत अपना !
   गाँधी जिसका ज्योति ~ बीज, उस विश्व वृक़्श की छाया
    सितादर्ष लोहित यथार्थ यह नही सुरासुर माया !"
अस्तु  विश्व बन्धुत्व की भावना , सर्व मँगल भावना ह्र्दय मे समेटे , जीवन के मेले मे हर्ष और उल्लास की  द्रिष्टी लिये , अभी जो अनुभव कर रही हूँ , उसे मेरी कविताओ के जरिये , माँ सरस्वती का प्रसाद समझ कर , मेरे सहभागी मानव समुदाय के साथ बाँट रही हूँ .
पापाजी की लोकप्रिय पुस्तक " प्रवासी के  गीत " को मेरी श्राधाँजली  देती , हुई मेरी प्रथम काव्य पुस्तक
 " फिर गा उठा प्रवासी " प्रकाशित हो गयी है . 
 
स्वराँजलि पर मेरे रेडियो वार्तालाप
स्वर साम्राज्ञी  सुश्री लता मँगेषकर पर
व पापाजी पर प्रसारित हुए है. 
मैंने ," महाभारत" सीरीयल के लिये
१६ दोहे पापाजी के जाने के बाद लिखे थे !
एक नारी ह्रदय से उत्पन्न , सँवेदना ,
 हर कृति के साथ सँलग्न है.
 विश्व के प्रति देश के प्रति ,
 परिवार और समाज के प्रति वात्सल्य भाव है.
 
भविष्य के प्रति अटल  श्रध्धावान हूँ .
और आज  अपनी रचना , आप के सामने प्रस्तुत कर रही हूँ
आशा है मेरी त्रुटियोको आप उदार ह्रदय से क्षमा कर देँगे --
 विनीत,
लावण्या
 
कहानी-जिन्दगी ख्वाब है (लेखनी-मार्च-2008)

 

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लेखराम चिले ऩिःशंक

हास्य-व्यंग्य-

मन की अटक जहाँ, रूप को विचार कहाँ? (लेखनी-अँक12-फरवरी 2008)

 

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डॉ. विमला उपाध्याय

लेखः साहित्य में पर्यावरण की महत्ता (लेखनी अंक 4, जून-2007)


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वंशीधर त्रिपाठी

लेखः समुद्र के किनारे (लेखनी अंक 7, सितंबर-2007)

 

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शैल अग्रवाल( यू.के.)

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21 जनवरी 1947 वाराणसी, भारत में जन्म।

सम्पूर्ण शिक्षा वहीं। 

शिक्षाः अंग्रेजी साहित्य, संस्कृत व चित्रकला में स्नातक,

प्रथम श्रेणी औनर्स के साथ। 

अंग्रेजी साहित्य में एम.ए.।

1968 से आजतक मुख्यतः ब्रिटेन में । 

रुझान कलात्मक और दार्शनिक।

लिखना,पढ़ना आदत और मजबूरी दोनों ही। पहली कविता आठ वर्ष की उम्र में

पहली कहानी 11 वर्ष की उम्र में। दोनों ही तत्कालीन आज अखबार में प्रकाशित।

जीवन के एक लम्बे जुझारू और मौन अन्तराल के बाद

पिछले एक दशक से लेखनी पुनः मुखरित।

हिन्दी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं में निरंतर लेखन ।

प्रकाशित कृतियां--समिधा -कविता-संग्रह(81 कविताएं) ,

ध्रुवतारा कहानी संग्रह(17 कहनियां) 2003.

लंदन-पाती-निबंध संग्रह,(29 निबंध) ।

कविता संग्रह-नेतिनेति (81 कविताएं) व उपन्यास -शेष अशेष-प्रकाशनाधीन। निबंध, कहानी, कविताएं देश विदेश की विभिन्न पत्रिकाओं और संग्रहों में । दूराभाष और इन्द्रजाल पर भी। चन्द मराठी व नेपाली में अनुवादित। 

 

लेख-साहित्य और नारी (लेखनी-अंक-1-मार्च-2007)

लेख- अपने अपने सच (लेखनी-अंक-2-अप्रैल-2007)

लेख- रचना और रचनाकार ( लेखनी-अंक-3-मई-2007)

लेख-हिन्दी और प्रवासी साहित्य (लेखनी-अंक-6-अगस्त-2007)

लेख- बापू और हम (लेखनी-अंक-8-अक्तूबर-2007)

लेख- ग़ज़ल की दस्तक( लेखनी-अँक-10-दिसम्बर-2007)

लेख- युग कगार पर (लेखनी-अंक-11- जनवरी-2008)

