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                                                                                                                       लेखक समकालीन




               अख़तर अली-

जन्म - १४ अप्रेल १९६० रायपुर ।
शिक्षा - बी कॉम ।
मूलत: नाटककार । इसके अतिरिक्त निरंतर व्यग्य लेखन जारी । अमृत संदेश, नवभारत, दैनिक भास्कार, नई दुनिया, रांची एक्सप्रेस, राजस्थान पत्रिका, पंजाब केसरी, वागर्थ, बालहंस,आदि पत्र पत्रिकाओ मे अनेको रचनाए प्रकाशित । हबीब तनवीर, कार्तिक अवस्थी, सलीम आरिफ, जेरालडीन बोन से रंगमंच का प्रशिक्षण । अनेको नाटय स्पर्धाओ एव सम्मेलनो मे शिरकत एवं पुरस्कृत व सम्मानित ।इनके लिखे नाटक देश की अनेको नाटय मंडलियो द्धारा खेले जा रहे है । आपके द्धारा लिखित प्रमुख नाटक है - किस्सा कल्पनापुर का , नंगी सरकार, विचित्रलोक की सत्यकथा , खुल्लम खुल्ला , निकले थे मांगने , नाटक की आड मे, खदान दान, अमंचित प्रस्तुति । इसके अतिरिक्त प्रमुख नाटय रूपांतरण है - किस्सा नागफनी ; बाकी सब खैरियत है; टोपी भाउक्ला ;असमंजस बाबू की आत्मकथा ।
सम्प्रति - क्वालिटी फाउन्ड्री इन्ड़स्ट्रीज नामक संस्थान मे कार्यरत

                                सम्पर्क - अखतर अली
                                      फज़ली अर्पाटमेंट
                                      आमानाका
                                      रायपुर ।
                                      मो०- ९८२६१२६७८१

                                              email- akhterspritwala.co.in

हास्य-व्यंग्य- काटो तो खून नहीं -लेखनी-मार्च-2009

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अनवर सुहैल 

जन्म: ०९ अक्टूबर`१९६४ /छत्तीसगढ़ के नैला जांजगीर नामक स्थान में/शिक्षा:खनन अभियांत्रिकी में डिप्लोमा  और प्रथम श्रेणी खान प्रबंधक सक्षमता प्रमाणपत्र।              
प्रकाशित पुस्तकें :

कविताएं: गुमशुदा चेहरे, कठिन समय में, जड़ें फिर भी सलामत हैं, और थोड़ी सी शर्म दे मौला

कहानी: कुंजड़-कसाई, ग्यारह सितम्बर के बाद, चहल्लुम

शीघ्र प्रकाश्य उपन्यास: पहचान, दो पाटन के बीच

सम्पादन: सोनभद्र से प्रकाशित लघुपत्रिका 'असुविधा` के मनमोहन ठाकौर अंक तथा विश्णुचंद्र शर्मा अंक का सम्पादन। वर्तमान कर्मस्थली बिजुरी से जनवरी २००९ से कविता केंद्रित लघुपत्रिका 'संकेत` का सम्पादन

अभिरूचि: लेखन, अध्ययन, संगीत, रेखांकन, नेट-सर्फिंग तथा कार चालन

व्यवसाय: कोल इण्डिया लिमिटेड की अनुशंगी कम्पनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की एक भूमिगत कोयला खदान, बहेराबांध परियोजना में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत।

कहानी समकालीनः

1.जीवहत्या ( लेखनी-नवंबर-2009)

2. ग्यारह सितंबर के बाद (लेखनी-अंक- 47- जनवरी-फरवरी 2011)


परिचयः  जीवन संघर्ष ( लेखनी-नवंबर-2009)

हास्य व्यंग्यः



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                     अनिता रश्मि

जन्म-25 अप्रैल 1958, राँची, झारखंड।

शिक्षा-बी.एस.सी, राँची महिला विद्यालय से।

हिन्दी की साहित्यकार। कई पुष्तकों की रचयिता । सृजन की शुरुआत कविता से। दो उपन्यास, दो कहानी संग्रह, एक लघुकथा संग्रह प्रकाशित। अस्सी के दशक में लघुकथा लिखना प्रारंभ किया। पहला उपन्यास 19-20 वर्ष में लिखा।

कहानियों व पुष्तकों पर पुरस्कार भी मिले। दोनों उपन्यास प्रकाशन से पूर्व ही पुरस्कृत। उत्कृष्ट लेखन के लिए स्पेनिन, राँची का प्रथम गौरव सम्मान प्राप्त। राजभाषा विभाग, बिहार सरकार से भी पुरस्कृत।

हंस के बहुचर्चित विशेषांक ‘ सत्ता विमर्श और दलित ‘ तथा ज्ञानोदय, वागार्थ, कथाक्रम और कुरुक्षेत्र व युद्धरत आदमी में प्रकाशित कहानियाँ काफी चर्चित।

हानियों का तेलगू, मलयालम में अनुवाद।

संप्रतिः लेखनरत और नए कहानी संग्रह व लघुकथा संग्रह पर कार्य।

संपर्कः  401, ए ब्लॉक, समृद्धि, चौबे बगान, अनंतपुर,

                                   रॉंची, झारखण्ड , पिन - 834002

 

. 9431701893. ई. मेलः anitarashmi@rediffmail.com

 

 लघुकथा-

कारण- (लेखनी मार्च-वर्ष चार, अंक 37)

मौत पर्व -(लेखनी मार्च-वर्ष चार, अंक 37)

समझौता ( लेखनी जून- वर्ष 4, अंक 40)

लोकतंत्र ( लेखनी जून- वर्ष 4, अंक 40)

कहानी समकालीन

चिड़िया, पतंग और अंकु     ( लेखनी-मार्च-अप्रैल ,वर्ष 5, अंक 49-50)


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अरुण अस्थाना


 जन्म 14 फरवरी-1968. लखनऊ 

 

अदब और तहज़ीब के शहर लखनऊ में पैदा अरुण अस्थाना एक संवेदनशील और अच्छे कहानीकार हैं और उनकी कहानियां हंस व कथादेश आदि प्रसिद्ध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं । हाल ही में आपका एक उपन्यास प्रणाम स. 2003 में वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित हुआ है और दूसरा  The Sacred Secrets 2008 में आने की तैयारी में है।


एक ख्यातिप्राप्त पत्रकार व लेखक अरुण अस्थाना, बी.बी.सी, स्टार व फौक्स आदि सभी प्रमुख चैनल के साथ काम कर चुके हैं।  कुछ वर्ष लंदन में रहने के बाद संप्रति अरुण अस्थाना ने मुंबई को अपना घर बनाया हैं और टी.वी. चैनल्स व मीडिया डेवलपमेंट से जुड़े हैं। 

 

 कहानी-कैसा आदमी हूं मैं ! (लेखनी-अँक 11-जनवरी 2008)

 

 

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अशोक आनन्द (देहरादून, भारत)

अपना सपना मनी मनी (लेखनी-अंक- 47- जनवरी-फरवरी 2011)

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अशोक गुप्ता (दिल्ली,भारत)

परिचय एक छिन छिन बदलने वाली शह है, इसलिये पहले वह, जो कभी बदला नहीं जा सकता....

नाम अशोक गुप्ता। 29 जनवरी को 1947 देहरादून में पैदा हुआ और पिता परिवार की खानाबदोशी के चलते कई शहर कस्बे देखे। सीतापुर ( उत्तर प्रदेश ) आकर कुछ ठहराव मिला. सबने मिल कर कुछ ऐसा झांसा रचा कि विज्ञान और गणित पढ़ कर इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के रास्ते जाना पड़ा, जब कि दसवीं पास होने के पहले ही साहित्य की ललक नें अपना संकेत दे दिया था।  खैर, बनारस यूनिवर्सिटी नें दोनो ही पक्षों को हवा दी. वहां से नौकरी के पाठ के साथ साहित्य की दीक्षा और लेखन की बेचैनी भी ले कर बिदा हुआ।

समय के दौर में जीविका इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट  के जरिये मिली लेकिन लेखक बनने से बच नहीं पाया. पुत्र, भाई, पति, प्रेमी, पिता, दोस्त, और अब दो बार नाना तक बन चुका हूं, लेकिन वैसा ही, जैसा लेखन का डसा पात्र होता है. मेरी हर भूमिका में जैसे उस इत्र की गंध रही है।

सौ से ऊपर कहानियां, अनेकों कविताएं, दर्जन के करीब समीक्षाएं, दो कहानी संग्रह, एक उपन्यास आ चुका है. एक उपन्यास पर काम चल रहा है. तीसरा कहानी संग्रह भी छप चुका है, बस लोकार्पण का इंतज़ार है.  अभी बेनज़ीर भुटटो की आत्मकथा क़्ठ्ठद्वढ़ण्द्यड्ढद्ध दृढ द्यण्ड्ढ ड्ढठ्ठद्मद्य का अनुवाद हिन्दी में किया जो राजपाल एण्ड सन्ज दिल्ली से प्रकाशित हुआ. अभी बहुत कुछ करना है.. बहुत लेखन, बहुत दोस्ती, बहुत यायावरी, बहुत प्रेम.. और, और भी बहुत कुछ. नौकरी से निवृत्त हो कर अब मन की जिन्दगी जी रहा हूं, जिसके केन्द्र में किताब है, लेखन है और लेखक हैं।

परिचय के बहाने एक बचैनी का साझा हो जाय... हमारे चारों ओर बहुत कुछ ऐसा है जो बदला जाना चाहिये, और बहुत लोग ऐसे हैं बदलाव जिनके हित में नहीं जाता.....

