माह विशेष

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लेखनी/Lekhni

होली के विविध रंगः शैल अग्रवाल

12/03/2017 0

रक्षाबन्धन की अवधारणा यदि विप्र और सुकुमार वर्ण के संरक्षण हेतु  कभी की गई होगी, तो दशहरा शौर्य प्रदर्शन यानी क्षत्रियों  के लिए रचा गया था। दीपावली व्यापारियों की संतुष्टि के लिए थी तो होली आम जनता यानी शूद्रों का  […]

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लेखनी/Lekhni

8 मार्च नारी दिवस परः नीलम महेन्द्र

08/03/2017 0

महिलाओं ने स्वयं अपनी ‘आत्मनिर्भरता ‘ के अर्थ को केवल कुछ भी पहनने से लेकर देर रात तक कहीं भी कभी भी कैसे भी घूमने फिरने की आजादी तक सीमित कर दिया है। काश कि […]

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लेखनी/Lekhni

यह हैं असली नायिकाएँः डॉ. नीलम महेन्द्र

29/01/2017 0

भंसाली का कहना है कि पद्मावती एक काल्पनिक पात्र है ।इतिहास की अगर बात की जाए तो राजपूताना इतिहास में चित्तौड़ की रानी पद्मिनी का नाम बहुत ही आदर और मान सम्मान के साथ लिया […]

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लेखनी/Lekhni

जब प्रधानमंत्री के हाथों में झाड़ू होता है तो कोई सवाल नहीं करता लेकिन उन्हीं हाथों में चरखा आ जाता है तो मुद्दा बन जाता है?.

16/01/2017 0

सबको सम्मति दे भगवान यह सही है कि लफ्जों में इतनी ताकत होती है कि किसी पुरानी डायरी के पन्नों पर कुछ समय पहले चली हुई कलम आज कोई तूफान लाने की क्षमता रखती है […]

लेखनी/Lekhni

हिन्दी को बचाने के लिए सक्रिय प्रतिरोध जरूरी

14/01/2017 0

आज हिंदी के भविष्य और अखंडता के समक्ष इतिहास का सबसे बड़ा संकट उपस्थित है । यह समय प्रतीक्षा करो और देखो का नहीं है ।अब सक्रिय प्रतिरोध और स्वर बुलंद करने का है । […]

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लेखनी/Lekhni

पर्यावरण विद अनुपम मिश्र का निधन

10/01/2017 0

प्रसिद्ध पर्यावरणविद, जल संरक्षण कार्यकर्ता और गांधीवादी अनुपम मिश्रा का सोमवार दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वो 68 साल के थे। मिश्र पिछले कुछ सालों से प्रोस्ट्रैट कैंसर से पीड़ित थे। मिश्र को […]

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लेखनी/Lekhni

जाना एक जन कवि का

10/01/2017 0

श्रद्धांजलि… जाना एक जनकवि का…. अभावों में जन्मे, अभावों में पले, और हम मर गए, अभावों के तले. लकड़ियाँ भी थीं इतनी कि रह गए अधजले. इन हृदयविदारक पंक्तियों के रचनाकार जगदीश ‘सुधाकर’ अभी इसी […]

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लेखनी/Lekhni

करवा चौथ की बधाई और शुभकामनाएँ।

18/10/2016 0

चंद्र-दर्शन हर रात हमारे बीच रहकर भी पहुंच से दूर…एक चमकीला शीतल चेहरा बहुत सारी नजाकत और अदा के साथ पलपल बढ़ता-घटता, लुभाता भरमाता…कभी उदास तो कभी खूशी से भरपूर, पूरा का पूरा चमकता-दमकता। चांद […]

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लेखनी/Lekhni

दीपावली का सामाजिक और धार्मिक महत्त्व: गोवर्धन यादव

11/10/2016 0

भारत में मनाये जाने वाले सभी त्योहारों में दीपावली का सामाजिक और धार्मिक दोनों दृष्टियों से अप्रतिम महत्त्व है. सामाजिक महत्त्व इस दृष्टि से कि दीपावली आने से पूर्व लोग अपने घर-द्वार की स्वच्छता पर […]

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लेखनी/Lekhni

मुख्यमंत्री द्वारा गुरमीत बेदी के कहानी संग्रह ‘सूखे पत्तों का राग ‘ का विमोचन

15/09/2016 0

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने शिमला में साहित्यकार गुरमीत बेदी के कहानी संग्रह ‘सूखे पत्तों का राग ‘ का विमोचन किया। इस कहानी संग्रह में लेखक के अलग – अलग अनुभवों से […]

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