 

कहानी- तपिश ( लेखनी-अंक-4-जून-2007)

कहानी-तब भी नहीं (लेखनी-अंक-1-वर्ष 2-मार्च-2008) 

 

धारावाहिक शेष अशेष-लेखनी-अंक-8-अक्तूबर से।

1.लघु कथा- गेंद

2. लघु कथा-वीर

 

व्यंग-हिन्दी मैया ( लेखनी-अंक-7-सितंबर-2007)

व्यंग-चुटकी एक गुलाल की (लेखनी-अंक-1-वर्ष 2-मार्च-2008)

 

रागरंग-होली के रंग (लेखनी-अंक-1-वर्ष 2-मार्च 2008) 

 

पर्व-परिचय-दीपावली( लेखनी-अँक-9-नवंबर-2007) 

 पर्व-परिचय- सेंट वैलेंटाइन डे(लेखनी-अँक-12 -फरवरी-2008)                  

 

 

(बाल-साहित्य) चांद परियाँ और तितली

पंचतंत्र की कहानियों पर आधारित कहानी

 शेर और सियार ( लेखनी-अंक-1-मार्च 2007)

लोक-कथा -हाथी(लेखनी-अंक-2-अप्रैल 2007)

बाल कहानी- फूल-परी ( लेखनी-अंक-3-मई-2007) 

बाल कहानी- कहानी की कहानी (लेखनी-अंक 4, जून-2007)

बाल कहानी-बारिश (लेखनी-अंक-5-जुलाई-2007)

बाल कहानी-दिन-रात(लेखनी-अंक-7-सितंबर-2007) 

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श्याम सुन्दर चौधरी

पताः एच-61/4, साहनी कालोनी, केन्ट, कानपुर

 

स्मृति शेष-कानपुर की होली (लेखनी अंक 1-वर्ष 2-मार्च 2008) 

 

 

एस. आर. हरनोट

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जन्मः हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला की पिछड़ी पंचायत व गांव चनगांव में।

शिक्षाः बी.ए. आनर्ज, एम.ए. हिन्दी, पत्रकारिता, लोक संपर्क एवं प्रचार-प्रसार में उपाधि पत्र।  

निरंतर लेखन व समाज सेवा। विभिन्न पत्रिकाओं में कहानियों के अलावा करीब 1000 लेख प्रकाशिथ। सभी मुख्य संकलन व पत्र पत्रिकाओँ में प्रकाशित। अंग्रेजी, मराठी, गुजराती सहित कई भाषाओँ में कहानियों का अनुवाद। कहानी दारोश पर इन्डियन क्लासिक्ज के तहत दिल्ली दूरदर्शन द्वारा फिल्म निर्णाण।   फोटोग्राफी में विशेष रुचि और कई प्रदर्शनिओं का आयोजन। आर्थिक रूप से कमजोर और दलितों के उत्थान के लिए निरंतर काम। 

कहानी संग्रहः पंजा(1987), आकाश बेल (1987), पीठ पर पहाड़( 1992),दारोश तथा अन्य कहानियां(2001), माफिया ( अँग्रेजी में अनुवादित कहानी संग्रह-2004)

उपन्यास-हिडिम्ब (2004)

हिमाचल के मन्दिर और उनसे जुड़ी लोक कथाएँ- लगभग 250 मन्दिरों पर शोधकार्य और उनसे जुड़ी लोक-कथाएँ(1991)

यात्रा-किन्नौर, स्पिति, लाहुल और मणि-महेश पर ऐतिहासिक व सांस्कृतिक यात्राएँ(1994)

 हिमालय एट ए ग्लान्स- संयुक्त शोध कार्य-हिमाचल प्रदेश पर 3000 फैक्ट्स (2000)

हिमाचल की कहानी-इतिहास(2002)

प्रदेश तथा देश से प्रकाशित पत्र-पत्रिकाओं में नियमित लेखन।

पुरस्कार व सम्मानः दारोश व अन्य कहानियों के लिए 2003 का अँतर्राष्ट्रीय इन्दु शर्मा सम्मान से लंदन में सम्मानित व 2007 में हिमाचल राज्य अकादमी पुरस्कार। क्रिएटिव न्यूज फाउन्डेशन देहली द्वारा विशिष्ट साहित्यकार सम्मान। अखिल भारतीय भारतेन्दु हरिश्चन्द एवार्ड। हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ हमीरपुर द्वारा साहित्यकार सम्मान। हिमाचल गौरव सम्मान। भाषा और संस्कृति विभाग हि.प्र. द्वारा कहानी व निबंध लेखन के लिए सम्मानित। प्राचीन कला केन्द्र चंडीगढ़ द्वारा श्रेष्ठ साहित्य सम्मान। हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग द्वारा साहित्य सम्मान। हिमाचल केसरी अवार्ड। डॉ. वाई. एस. परमार हिमाचल श्री साहित्य सम्मान। 