क्या हम ऐसे लोगों का सोच बदल नहीं सकते ?

संपर्क -      मोबाइल: 09871187875
             पता :  ए 11/45 सेक्टर  18, रोहिणी  दिल्ली  110089
               


कहानीः

1. सन्तूर वादक ( लेखनी-अंक 31-सितंबर 2009)

2. दरिद्र ( लेखनी-अंक 43-सितंबर 2010)

मुद्दाः

 'ऊंच-नीच' के निहितार्थ और प्रति-व्यवस्था की भूमिका   ( लेखनी-अगस्त-2011)

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अशोक गौतम (सोलन, भारत)

२४ जून १९६१ को हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला की तहसील कसौली के गांव गाड में जन्म।
 १९९० में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से भाषा संकाय में पीएच. डी की उपाधि।
 १९८६ से हिमाचल प्रदेश के शिक्षा विभाग में प्राध्यापन कार्य।
 भारतवर्ष के गणमान्य दैनिक पत्रों और पत्रिकाओं में विगत २० वर्षों से सक्रिय लेखन। मुख्यत: व्यंग्य और कहानी लेखन।
 इन दिनों हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित राजकीय महाविद्यालय शिमला में हिंदी संकाय में वरिष्ठ पा्रध्यापक के पद पर कार्यरत।

संपर्क सूत्र
गौतम निवास,अपर सेरी रोड
नजदीक वाटर टैंक,सोलन -१७३२१२ हि.प्र.

हास्य व्यंग्य

1.शपथ खाओ , मौज मनाओ (लेखनी-जुलाई 2009)

2.

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अशोक वर्मा (दिल्ली, भारत)

थोड़े शब्दों में अधिक कह जाने वाले चुटीले रचनाकार।

दो लघु कथाएँ   (लेखनी-जून-2009)

1. धरती घूमती है

2. पूर्ववत


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अरुणा घवाना ठाकुर                                                                                                                                 जन्मस्थान: हिमाचल प्रदेश

जन्म: 6 जनवरी 1971


शिक्षा : पी.एच.डी. शोधार्थी, साइबर पत्रकारिता
सम्प्रति : नई दिल्ली,भारत के एक प्रकाशन संस्थान में कार्यरत. बाल पत्रिका चंपक की विभागाध्यक्षा।
प्रकाशन : सामाजिक विषयों पर चर्चाएँ, विभिन्न पत्रिकाओं में लेख व कहानियाँ प्रकाशित। चिल्ड्रन बुक ट्रस्ट द्वारा पुरस्कृत। लेखन में बच्चों की कहानी लिखना सबसे अच्छा लगता है। यूं कभी कलम कविता का रूप और आकार भी ले लेती है। अभी तक बड़ों की कोई सशक्त कहानी लिखने में सफल नहीं सकी।   
रुचि विशेष :  साहित्य के अतिरिक्त दार्शनिकों के विचार पढ़ने में रुचि। संगीत,
सम्पर्क : arunaghawana@gmail.com



चांद परियां तितली

बाल कहानी-  ह्यूरान नदी का ब्रिज और व्ह्यटी (लेखनी -अंक 14-अप्रैल 2008)

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                     अजय पाराशर

आम आदमी और समाज व पर्यावरण की समास्याओं व कुरूतियों के प्रति जागरूक रचनाकर। जीवन-वृत्त

हिमाचल प्रदेश सरकार में पिछले 12 वर्षों से जि़ला लोक संपर्क अधिकारी। इससे पूर्व हिमाचल सरकार में शिक्षक तथा द क्रॉनीकल, भोपाल में उप-संपादक एवं रिर्पोटर। इतिहास में एमफिल तथा वर्तमान में पीएचडी ज़ारी और पत्रकारिता में स्नातक तथा स्नातकोत्तर। एक दशक तक लेखन से दूर रहने के बाद गत वर्ष से पुन: सक्रिय। हिमाचल के प्रथम एवं प्रतिष्ठित दैनिक ‘दिव्य हिमाचल’ में पिछले एक साल से ‘मीडिया वॉच’ कॉलम के लिए लेखन तथा निष्पक्ष, निर्भीक, अर्थपूर्ण एवं गहरे लेखन के लिए सम्मानित।  विभिन्न समाचार-पत्रों तथा साहित्यिक पत्रिकाओं में समीक्षाएं, कविताएं, गज़लें, कहानियां तथा व्यंग्य प्रकाशित।

संपर्क सूत्रः जिला संपर्क अधिकारी, हमीरपुर, जिला हमीरपुर।

हास्य व्यंग्य

गोली- (लेखनी-अप्रैल-2010)

सड़कों पर लंगड़ाता राज्यों का गौरव ( लेखनी-जून-2010)

एक गरीबी सौ सुख ( लेखनी-सितंबर-2010)

सरोकार

महा विनाश की अलामत हैं बढ़ते भूकंप (लेखनी-मई-2010)

परिदृश्य

बिन पानी सब सून (लेखनी-मई-2010)

अनजाने में सूखती हरियाली ( लेखनी-जुलाई-2010)

पंचायती राज संस्थाओं में फैलता भ्रष्टाचार ( लेखनी-अगस्त-2010)

चौपाल

अपनी ही गुगली पर बोल्ड खेल जगत ( लेखनी-जून-2010)

मोटा अनाज ( लेखनी-नवंबर-2010)

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                                    अजय नावरिया

जन्मः दिल्ली के एक गांव कोटाला मुबारक पुर में।                                                                                                                 शिक्षा एम.ए. , एम. फिल, पी.एच.डी.                                                 कहानी संग्रहः पटकथा और अन्य कहानियां।                               उपन्यासः उधर के लोग।                                                                सम्मानः सुधा साहित्य सम्मान                                                            हिन्दी साहित्य अकादमी दिल्ली द्वारा  पुरष्कृत। सम्प्रतिः प्राध्यापक हिन्दी विभाग, जामिया मिल्लिया इस्मालिया विश्विद्यालय, नई दिल्ली।                                                 

कहानी-एक देर शाम- (लेखनी दिसंबर-2008 )

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अमृता मौर्य

रागरंग- लेख

-विदेशियों को भाता है भारत का ग्रामीण जीवन- (लेखनी-जनवरी-2009)

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अविनाश वाचस्पति



जन्म- 14 दिसंबर 1958

शिक्षा- दिल्ली विश्वविद्यालय से कला स्नातक। भारतीय जन संचार संस्थान से 'संचार परिचय', तथा हिंदी पत्रकारिता पाठ्यक्रम

सभी साहित्यिक विधाओं में लेखन, परंतु व्यंग्य, कविता एवं फ़िल्म पत्रकारिता प्रमुख उपलब्धियाँ, सैंकड़ों पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित। जिनमें नई दिल्ली से प्रकाशित दैनिक नवभारत टाइम्स, हिंदुस्तान, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता अनेक चर्चित काव्य संकलनों में कविताएँ संकलित। हरियाणवी फ़ीचर फ़िल्मों 'गुलाबो', 'छोटी साली' और 'ज़र, जोरू और ज़मीन' में प्रचार और जन-संपर्क तथा नेत्रदान पर बनी हिंदी टेली फ़िल्म 'ज्योति संकल्प' में सहायक निर्देशक। राष्ट्रभाषा नव-साहित्यकार परिषद और हरियाणवी फ़िल्म विकास परिषद के संस्थापकों में से एक।

सामयिक साहित्यकार संगठन, दिल्ली तथा साहित्य कला भारती, दिल्ली में उपाध्यक्ष। केंद्रीय सचिवालय हिंदी परिषद के शाखा मंत्री रहे, वर्तमान में आजीवन सदस्य। सर्वोदय कन्या विद्यालय नई दिल्ली में अभिभावक शिक्षक संघ में उप-प्रधान। 'साहित्यालंकार' , 'साहित्य दीप' उपाधियों और राष्ट्रीय हिंदी सेवी सहस्त्राब्दी सम्मान' से सम्मानित। काव्य संकलन 'तेताला' तथा 'नवें दशक के प्रगतिशील कवि कविता संकलन का संपादन। 'हिंदी हीरक' व 'झकाझक देहलवी' उपनामों से भी लिखते-छपते रहे हैं।

संप्रति- फ़िल्म समारोह निदेशालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, नई दिल्ली से संबद्ध।

संपर्कः   avinashvachaspati@gmail.com



व्यंग्य-

1.गांधीगिरी के वर्तमान फंडे (लेखनी-अंक 10-दिसंबर-2007)

2. रसगुल्ला खाइये, मोटापा भगाइये ( लेखनी-अंक-31-सितंबर-2009)

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अश्विनी कुमार आलोक

लघुकथाः बेटी ( लेखनी-मई-2009)

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अज्ञात

चांद परियां और तितली

नीतिकथा   ( लेखनी-जनवरी फरवरी-2011)  

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आरती झा

लघुकथा- प्यार ( लेखनी- अंक 21- नवंबर 2008)

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आलोक पुराणिक

हास्य व्यंग्य

आधुनिक महाभारत ( लेखनी-जनवरी-2012)

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आलोक कुमार सातपुते

जन्म - 26/11/1969
षिक्षा- एम.काॅम.
प्रकाषित रचनाएंॅ-दैनिक भास्कर ,राजस्थान पत्रिका ,अमर उजाला, राष्टीय सहारा, दैनिक जागरण, नवभारत, देषबन्धु, हरिभूमि, आदि लोकप्रिय समाचार-पत्रों में रचनाओं का प्रकाषन ।
साहित्यक पत्रिकाओं में- हंस , वागर्थ कथादेष ,नया ज्ञानोदय, आम आदमी , कथाक्रम, पाखी, पुनर्नवा, कादम्बिनी , वर्तमान साहित्य, कथाबिम्ब ,संवेद , अपेक्षा,, समरलोक ,आदि आन्दोलित करने वाली पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाषन ।

संग्रह का प्रकाषन- षिल्पायन समूह के नवचेतन प्रकाषन,से लघुकथा संग्रह अपने-अपने तालिबान का प्रकाषन।
2 Samayik Prakashan-Vetal Fir Dal Par
3 Diamond Books-
Mohara
छायाचित्रों/रेखाचित्रों का पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाषन

अनुवाद - English उड़िया ,उर्दू एवम् मराठी भाषा में रचनाओं का अनुवाद एवं प्रकाषन ।

निर्देषन - छत्तीसगढ षासन, पंचायत एवम् ग्रामीण विकास विभाग के लिए राष्टीय रोज़गार गारण्टी योजना पर आधारित टेलीफिल्म का निर्देषन ।
सम्प्रति - छत्तीसगढ़ षासन, पंचायत एवम् ग्रामीण विकास विभाग की मासिक पत्रिका पंचमन का विगत पांच वर्षों से सम्पादन ।
निःषक्तजन परामर्ष केन्द्र, कलेक्टोरेट परिसर, रायपुर-492001 छत्तीसगढ़
सम्पर्क -एल आई जी 832 सेक्टर 5 हाउसिंग बोर्ड कालोनी सढढू रायपुर - 492007 छत्तीसगढ़ India mobile 009827406575
 



लघुकथा-

1. औरतें-(लेखनी-फरवरी-2008)

2. मूल्यांकन ( लेखनी-मई-2009)

3. धर्मींतरण का राज ( लेखनी अक्तूबर 2009)

4. चढ़ावा ( लेखनी-जुलाई-2010)

5. फ्यूजन ( लेखनी-जुलाई-2010)

6. कारण ( लेखनी-अक्तूबर-2010)

7. संदेह ( लेखनी-अक्तूबर-2010) 

8. पाप (लेखनी-अंक- 47- जनवरी-फरवरी 2011)

9. योग्यता ( लेखनी-जनवरी-2012)

10. सेवकपुर ( लेखनी-जनवरी-2012)



ओम प्रकाश कश्यप

सन 1959, जिला बुलंदशहर, भारत के एक गांव में. शिक्षा परास्नातक दर्शनशास्त्र. विगत तीस-बतीस वर्ष से शब्दों से दोस्ती. उपन्यास, कहानी, लघुकथा, व्यंग्य, लेख, विज्ञान, नाटक, कविता, बालसाहित्य, समाज, सहकारिता, जीवनी आदि विधाओं में नियमित लेखन-प्रकाशन. अभी तक तीस पुस्तकें प्रकाशित. अन्य चार प्रकाशनाधीन. साप्ताहिक समाचारपत्रों में व्यंग्य का॓लम तथा मासिक पत्रिका ‘सहकार संचय’ में सहकारिता आंदोलन पर करीब तीन साल तक नियमित लेखन. अभी तक प्रकाशित पुस्तकों में चार उपन्यास, चार नाटक संग्रह, तीन कहानी संग्रह, जीवनी, विज्ञान तथा व्यंग्य संग्रह, सहकारिता आंदोलन सहित करीब एक दर्जन पुस्तकें बालसाहित्य पर प्रकाशित. हिंदी अकादमी, दिल्ली द्वारा सन 2002 में कविता पुस्तक ‘वृक्ष हमारे जीवनदाता’ के लिए ‘बाल एवं किशोर साहित्य सम्मान’. ‘बालसाहित्य समीक्षा’ के ‘शिवकुमार गोयल विषेषांक’ का अतिथि संपादन (अक्टूबर- 2005). साथ ही विभिन्न साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में सहस्राधिक रचनाएं प्रकाशित एवं चर्चित!   

                                                                                                                                                     

प्रकाशित कृतियां

 

उपन्यास    जुग-जुग जीवौ भ्रष्टाचार, विजयपथ, ढाई कदम, जहरबाद, मिश्री का पहाड़

कहानी-संग्रह                    नन्ही का बटुआ, सोन मछली और हरी सीप, कहानी वाले बाबा, फरिश्ते.

व्यंग्य-संग्रह                            :               ताकि मनोबल बना रहे

नाटक-संग्रह                            :               पुल कहां नही है, स्वयंवर में लड़की, उत्सर्ग

बालकविता-संग्रह                   :               वृक्ष हमारे जीवनदाता

जीवनी : जननायक :               डा॓. भीमराव आंबेडकर

विज्ञान                                     :               आइंसटाइन और आपेक्षिकता का सिद्धांत

लघुकथा-संग्रह                        :               पगडंडियां

सहकारिता                               :               सहकारिता आंदोलन : उदभव एवं विकास (दो खंड)

बालनाटिकाएं                          :               हलवाई की दुकान से, दो राजा अलबेले

तथा बच्चों के लिए करीब दर्जन-भर पुस्तकें

प्रकाशनाधीन                           :               निगद (उपन्यास), तुम बिन(गीत संग्रह),

समाजवादी आंदोलन की पृष्ठभूमि : प्लेटो से मार्क्स तक

सहकारिताः सिद्धांत, स्वरूप और संभावनाएं

ब्लाग                                       :               आखरमाला एवं संधान

Email                                     :              opkaashyap@gmail.com   opkaashyap@indiatimes.c

संपर्क सूत्र -

जी- 571, अभिधा,

गोविंदपुरम, गाजियाबाद-

उत्तर प्रदेश, भारत

चांद परियाँ और तितली

बाल कहानी- 

1. नन्हा बहादुर ( लेखनी-अप्रैल-2010)

2. कथा गणतंत्र   ( लेखनी-अगस्त-2010)

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                 ओम निश्चल

कवि गीतकार, आलोचक और भाषाकर्मी

जन्म 15 दिसंबर, 1958 , प्रतापगढ़ ( उ.प्र.)


शिक्षाः एम.ए. ( हिन्दी व संस्कृत), पी.एच. डी. , पत्रिकारिता में डिप्लोमा।

प्रकाशन-

शब्द सक्रिय हैं ( कविता संग्रह)

द्वारिका प्रसाद माहेश्वरीः सृजन और मूल्यांकन (आलोचना)

साठोत्तरी हिन्दी कविता में विचार तत्व (शोध)

बैंकिंग वांग्मय  ( पांच खण्डों में) सहित भाषा विषयक अनेक पुस्तकें प्रकाशित।

द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी रचनावली ( तीन खण्ड) का संपादन और

मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा प्रकाशित तत्सम् शब्दकोश के सहयोगी संपादक।

हाल में नेशनल पब्‍लिशिंग हाउस नर्हदिल्‍ली से प्रकाशित सप्रसिद्ध कवि आलोचकडॉ.विश्‍वनाथप्रसाद तिवारी पर एकाग्रपुस्‍तक:

 विश्वनाथ प्रसाद तिवारीः लेखक का स्वाधीन विवेक का संपादन।

व्यावसायिक हिंदी ( दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए)

अधुनांतिक बाँग्ला कविता का संपादन , समीर रायचौधुरी के साथ।

कविता के स्थापत्य एवं विचार दर्शन पर विशेष कार्य।

विदेशी कविताओं के अनुवाद में गहरी दिलचस्पी।

पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर अनुशीलन पूर्ण लेखन।

अपने समय के अनेक महत्वपूर्ण लेखकों से बातचीत के जरिए बातचीत विधा को रम्य चर्चा में बदलने की पहल।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रकाशित उत्तर प्रदेश मासिक के सहायक संपादक के रूप में लगभग पाँच वर्ष तक कार्यरत रहे।

तत्पश्चात मानव संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार नई दिल्ली में जाने-माने आलोचक एवं भाषाविद् डॉ. नगेन्द्र के पर्यवेक्षण में कोश-संपादन।

हिंदी अकादमी दिल्ली द्वारा कविता के लिए सम्मानित।

फिलहाल: इलाहाबाद बैंक वाराणसी मंडल में वरिष्‍ठ राजभाषा प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं।

स्‍थायी पता: जी-1/506ए, उत्‍तम नगर,नईदिल्‍ली-110059 फोन: 011-

मंथन

1.एक तस्वीर ऐसी बने तो बना /जो बनारस बनारस बनारस बने  ( लेखनी -अंक 53- जुलाई 2011)

2. मांझी न बजाओ वंशी (लेखनी-अक्तूबर-2011)

3. जिओ उस प्यार से जो मैंने तुम्हें दिया है ( लेखनी-नवंबर-2011)

4. मेरा धन है स्‍वाधीन कलम (  लेखनी-दिसंबर-2011)

स्मरण

कुमार विमल : एक साधक का अवसान ( लेखनी-दिसंबर-2011)


बैठकी

लीलाधर मंडलोई के साथ ( लेखनी-अंक 55- सितंबर 2011)

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ओम सुधा

सरोकारः ( लेखनी-अगस्त-2011)

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डॉ. ओमप्रकाश श्रीनिवास येमुल

रागरंग

लेख -भारत इतरों का उद्गम स्थल ( लेखनी-नवंबर-2009)

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डॉ. उमेश यादव (यू.के.-बरमिंघम)