संपर्क सूत्रःs_r_harnot@rediffmail.com

 

लघु कथा- 

मोबाइल ( लेखनी-अँक 9-नवंबर-2007)

रोबो (लेखनी-अँक-9-नवंबर-2007)

 

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सीताराम गुप्त

 

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5 नवंबर 1954

जन्म स्थान -दिल्ली का एक गांव

टी.वी. प्रेजेन्टेशन में डिप्लोमा। उर्दू तथा रूसी साहित्य में रुचि। इन्ही के साथ अरबी व फारसी भाषाओं का भी अध्ययन किया। कुछ अनुवाद कार्य उर्दू में आये। देश भर की अनेक पत्र-पत्रिकाओँ में लेख, कविताएँ और व्यंग्य प्रकाशित। कविता संग्रह -मेटामौर्फोसिस -प्रकाशित तथा यात्रा वृतान्त -मानस यात्रा-शीघ्र प्रकाश्य। पहली कविता रूसी भाषा में छपी। आध्यात्मिक उपचार, व्यक्तित्व विकास और उनके समग्र रूपान्तरण पर निरंतर लेखन।

 

 

लेख -(भारती) मन है एक कल्प-वृक्ष (लेखनी-अंक 11- जनवरी-2008)

 

 

 

 

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सुऱेश चन्द्र शुक्ल ' शरद आलोक '

 

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गत 21 वर्षो से नार्वे में हिंदी की पत्रिकाओं 'परिचय' और 'स्पाइल' (दर्पण) का संपादन कर रहे शरद आलोक का वास्तविक नाम डॉ. सुरेशचंद्र शुक्ल है। वे हिंदी के सुपरिचित कवि, लेखक और पत्रकार हैं।

डॉ. शुक्ल अनेक भाषाओं में लिखते रहे हैं। हिंदी में आपके सात कविता संग्रह तथा एक कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। उर्दू में एक कहानी संग्रह तथा नार्वेजियन भाषा में एक काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुका है।

आपको देश-विदेश में अनेक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

'सोनांचल साहित्यकार संस्थान, सोनभद्र' आपके नाम पर देश विदेश के चुने हुए साहित्यकारों को 'सुरेशचंद्र शुक्ल नामित राष्ट्र भाषा प्रचार पुरस्कार' प्रदान करता है।
संपर्क :
sshukla@online.no

 चांद परियां और तितली

नौर्वेजियन लोककथा-घास में गुड़िया-(लेखनी अंक 6-अगस्त-2007)

लड़की माचिस वाली-हान्स क्रिश्चियन एन्दरसन- रूपान्तर सुरेश चन्द शुक्ल। (लेखनी-अंक-10-दिसंबर-2007)

 

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सुभाष नीरव

 

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हिंदी कथाकार सुभाष नीरव का जन्म उत्तर प्रदेश  के एक बेहद छोटे शहर मुराद नगर में एक पंजाबी परिवार में हुआ।  इन्होंने मेरठ विश्वविद्यालय से स्नातक तक की शिक्षा ग्रहण की और् वर्ष 1976 में भारत सरकार की केन्द्रीय सरकार की नौकरी में आ गए। अब तक तीन कहानीसंग्रह दैत्य तथा अन्य कहानियाँ (1990), औरत होने का गुनाह (2003) और  आखिरी पड़ाव का दु:(2007) प्रकाशित। इसके अतिरिक्त, दो कवितासंग्रह यत्किंचित (1979) और रोश्नी की लकीर (2003), एक बाल कहानीसंग्रह मेहनत की रोटी (2004), एक लधुकथा संग्रह कथाबिन्दु (रूपसिंह चंदेल और हीरालाल नागर के साथ) भी प्रकाशित हो चुके हैं। अनेकों कहानियाँ, लधुकथाएँ और कविताएँ पंजाबी और बांगला भाषा में अनूदित हो चुकी हैं।

 