ज्ञान-भारती

लेख- वैदिक संस्कृति
(लेखनी-अंक-5-जुलाई 2007)
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इला प्रसाद


जन्म : ३ जून, रांची , झारखण्ड।

 शिक्षा : एम एस सी ( भौतिकी) रांची विश्व् विद्यालय , पी एच डी( भौतिकी ) काशी , हिन्दू विश्वविद्यालय। तत्पश्चात, कुछ वर्षॊ तक आई आई टी मुम्बई में शोध कार्य। देश/विदेश की प्रमुख शोध पत्रिकाओं में शोध पत्र प्रकाशित।

 छात्र जीवन से लेखन की शुरुआत। आरम्भ में कालेज पत्रिका एवं आकाशवाणी तक सीमित। साहित्य की कई विधाओं - कविता , कहानी ,संस्मरण, आलेख आदि में एक साथ  सक्रिय। विवाहोपरान्त अमेरिका आने के बाद लेखन में गति आई। अब तक भारत सहित देश /विदेश की लगभग सभी प्रमुख् पत्रिकाओं/ वेब पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित। अमेरिका की पत्रिका "हिन्दी जगत" के सम्पादक मंडल में । कनाडा की पत्रिका " हिन्दी चेतना " के कामिल बुल्के विशेषांक में सम्पादन सहयोग। भारत की पत्रिका " शोध- दिशा" के अमेरिकी प्रवासी कथाकार अंक का सम्पादन।

 

प्रकाशित कृतियाँ : -" धूप का टुकड़ा"( कविता संग्रह) ,  "इस कहानी का अन्त नहीं" ( कहानी संग्रह) । "उस स्त्री का नाम" ( कहानी संग्रह )

 

व्यवसाय : अध्यापन ( भौतिकी) । लोन स्टार कालेज सिस्टम से सम्बद्ध।

 

पता :   12934 Meadow Run

           Houston, TX 77066

            USA

 

Email :  ila_prasad1@yahoo.com


कहानी

मेज ( लेखनी-सितंबर-2011) 

सेल ( लेखनी-नवंबर-2011)

मंथन

  दूर देश के हिन्दी लेखक ( लेखनी-सितंबर-2011) 


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कमला सिंघवी


संवेदन शील  कवियत्री और सहज विचारक कमला सिंघवी स्व. लक्ष्मीमल सिंघवी की धर्मपत्नी होने के साथ-साथ स्वयं भी साहित्य का एक जानामाना और वरद हस्ताक्षर हैं।

संपर्क सूत्रः 18, मदर टैरेसा क्रिसेंट, नई दिल्ली-110011

लेख

संयुक्त परिवार के बदलते परिवेश और नए सीमांत ( लेखनी-सितंबर-2008)

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:

कवि कुलवंत सिंह'
जन्म : ११ जनवरी, १९६७ - रूड़की उत्तरांचल
शिक्षा : प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा : करनैलगंज गोंडा (उ. प्र.)
उच्च शिक्षा : अभियांत्रिकी, आई. आई. टी. रूड़की , (रजत पदक एवं ३ अन्य पदक)
प्रकाशन : पुस्तकें प्रकाशित :
१. निकुंज (काव्य संग्रह)
२. परमाणु एवं विकास (अनुवाद)
३. विज्ञान प्रश्न मंच पुस्तक (प्रकाशनाधीन) : 1. कण क्षेपण (विज्ञान)                                        2. चिरंतन (काव्य संग्रह)रचना एँ प्रकाशित : साहित्यिक पत्रिकाओं परमाणु ऊर्जा विभा ग, राजभाषा विभा ग केंद्र सरकार की विभि न्न गृह पत्रिकाओं , वैज्ञानिक आविष्कार में अनेक साहित्यिक एवं वैज्ञानिक रचना एँ प्रकाशित
पुरस्कार - सम्मान : काव्य लेख विज्ञान लेखों एवं विभागीय हिंदी सेवाओं के लिए
सेवाएँ : ' हिंदी विज्ञान साहित्य परिषद ' से १५ वर्षों से संबंधित
संस्थापक ' वैज्ञानिक' त्रैमासिक पत्रिका
विज्ञान प्रश्न मंचों का आयोजन
क्विज मास्टर
कवि सम्मेल नों में काव्य पाठ एवं मंच संचालन

संप्रति : वैज्ञानिक अधिकारी पदार्थ संसाधन प्रभाग
भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र मुंबई - ४०००८५
ईमेल : singhkw@indiatimes.com       singhkw@barc.gov.in
वेब पेज

 

www.kavikulwant.blogpost.com     www.PoetryPoem.com/kavikulwant

भव्य भारती :
 


लेख-लक्ष से जीत तक (लेखनी-मार्च 2008-वर्ष-2-अंक-1)

रागरंग

काले धन एवं नकली नोटों से छुटकारा-भ्रष्टाचार पूर्णतः खत्म
( लेखनी-फरवरी 2010- अंक 36) 
 

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कविता शर्मा

गुलदस्ता

 वर्तमान संदर्भ में संगीत चिकित्सा में  व्यवसाय की सम्भावनाएं (लेखनी-अगस्त 2009)


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कादम्बरी मेहरा (यू.के.-लंदन)

 

 

 कादंबरी मेहरा का नाम ब्रिटेन के उन प्रवासी कथाकारों के साथ लिया जाता है जिन्होंने पिछले दशक में

अपनी उपस्थिति से समस्त हिंदी साहित्यकारों का ध्यान अपनी ओर खींचा। उनके लेखन की शुरुआत वाराणसी के आज अखबार से हुई और बाद में वह स्कूल व कॉलेज की साहित्यिक गतिविधियों से जुड़ी रहीं।

अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर उपाधि लेने के बाद वे लंदन चली गयीं जहां अद्यापन को अपना कार्यक्षेत्र बनाया और 25 वर्षों तक इससे जुड़ी रहीं।

अवकाश प्राप्ति के बाद अब फिर से कहानी और उपन्यास की दुनिया में प्रवेश किया है। कुछ जग की नाम से उनका एक कहानी संग्रह भी प्रकाशित हुआ है। 

 

ऋतु-विशेष

लेख- वर्षा ऋतु और तीज-त्योहार-(लेखनी-जुलाई-2010)


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कोनी हावर्ड

रागरंग-पर्यटन

भारत में विश्व का एकमात्र ध्वनिकी स्थल ( लेखनी-अंक 7- सितंबर 2007)

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कृष्ण कुमार यादव 

उभरते हुए युवा साहित्यकार। सुगढ़ सोच के रचनाकार। अभी आपका लेख संग्रह 'अनुभूतियां और विमर्श'  2007 में आया है। वरिष्ठ डाक अधीक्षक, कानपुर नगर मंडल, कानपुर (उ.प्र. भारत)

स्मृति शेष-अमृता प्रीतम

लेख- अमृता प्रीतम एक कालजयी व्यक्तित्व( लेखनी-अंक12-फरवरी-2008)

लघु कथा- 1.   (लेखनी-अंक-4-वर्ष-2-जून-2008)
लघु कथा-   2.  (लेखनी-अंक-4-वर्ष-2-जून-2008)


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डॉ. कृष्णदेव झारी

मंथन- कवि पंत की सौंदर्य भावना ( लेखनी अंक 9 , नवंबर 2008)

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गिरीष पंकज

जन्म-१९५७, वाराणसी, शिक्षा- एम (हिंदी), बीजे( प्रावीण्य सूची  में प्रथम), लोक कला-संगीत में डिप्लोमा, विद्यावाचस्पति की मानद उपाधि, प्रकाशन- ३ व्यग्य उपन्यास( मिठलबरा कि आत्मकथा, माफिया,पालीवुड की अप्सरा), ८ व्यग्य संग्रह ( ट्यूशन शरणम गच्छामि, भ्रष्टाचार विकास प्राधिकरण, ईमानदारो की तलाश, नेताजी बाथरूम में, मंत्री को  जुकाम, मेरी ५१ व्यग्य रचनाये, हिट होने के फार्मूले, मूर्ती की एडवांस बुकिंग) सहित २९ पुस्तके प्रकाशित. एक ग़ज़ल संग्रह यादो में रहता है कोइ प्रकाश्य . सम्मान-पुरस्कार- अट्टहास सम्मान, लीलारानी स्मृति सम्मान, रमनिका फाउन्देशन  सम्मान, रामेश्वर गुरु सम्मान, करवट सम्मान, समन्वय सम्मान, केपी नारायणन पत्रकारिता सम्मान, हिंदी सेवाश्री सम्मान(त्रिनिदाद) सहित २० से ज्यादा सम्मान. विदेश प्रवास- दस देशो की यात्राए. विशेष- गिरीश पंकज की  व्यंग रचनाओ पर ६ शोध  हो चुके है. इस वक़्त कर्णाटक एवं पंजाब के दो शिक्षक शोध कार्य कर रहे है. अनुवाद - उपन्यास मिठलबरा का उड़िया एवं तेलुगु में  तथा माफिया का कन्नड़ में अनुवाद .   सम्प्रति- संपादक, " सद्भावना दर्पण", सदस्य, " साहित्य अकादमी", नई दिल्ली, अध्यक्ष-छत्तीसगढ़ रास्त्रभाषा प्रचार समिति.  संपर्क- जी-३१,  नया पंचशील नगर, रायपुर. छत्तीसगढ़. ४९२००१ मोबाइल :०९४२५२ १२७२०, ई मेल -  
girishpankaj1@gmail.com

स्मृति शेष- लेख- ( विष्णु प्रभाकर) - लेखनी अँक-34- दिसंबर 2009


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गिरेन्द्र सिंह भदौरिया

परिचर्चाः

देवी से वस्तु होती स्त्री की खुशफहमियाँ ( लेखनी अंक 44- अक्तूबर 2010)

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गोविंद प्रसाद

स्मृति-शेष (तलत महमूद)

लेख-तेरी हर चापों से जलते हैं खयालों में चिराग ( लेखनी-अँक 10- दिसंबर 2007)

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गोविन्द शर्मा

हास्य-व्यंग

सेक्स सिम्बल का इंटरव्यू (लेखनी -अप्रैल 2008)  पुनर्पाठ (लेखनी-अक्तूबर -2010)

 


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 गोपाल चतुर्वेदी

हास्य व्यंग्य

उधार का उत्सव   ( लेखनी- अगस्त-2008) 

भारत महान का अंगूठा प्रधान   ( लेखनी-जनवरी-2009)  

ब्यूटी और सीटी ( लेखनी-अप्रैल-2009)          

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गौतम सचदेव (यू.के.)

कवि,कहानीकार,व्यंग्यकार, आलोचक, भाषाविद् ,प्रवक्ता.प्रसारक और पत्रकार। जन्मः शेखूपुरा, पश्चिम पंजाब ( अब पाकिस्तान में)।                                                            शिक्षाः एम.ए (हिन्दी) पी.एच.डी. दिल्ली विश्वविद्यालय।                                             भाषाएँ- मुख्यतः हिन्दी , लेकिन अंग्रेजी, उर्दू और मातृभाषा पंजाबी में भी लेखन ( सबमें प्रकाशित)  प्रकाशित पुष्तकें - (काव्य-संग्रह)                                                     

  1.अधर का पुल                                                                       

2..एक और आत्म समर्पण (प्रथम लक्ष्मीमल सिंघवी सम्मान से सम्मानित)                                                          

3. बूँद-बूँद आकाश (गीत और गजल संग्रह                                                  

4. अपने-अपने तीर्थ  (प्रकाशनाधीन)

5. गीतों भरे   खिलौने (सचित्र बालगीत) भारत के सर्वश्रेष्ठ बाल साहित्य का राष्ट्रीय पुरस्कार) ।

कहानी संग्रह- कहानी तितली पर हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार।

1.साढ़े सात दर्जन पिंजरे( 33 कहानियां)  पद्मानंद साहित्य सम्मान।

2. अटका हुआ पानी (प्रकाशनाधीन) 

कहानी-

1. वह स्टूपिड और खंडहर ( लेखनी-सितंबर-2008)     

2. जीरे वाला गुड़ ( लेखनी-सितंबर-2011) 

चौपाल-  

सभ्य समाज का कलंकित चेहरा   ( लेखनी-सितंबर-2011)          

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घनश्याम अग्रवाल

गांधीवादी चेतना और गहरी मानवीय संवेदनाओं में डूबी घनश्याम अग्रवाल जी की लेखनी की उनके व्यक्तित्व की तरह ही एक सशक्त अनुगूंज है। 

लघुकथाः सबका मालिक एक ( लेखनी-जुलाई 2009)

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चित्रा मुद्गल

आज के दुहरे मूल्यों वाले समाज में एक बेहद संवेदनशील और सजग लेखिका, जो लिखती ही नहीं, उसे जीती भी हैं। आपने महिलाओं और यूनियन वर्ग के पक्ष में सक्रिय व सार्थक योगदान दिया है। रचनाएं सामाजिक चेतना और जिम्मेदारी से भरपूर। सम्मानित कथाकारा चित्रा मुद्गल का जन्म गांव निहालीखेड़ा जिला उन्नाव में हुआ। उत्पीड़ित और समाज के असुरक्षितों के लिए एक आवाज, एक आन्दोलन उठाती इनकी रचनाएँ मन पर गहरा असर छोड़ती हैं। इनके 'आवां' उपन्यास को  काफी पसंद किया गया है। इस हमाम में, जहर ठहर हुआ आदि इनके अन्य प्रसिद्ध कहानी संग्रह हैं। असंख्य कहानियों की रचयिता चित्रा मुद्गल का नाम आज पाठक और साहित्यकार दोनों ही वर्गों में आदर के साथ लिया जाता है।     

लघु कथा- मर्द ( लेखनी-अंक10-दिसम्बर 2007)

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चंद्रकान्ता

कश्मीर खंडित है, विवश है, क्षुब्ध है, उदास है लेकिन चंद्रकान्ता का प्रश्न है अपने उपन्यास में कि कश्मीर जो पृथ्वीरुपी नाव है उसमें विघटन के इन छेदों को रोके तो रोके कौन और कश्मीर को उसके कश्मीरत्व में लौटाए तो लौटाए कौन। ' कथा सतीसर' उपन्यास से बहुचर्चित और विख्यात चन्द्रकान्ता बेहद संवेदनशील और सुलझी सोच की लेखिका हैं। आपकी लेखनी बेहद सरल तरीके से सवालों को उठाती और उनके हल ढूंढती  हैं। सुलगते कश्मीर के एक पंडित परिवार में जन्मी चंद्रकांता को यह विचारों का मंथन बचपन से ही शायद सांस-सांस और घूंट-घूंट के साथ मिला।    

मंथन-

लेख-नई शताब्दी में हिन्दी कथा साहित्य (लेखनी-अँक 18- अगस्त-2008)

लेख- स्त्री-विमर्श ( लेखनी- अंक-26- अप्रैल-2009)


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चंद्रसेन यादव

लेख-लोककाव्य बिरहा लेखनी अंक 10, वर्ष 2 दिसंबर 2008)


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                        जयनंदन

जन्मः  २६ फरवरी, १९५६ नवादा (बिहार) के मिलकी गांव में।


द्गिाक्षाः  एम ए (हिन्दी)


कृतियां: अब तक कुल तेरह पुस्तकें प्रकाशित। 'श्रम एव जयते', 'ऐसी नगरिया में केहि विधि रहना', 'सल्तनत को सुनो गांववालो' (तीनों उपन्यास), 'सन्नाटा भंग', 'विश्व बाजार का ऊंट', 'एक अकेले गान्ही जी', 'कस्तूरी पहचानो वत्स','दाल नहीं गलेगी अब', 'घर फूंक तमाशा', 'सूखते स्रोत', 'गुहार' (आठों कहानी संग्रह), 'नेपथ्य का मदारी' तथा 'हमला' (दोनों नाटक)।


देश की प्रायः सभी श्रेष्ठ और चर्चित पत्रिकाओं में लगभग सौ

कहानियां प्रकाशित।


कुछ कहानियों का फ्रेंच, स्पैनिश, अंग्रेजी, जर्मन, तेलुगु, मलयालम गुजराती, उर्दू, नेपाली, मराठी, पंजाबी आदि भाषाओं में अनुवाद।


कुछ कहानियों के टीवी रूपांतरण टेलीविजन के विभिन्न चैनलों पर प्रसारित। नाटकों का आकाशवाणी से प्रसारण और विभिन्न संस्थाओं द्वारा विभिन्न शहरों में मंचन।

पुरस्कारःराधाकृष्ण पुरस्कार, विजय वर्मा कथा सम्मान, बिहार सरकार राजभाषा सम्मान, भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा सर्वश्रेष्ठ चयन के आधार पर युवा लेखक प्रकाशन सम्मान, बनारसी प्रसाद भोजपुरी सम्मान, झारखंड साहित्य सेवी सम्मान आदि।


संप्रतिःटाटा स्टील की गृह पत्रिकाओं का संपादन।


संपर्कःएस एफ-३/११६, टिस्को बाराद्वारी फ्लैट्‌स, साकची, जमशेदपुर-८३१००१ (झारखंड)


दूरभाषःआवास - (०६५७) २४३०१५६, २१४३९४२, ऑफिस - २४३११०२, २१४५४२७

मोबाइल - ०९४३१३२८७५८

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मेरा शहर-2

जमशेदपुर का सम्मोहन लाजवाब है ( लेखनी-जुलाई-2011)

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जितेन्द्र सहाय

हास्य व्यंग्य-यस सर (लेखनी अंक-11-जनवरी 2008)

 

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 जूली स्करडेनिस (अमेरिकन यात्रा लेखिका)

रागरंग-पर्यटन- राजस्थान की चित्रित हवलियां (लेखनी-अंक11- जनवरी 2008)

 

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तारा चन्द आहूजा

सरोकार

खुला पत्र ( लेखनी अंक 44- अक्तूबर 2010) ( लेखनी-नवंबर-2011)

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तेजेन्द्र शर्मा(यू.के.-लंदन)

जन्म / बचपन

21 अक्टूबर 1952 को पंजाब के शहर जगरांव के रेल्वे क्वार्टरों में. पिता वहां के सहायक स्टेशन मास्टर थे. उचाना, रोहतक (अब हरयाणा में) व मौड़ मंडी में बचपन के कुछ वर्ष बिता कर 1960 में पिता का तबादला उन्हें दिल्ली ले आया . पंजाबी भाषी तेजेन्द्र शर्मा की स्कूली पढाई दिल्ली के अंधा मुगल क्षेत्र के सरकारी स्कूल में हुई.शिक्षा

दिल्ली विश्विद्यालय से बी.ए. (ऑनर्स) अंग्रेज़ी, एम.ए. अंग्रेज़ी, एवं कम्पयूटर कार्य में डिप्लोमा . प्रकाशित कृतियां

कहानी संग्रह  : काला सागर (1990), ढिबरी टाईट (1994 - पुरस्कृत), देह की कीमत (1999), ये क्या हो गया ? (2003), यह घर तुम्हारा है (कविता संग्रह – 2007) पंजाबी में अनूदित कहानी संग्रह ढिम्बरी टाईट प्रकाशित. नेपाली मे अनूदित कहानी संग्रह पासपोर्ट का रंगहरू प्रकाशित. उर्दू मे अनूदित कहानी संग्रह ईटो का जंगल प्रकाशित. भारत एवं इंगलैंड की लगभग सभी पत्र पत्रिकाओं में कहानियां, लेख, समीक्षाएं, कविताएं एवं गज़लें प्रकाशित. कहानियों का पंजाबी, मराठी, गुजराती, उड़िया और अंग्रेज़ी में अनुवाद प्रकाशित.