हिंदी में मौलिक लेखन के साथसाथ पिछले तीन दशकों से अपनी माँबोली पंजाबी भाषा की सेवा मुख्यत: अनुवाद के माध्यम से करते आ रहे हैं। अब तक  पंजाबी से हिंदी में अनूदित दस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं जिनमें काला दौर, पंजाबी की चर्चित लघुकथाएं, कथा पंजाब–2, कुलवंत सिंह विर्क की चुनिंदा कहानियाँ, तुम नहीं समझ सकते(जिन्दर का कहानी संग्रह), पंजाबी के दलित युवा कवि व लेखक बलबीर माधोपुरी की आत्मकथा छांग्या रुक्ख आदि प्रमुख हैं। मूल पंजाबी में लिखी दर्जन भर कहानियों का आकाशवाणी, दिल्ली से प्रसारण।

 

अनियतकाली्न पत्रिका प्रयास का वर्ष 1982 से 1990 तक संचालन/संपादन।

अनूदित साहित्य से जुड़ी ब्लाग पत्रिका सेतु साहित्य (www.setusahitya.blogspot.com)तथा कविताओं से जुड़ी ब्लाग पत्रिका वाटिका (www.vaatika.blogspot.com) का सम्पादन।

 

हिंदी में लघुकथा लेखन के साथसाथ, पंजाबीहिंदी लघूकथाओं के श्रेष्ठ अनुवाद हेतु माता   शरबती देवी स्मृति पुरस्कार 1992 तथा मंच पुरस्कार, 2000 से सम्मानित।

 

सम्प्रति : भारत सरकार के पोत परिवहन विभाग में अनुभाग अधिकारी।

सम्पर्क : 248, टाईप–3, सेक्टर–3, सादिक नगर, नई दिल्ली–110049

ई मेल : subh_neerav@yahoo.com;  subhneerav@gmail.com

दूरभाष :           09810534373          

 कहानी-आवाज-(लेखनी-अँक 10- दिसंबर 2007)

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डॉ. सुभाषिनी आर्यन

प्रसिद्ध कला इतिहासकार लेखिका।

मंथन-लेख-भारतीय चित्रकारी में अष्ट नायिका (लेखनी-अँक 12-फरवरी-2008)

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डा.  सूर्यबाला

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जन्म : 25 अक्तूबर 1944 वाराणसी में।

शिक्षा : वाराणसी विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में पीएच. डी.।
कार्यक्षेत्र : कार्य का प्रारंभ आर्य महिला विद्यालय में अध्यापन से। 1972 में पहली कहानी सारिका में प्रकाशित। 1975 में बंबई आने के बाद लेखन में विशेष प्रगति। 1975 में प्रकाशित पहला उपन्यास मेरे संधिपत्र विशेष रूप से चर्चित। डॉ. सूर्यबाला ने अभी तक 150 से अधिक कहानियाँ, उपन्यास, व हास्य व्यंग्य लिखे हैं। इनमें से अधिकांश हिंदी की प्रसिद्ध पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। अनेकों आकाशवाणी व दूरदर्शन पर प्रसारित हुए हैं और बहुतों का देश विदेश की अनेक भाषाओं में अनुवाद हुआ है।

सम्मान-पुरस्कार : साहित्य में योगदान के लिए 'प्रियदर्शिनी पुरस्कार', 'घनश्याम दास सराफ़ पुरस्कार' तथा काशी नागरी प्रचारिणी सभा, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, मुंबई विद्यापीठ, आरोही, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, सतपुड़ा संस्कृति परिषद आदि संस्थाओं से सम्मानित।

कहानी-कागज की नावें चाँदी के बाल ( लेखनी-अंक-7-सितंबर-2007)

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 श्रवण कुमार उर्मलिया

जन्मः 10 अगस्त, 1951 को दक्षिणी झगड़ा खांड कोलिवरी, तहसील-मनेन्द्रगढ़, जिला सरगुजा ( तब म.प्र. अब कोरिया, छत्तीसगढ़) में।

शिक्षाः बी.ई. एम. टेक. ज्योतिष अलंकार, एम. बी. ए.।

कृतियाः तीन कहानी संग्रह, 6 व्यंग्य संग्रह, 2 कविता संग्रह प्रकाशित।

पुरस्कार/सम्मानः हिंदी अकादमी दिल्ली द्वारा वर्ष 1997-98 के लिए साहित्यिक कृति पुरस्कार तथा वर्ष 1993-94 के लिए पत्रिका उर्जा दीप्ति के कुशल संपादन के लिए पुरस्कृत। भारतीय राजभाषा विकास संस्थान देहरादून द्वारा भारतेन्दु राजभाषा साहित्य शिरोमणि सम्मान।  

 

व्यंग- अनिर्णय के विशेषज्ञ (लेखनी-अंक-8-अक्तूबर-2007)  

 

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 हेमा गुहा

 

राग-रंग

लेख-भारतीय दीपों की मनोहारी विविधता (लेखनी अँक 9, नवम्बर 2007)

 

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