अंग्रेज़ी में : 1.Lord Byron – Don Juan 2. John Keats – The Two Hyperions

अन्य लेखनः

दूरदर्शन के लिये शांति सीरियल का लेखन गतिविधियां

अन्नु कपूर द्वारा निर्देशित फिल्म अभय में नाना पाटेकर के साथ अभिनय . बीबीसी लंदन, ऑल इंडिया रेडियो, व दूरदर्शन से कार्यक्रमों की प्रस्तुति, नाटकों में भाग एवं समाचार वाचन. ऑल इंडिया रेडियो, व सनराईज़ रेडियो लंदन से बहुत सी कहानियों का प्रसार‌ण पुरस्कार / सम्मानढिबरी टाइट के लिये महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी पुरस्कार - 1995 प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के हाथों सहयोग फ़ाउंडेशन का युवा साहित्यकार पुरस्कार - 1998. सुपथगा सम्मान - 1987. कृति यूके द्वारा वर्ष 2002 के लिये बेघर आंखें को सर्वश्रेष्ठ कहानी का पुरस्कार. विशेष

कथा (यूके) के माध्यम से लंदन में निरंतर कथा गोष्ठियों, कार्यशालाओं एवं साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन . लंदन में कहानी मंचन की शुरू‏ आत वापसी से की. लंदन एवं बेंज़िंगस्टोक में, अंहिदीभाषी कलाकारों को लेकर एक हिंदी नाटक हनीमून का सफल निर्देशन एवं मंचन . अंतर्राष्ट्रीय इंदु शर्मा कथा सम्मान एवं पद्मानंद साहित्य सम्मान का प्रति वर्ष लंदन में आयोजन. अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन

1999 में छठे हिन्दी विश्व हिंदी सम्मेलन में हिन्दी और आगामी पीढ़ी विषय पर एक पर्चा पढ़ा जिसकी भूरी भूरी प्रशंसा हुई. सम्मेलन के एक सत्र का संचालन किया और कवि सम्मेलन में कविता पाठ किया.

2002 में त्रिनिदाद में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में हिन्दी एवं इंगलैंड का पाठयक्रम विषय पर एक पर्चा पढ़ा। वहीं आयोजित एक कवि सम्मेलन में कविता पाठ किया.

लंदन, मैनचेस्टर, ब्रैडफ़र्ड व बरमिंघम में आयोजित कवि सम्मेलनों में कविता पाठ .
यॉर्क विश्विद्यालय में कहानी कार्यशाला करने वाले ब्रिटेन के पहले हिन्दी साहित्यकार 

 कहानी-

1.कड़ियां--(लेखनी-अंक-2- अप्रैल-2007)

2. पासपोर्ट का रंग ( लेखनी-अगस्त-2011)

3. चरमराहट ( लेखनी-दिसंबर-2011)

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दयानंद पाण्डेय

अपनी कहानियों और उपन्यासों के मार्फ़त लगातार चर्चा में रहने वाले दयानंद पांडेय का जन्म ३० जनवरी, १९५८ को गोरखपुर जिले के एक गांव बैदौली में हुआ। हिंदी में एम.ए. करने के पहले ही से वह पत्रकारिता में आ गए। ३३ साल हो गए हैं पत्रकारिता करते हुए। उन के उपन्यास और कहानियों आदि की कोई पंद्रह पुस्तकें प्रकाशित हैं। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा 'लोक कवि अब गाते नहीं' उपन्यास पर प्रेमचंद सम्मान तथा 'एक जीनियस की विवादास्पद मौत' पर यशपाल सम्मान।

वे जो हारे हुए, हारमोनियम के हजार टुकडे, लोक कवि अब गाते नहीं, अपने-अपने युद्ध, दरकते दरवाजे, जाने-अनजाने पुल (उपन्यास), बर्फ  में फंसी मछली, सुमि का स्पेस, एक जीनियस की विवादास्पद मौत, सुंदर लडकियों वाला शहर, बडकी दी का यक्ष प्रश्न, संवाद (कहानी संग्रह), सूरज का शिकारी (बच्चों की कहानियां), प्रेमचंद व्यक्तित्व और रचना दृष्टि (संपादित) तथा सुनील गावस्कर की प्रसिद्ध किताब 'माई आइउल्स' का हिंदी अनुवाद 'मेरे प्रिय खिलाड़ी'' नाम से प्रकाशित। बांसगांव की मुनमुन (उपन्यास) तथा हमन इश्क मस्ताना बहुतेरे (संस्मरण) शीघ्र प्रकाश्य।

संपर्क :
५/७, डालीबाग़, ऑफिसर्स कॉलोनी, लखनउ
फोन नं. :  ०५२२-२२०७७२८
मोबाइल नं. :  ०९३३५२३३४२४
     ०९४१५१३०१२७

e-mail : dayanand.pandey@yahoo.com

व्यक्तित्व

अरविंद कुमार ( लेखनी-जुलाई-2011)

स्मृति शेष

कन्हैया लाल नंदन (लेखनी-जुलाई-2011)

श्रीलाल शुक्ल यानी साहित्यपुर के संत ( लेखनी-नवंबर-2011)

श्रद्धांजलि

अदम गोंडवी ( लेखनी-जनवरी-2012)

सरोकार

अमरकांत जी को मिले ज्ञानपीठ के बहाने (लेखनी-अक्तूबर-2011)

कहानी

फेसबुक में फंसे चेहरे ( लेखनी-अगस्त-2011)

उपन्यास- बांस गांव की मुनमुन

भाग-1 (लेखनी-मई-2011 )

भाग 2 ( लेखनी-जून-2011)

भाग 3 ( लेखनी-जुलाई-2011)

भाग 4 ( लेखनी-अगस्त-2011)

भाग 5 ( लेखनी-सितंबर-2011)

भाग 6 ( लेखनी-अक्तूबर-2011)

भाग 7 ( लेखनी-नवंबर-2011)

भाग 8 ( लेखनी-दिसंबर-2011)

भाग 9 ( लेखनी-जनवरी-2012)

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दामोदर सिंह

चांद परियां और तितली

प्रेरक प्रसंग-ऊँच-नीच-(लेखनी-अगस्त-2009)

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दिनेश ध्यानी
जन्म तिथि-   ०८अगस्त, १९६६
पिता का नाम-  स्वर्गीय गोबर्द्धन प्रसाद ध्यानी
माता जी का नाम-  स्वर्गीय माहेश्वरी देवी ध्यानी
निवास-   ७६-ड़ी. संसदीय आवास, वसंत विहार, नई दिल्ली-११००५७
शैक्षिक योग्यता-  एम.ए. हिन्दी
अन्य-   अनुवाद सिद्धान्त में स्नातकोत्तर ड़िप्लोमा।
लेखन-   सन् १९८६ से शुरू पर्वतीय टाईम्स, पाक्षिक, से शुरू
कार्यकारी सम्पादक-  शैलसाक्षी पत्रिका, जनविकास साप्ताहिक, देवभूमि की पुकार पाक्षिक समाचार पत्र,
वर्तमान में लेखन-  आज समाज दैनिक, प्रभासाक्षी पोर्टल पर लेखन
सम्प्रति-   राज्य सभा सचिवालय में सेवारत।
परिवार-   पत्नी व दो बेटे
बड़ा बेटा केन्द्रीय विद्यालय में १०वीं कक्षा में छोटा ६वीं कक्षा में
पत्नी-   गृहणी
सामाजिक-   उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन में सक्रिय
वर्तमान में गढ़वाल की
सबसे पुरानी संस्था- गढ़वाल हितैषिणी सभा, स्थापित- १९२३, के उपाध्यक्ष
सदस्य-   कादम्बिनी क्लब राज्य सभा,
उत्तराखण्ड पत्रकार संघ
अभिरूचि -   लेखन तथा घूमना
विशेष-   हिन्दी में एक कविता संग्रह मुझे मत मारो प्रकाशनाधीन, कन्याभ्रूण हत्या पर ।
सम्पर्क-   ०९९६८५०२४९६

e.mail - dineshdhyani@hotmail.com

मुद्दा -

1.पानी बिन प्यासे लोग ( लेखनी-नवंबर 2008)

2. गंगा ( लेखनी-सितंबर 2009)

3. बदलती जीवनशैलीः बढ़ते अपराध ( लेखनी-अगस्त -2010)

स्मृति शेष

1. गौरा देवीः चिपको आन्दोलन की जननी ( लेखनी-दिसंबर 2008)

2. पड़ाव ( लेखनी-जनवरी-2009)

संस्मरण

1. जीवन की सार्थकता (लेखनी-मई-2010)

पर्यटन

1. सीतावनस्यूं: सीता जी का दूसरा वनवास ( लेखनी-फरवरी-2009) पुनर्पाठ ( लेखनी-सितंबर 2009)

2. जिम कौरबेट पार्क ( लेखनी-अप्रैल-2009)

3. भागसू मंदिर ( लेखनी-सितंबर 2009)

परिदृश्य

1. बदलती जीवनशैली: बढ़ते अपराध   ( लेखनी-अँक 28-जून- 2009) 

2.सावधान पहाड़ गरमा रहे हैं ( लेखनी-सितंबर 2009) 

कहानी

अपना अपना दर्द ( लेखनी- अंक36-फरवरी 2010)

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दिलीप भाटिया


संपर्क सूत्रः

७ घ १२ जवाहर नगर,

जयपुर - ३०२००४

 ०९४६१५९१४९

लघु कथाएं  

1. बेवकूफ ( लेखनी-अक्तूबर-2011)

2. शिक्षा (लेखनी-अक्तूबर-2011)

3. मनी आर्डर ( लेखनी-नवंबर-2011)

4. कुपुत्र ( लेखनी-नवंबर-2011)

चांद परियाँ और तितली

एकला चलो रे ( लेखनी-नवंबर-2011)


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दिव्या माथुर


दिव्या माथुर : संक्षिप्त परिचय
जन्म एवं शिक्षा दीक्षा : दिल्ली में। एम. ए. (अँग्रेज़ी) के  तिरिक्त दिल्ली एवं ग्लास्गो से पत्रकारिता में डिप्लोमा। चिकित्सा पाण्डुलिपि का स्वतंत्र  अध्ययन ।

कर्मक्षेत्र : १९८५ में  आप भारतीय उच्चायोग से जुड़ीं  और १९९२ से नेहरु केंद्र में वरिष्ठ कार्यक्रम  अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। पिछले ढाई सालों में उन्होने ५०० से भी  अधिक कार्यक्रमों का  आयोजन किया है, उनका सालाना रिकार्ड  भी आज तक शायद ही कोई तोड़ पाया हो.  आपका लंदन के सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन में  पूर्व योगदान रहा है। रॉयल सोसाइटी  औफ आर्टस की फ़ेलो हैं। नेत्रहीनता से संम्बंधित कई संस्थायों में इनका  भूतपूर्व योगदान रहा है.  इसी विषय पर इनकी कहानियाँ  व कविताएँ ब्रेल लिपि में प्रकाशित हो चुकीं हैं।

वातायन : साउथ बैंक पर कविता की संस्थापक,  आशा फ़ाउंडेशन की संस्थापकसदस्य, यू के हिंदी समिति की उपाध्यक्ष, नाज़िया हसन फ़ाउंडेशन  और विंडरश पुरस्कार समितियों की सदस्य, कथा यू के की पूर्व  ध्यक्ष  और  अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन की सांस्कृतिक  अध्यक्ष, दिव्या माथुर प्रवासी टाईम्स की प्रबंध संपादक हैं  और कई पत्र, पत्रिकाओं के संपादक मंडल में शामिल हैं, जैसे कि अक्षरम, पुरवाई आदि।

प्रकाशित रचनाएँ : कविता संग्रह : अंतसलिला, रेत का लिखा, ख़्याल तेरा, चंदन पानी ११ सितम्बर : सपनों की राख तले,  जिसका विमोचन भारतीय प्रवासी कवि सम्मेलन के दौरान श्रीमती सुषमा स्वराज के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ  और प्रधानमंत्री अ टल बिहारी वाजपेयी जी ने  अपनी प्रतिक्रिया भी भिजवाइ,  आक्रोश (कहानी संग्रह  प्रो. स्टु र्ट मैक्ग्रेगर द्वारा विमोचित एवं पदमानंद साहित्य सम्मान द्वारा सम्मानित),


कहानी समकालीन

1041   ( लेखनी-मई--2011)

अंतिम तीन दिन ( लेखनी-जनवरी-2012)

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दीपिका जोशी (कुवैत)



 

जन्म : 10 जून 1957 को नागपुर, महाराष्ट्र में।

शिक्षा : विज्ञान स्नातक

कार्यक्षेत्र : पढ़ने लिखने और साहित्य में विशेष रुचि। हिंदी व मराठी दोनों भाषाओं में समान अधिकार। लेख, कविताएँ और कहानियाँ सभी कुछ प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने हिंदी से मराठी अनुवाद का कार्य भी किया है जो विभिन्न मराठी पत्रिकाओं में प्रकाशित हुआ है।
1993 से कुवैत में।
कंप्यूटर से विशेष लगाव।

संप्रति : अभिव्यक्ति व अनुभूति टीम की सदस्य।



बाल कहानी-

एक हास्य, एक स्पर्श (मराठी लोक कथा पर आधारित) (लेखनी-अंक 11-जनवरी 2008)

 

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देवमणि पाणडे

चौपालः वर्षा ऋतु-शब्द चित्र ( लेखनी-अंक 31-सितंबर-2009)

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देवी नागरानी


लघुकथाः

1.ममता का कर्ज ( लेखनी-अंक 31-सितंबर-2009)

2. समय की दरकार ( लेखनी अंक 36-फरवरी-2010)

5. दो गज जमीन चाहिए ( लेखनी अंक 36-फरवरी-2010)

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धर्मपाल महेन्द्र जैन (न्यूयार्क0

व्यंग्य-

सहमति की संस्कृति (लेखनी-सितंबर-2008)

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नगमा जावेद अख्तर

रूबरु

फिरदौस से गुमशुदा (लेखनी-अक्तूबर-2011)

डॉ. अम्बेडकर के विचार (लेखनी-अक्तूबर-2011)

भारतीय समाज:महिला उत्पीड़न कल और आज  ( लेखनी- जनवरी-2012)

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नदीम अहमद नदीम

लघुकथा-बहू-बेटी-लेखनी-फरवरी-2008

 

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नरेन्द्र कोहली

 

6 जनवरी 1940 में सियालकोट, पंजाब ( अब पाकिस्तान) में जन्मे और आज के तुलसीदास की उपाधि से विख्यात श्री नरेन्द्र हिन्दी साहित्य में एम.ए. के बाद  1970 में पी.एच.डी की उपाधि प्राप्त की। 1995 में स्वैच्छिक अवकाश लेकर साहित्य आन्दोलन पर कार्यरत योद्धा और समाज के उत्थान में जीवन समर्पित। करीब 100 पुष्तकों की रचना। कहानी, लेख ,नाटक, व्यंगय, बाल साहित्य सभी। महर्षि विवेकानन्द से विशेषतः प्रभावित।  कोहली जी की कलम तलवार की धार-सी तेज है। समाज की कुरीतियों पर न सिर्फ उनकी नजर है अपितु उन्हें जड़ से उखाड़ने के लिए उनकी लेखनी सतत प्रयत्न-शील भी है।  

व्यंग्य-विधा द्वारा भी वह अपना गूढ़ चिंतन और संदेश दोनों ही पाठकों तक पहुंचाने में भली-भांति सक्षम है।

पुरस्कार तथा सम्मान

1. राज्य साहित्य पुरस्कार 1975-76 ई. (साथ सहा गया दुख) शिक्षा विभाग, उत्‍तरप्रदेश शासन, लखनऊ।

2. उत्‍तरप्रदेश हिंदी संस्थान पुरस्कार 1977-78 ई. (मेरा अपना संसार), उत्‍तरप्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ।

3.इलाहाबाद नाट्य संघ पुरस्कार, 1978 ई. (शंबूक की हत्या), इलाहाबाद नाट्य संगम, इलाहाबाद।

4. उत्‍तरप्रदेश हिंदी संस्थान पुरस्कार, 1979-80 ई. (संघर्ष की ओर) उत्‍तरप्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ।

5. मानस संगम साहित्य पुरस्कार, 1978 ई. (समग्र रामकथा), मानस संगम, कानपुर।

6. श्रीहनुमान मंदिर साहित्य अनुसंधान संस्थान विद्यावृत्ति - 1982 ई. (समग्र रामकथा), श्रीहनुमान मंदिर साहित्य अनुसंधान संस्थान, कोलकाता।

7.साहित्य सम्मान 1985-86 ई. (समग्र साहित्य), हिंदी अकादमी, दिल्ली।

8. साहित्यिक कृति पुरस्कार, 1987- 88 ई. (महासमर-1, बंधन), हिंदी अकादमी, दिल्ली।

9.डॉ. कामिल बुल्के पुरस्कार 1989-90 ई. (समग्र साहित्य), राजभाषा विभाग, बिहार सरकार, पटना।

10. चकल्लस पुरस्कार, 1991 ई. (समग्र व्यंग्य साहित्य), चकल्लस पुरस्कार ट्रस्‍ट, 81 सुनीता, कफ परेड, मुंबई ।

11. अट्टहास शिखर सम्मान - 1994 ई. (समग्र व्यंग्य साहित्य), माध्यम साहित्यिक संस्थान, लखनऊ।

12. शलाका सम्मान 1995- 96 ई. (समग्र साहित्य), दिल्ली हिंदी अकादमी, दिल्ली।

13. साहित्य भूषण - 1998 (समग्र साहित्य), उत्‍तरप्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ।

14. डॉ. हेडगेवार प्रज्ञा सम्मान - 2000 ई. (समग्र साहित्य), श्रीबड़ाबाजार कुमारसभा पुस्तकालय, कोलकाता ।

15. रामकथा सम्मान - 2003 ई. (अभ्युदय), साकेत निधि, दिल्ली।

16. भाषा भूषण - 2004 ई., साहित्य मंडल, श्रीनाथद्वारा, (राजस्थान)    

17. हिंदी गौरव - 2005 ई., साहित्य सभा, सीतापुर (उत्‍तरप्रदेश)

18. पंडित दीनदयाल उपाध्याय सम्मान - 2004 ई. (समग्र साहित्‍य), उत्‍तरप्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ।

 पुस्तकों का अनुवाद

1.दीक्षा (नेपाली) 1978 ई., अनुवादक : सुवास दीपक, प्रकाशक: सुधा (पत्रिका), अक्तूबर 1978 ई. गांतोक

2.दीक्षा (कन्नड़)1981 ई.,अनुवादक: तिप्पेस्वामी तथा नागराज, प्रकाशक: आनन्द प्रकाशन, 1055 देवपार्थिव रोड, चामराज मुहल्ला, मैसूर।

3.निर्णय रुका हुआ (मराठी)1984 ई., अनुवादिका: श्रीमती लीला श्रीवास्तव, प्रकाशक: श्रीविशाख प्रकाशन, 58 शनिवार पेठ, पुणे।

4.आत्मदान (कन्नड़) 1987 ई., अनुवादक: श्री.रा.ना.ना. मूर्ति, प्रकाशक: संक्रांति पब्लिशर्स, फोर्ट, आजमपुर (कर्नाटक)

5.दीक्षा (उड़िया) 1988 ई., अनुवादक: डॉ. अजयकुमार पटनायक, प्रकाशक: उडिया हिंदी परिवेश, सूताहाट, कटक - 1

6.दीक्षा (मराठी) 1990 ई. अनुवादक: द. प. जोशी, प्रकाशक: मराठी साहित्य परिषद्, हैदराबाद।

7. बंधन (महासमर-1) - उड़िया- 1996 ई., अनुवादक: सुभाषचंद्र महापात्र, प्रकाशक: प्रजातंत्र प्रचार समिति, कटक।

8. अभिज्ञान (कन्नड़) 1997 ई., अनुवादक: डी.एन. श्रीनाथ,  प्रकाशक: काव्यकला प्रकाशन,1273,सातवां क्रॉस, चंद्र लेआउट, विजयनगर, बंगलूरु - 560040

9. दीक्षा (अंग्रेजी) 1997 ई., अनुवादक : सोमदेव कोहली,

प्रकाशक : क्रिएटिव बुक कंपनी, ई 4/24 ए, मॉडल टाउन, दिल्ली- 110009

10. अभिज्ञान (मलयालम - कर्मयोगम्) 1999 ई., अनुवादक: डॉ. के. सी. अजयकुमार,डॉ.(श्रीमती) के.सी. सिंधु, प्रकाशक: अमृतसागर,आतिथ्य, एट्टूमानूर

11. अभिज्ञान (मलयालम - कर्मयोगम्) 2006 ई., अनुवादक: डॉ. के. सी. अजयकुमार, डॉ.(श्रीमती) के.सी. सिंधु, प्रकाशक: श्री शबरीगिरि पब्लिकेशंस, कदापरा, कुंबनाड, (केरल)

12. बंधन (महासमर-1) - मलयालम - 2004 ई., अनुवादक : डॉ. शशिकुमार, प्रकाशक: सांस्कृतिक विभाग, केरल सरकार, तिरुवनन्तपुरम्  

13. अभ्युदय (मलयालम - अभ्युदयम्), 2003 ई., अनुवादक : डॉ. (श्रीमती) के.सी.सिंधु तथा डॉ.के.सी. अजयकुमार, प्रकाशक : डी. सी. बुक्स, तिरुवनन्तपुरम्

14. दीक्षा (अंग्रेज़ी - इनिशिएशन) 2007 ई. अनुवादक : सोमदेव कोहली, प्रकाशक : डाय:मंड बुक्‍स, नई दिल्‍ली

15. साथ सहा गया दुख (पंजाबी), (प्रकाश्य), अनुवादक: डॉ. बलदेवसिंह बद्दन, प्रकाशक: भाषा विभाग पंजाब, पटियाला।

16. अधिकार (महासमर - 2) - उडिया - (प्रकाश्‍य), अनुवादक : सुभाषचंद्र महापात्र, प्रकाशक : प्रजातंत्र प्रचार समिति, कटक।

17. दीक्षा (कन्‍न्‍ड़ - दीक्षे), 2006 ई. (अनुवादक: एम. वी. नागराजा राव तथा डॉ. तिप्‍पेस्‍वामी), प्रकाशक : हेमंत साहित्‍य, राजाजी नगर, बंगलूर - 560010

18. अवसर (कन्‍नड - संदर्भ), 2006 ई., (अनुवादक: एम. वी. नागराजा राव), प्रकाशक : हेमंत साहित्‍य, राजाजी नगर, बंगलूर - 560010

19. संघर्ष की ओर ( कन्‍नड - संघर्ष ), 2006 ई. (अनुवादक: एम. वी. नागराजा राव), प्रकाशक : हेमंत साहित्‍य, राजाजी नगर, बंगलूर - 560010

20. साक्षात्‍कार (कन्‍नड - साक्षात्‍कारा), 2006 ई. (अनुवादक: एम. वी. नागराजा राव), प्रकाशक : हेमंत साहित्‍य, राजाजी नगर, बंगलूर - 560010

21. पृष्‍ठभूमि (कन्‍नड़ - भूमिके), 2006 ई. (अनुवादक: एम. वी. नागराजा राव), प्रकाशक : हेमंत साहित्‍य, राजाजी नगर, बंगलूर - 560010

22. अभियान (कन्‍नड - अभियाना), 2006 ई. (अनुवादक: एम. वी. नागराजा राव), प्रकाशक : हेमंत साहित्‍य, राजाजी नगर, बंगलूर - 560010

23. युद्ध (कन्‍नड - युद्ध), 2006 ई. (अनुवादक: एम. वी. नागराजा राव), प्रकाशक : हेमंत साहित्‍य, राजाजी नगर, बंगलूर - 560010

 

 

व्यंग्य-

पकड़े गये( लेखनी-अंक-4-वर्ष-1-जून-2007) 
शतब्दि का टिकट( लेखनी-अंक-6-वर्ष-1, अगस्त-2007)
खाली करने वाले ( लेखनी-अंक-3-वर्ष 2-मई 2008)                                                                                                                                                                                                     चिंता दलाई लामा के लिए( लेखनी-अंक-5- वर्ष 2- जुलाई 2008)                                                                                                                                                                                                         केरल के वन ( लेखनी-अंक 9-वर्ष-2-नवंबर 2008)                                                                                                                                                                                                     झगड़ा (लेखनी अंक10, वर्ष 2-दिसंबर 2008)                                                                                                                                      

 महबूबा से ....( लेखनी अँक 1, वर्ष 3-मार्च 2009)

आत्मदृष्टि- व्यंग्य और मैं ( लेखनी-अंक-5- वर्ष 2- जुलाई 2008)

मुद्दा - ऐतिहासिक रामसेतु ( लेखनी-अंक 8 -वर्ष 2-अक्तूबर 2008) 

परिचर्चीः -हिन्दी, अन्य भारतीय भाषाएँ और हमारी सांस्कृतिक एकता (लेखनी-दिसंबर-2009)

उपन्यास (वासुदेव) अंश-पिता का नाम (लेखनी-अंक-7-सितंबर 2007)

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नर्मदा प्रसाद उपाध्याय

ललित-

रंग के रूपायन ( लेखनी-अप्रैल- अंक 37-वर्ष 4)

ई-1, महाशेवेता नगर, सेल्स टैक्स कॉलोनी

उज्जैन-456010

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नर्मदा प्रसाद सिसौदिया

मंथन-

लेख- सृजन में जल  (लेखनी-जुलाई-अंक-5-वर्ष-2)  


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नादिया तेसिच

यूगोस्लाविया की हैं और आजकल न्यूयौर्क में रहती हैं लेकिन न्यूयौर्क में रहते हुए भी अपनी जमीन से जुड़ी हैं। उनके अपने परिवार के काफी सदस्य युद्ध में मारे गये। इसलिए उनकी रचनाओं में मार्मिक अभिव्यक्ति पायी जाती है। ये अभी भी यूगोस्लाविया जाती रहती हैं। उन्होंने न्यूयौर्क की पृष्ठभूमि पर भी नाटक और कहानियां लिखी हैं। गोरिल्ला युद्ध पर उनका उपन्यास पार्टी-सन हाल ही में प्रकाश में आया है।


सम्प्रति न्यूयौर्क में रहते हुए सामाजिक स्थितियों पर लेखन में व्यस्त। आपकी निम्नांकित कहानी का हिन्दी में अनुवाद प्रसिद्ध लेखिका मृदुला गर्ग ने किया है।

कहानी समकालीन- आखिरी बयान की तलाश में ( लेखनी-दिसंबर-2009)

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नरोत्तम नागर

मंथन

क्या है साहित्य का उद्देश्य - अनुवादः मैक्सिम गोर्की ( लेखनी जून-2010)


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डॉ. नलिनी कुमार नायक

अवकाश निवृत्त प्रधान शिक्षक

नायक साहि, कटक- 753009, ओड़िशा                

परिचर्चाः क्षुद्र गल्प की भूमिका- (लेखनी-जून-2010)

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निर्मला सिंह


जन्म स्थान, तिथि : बरेली, ०९ अप्रैल, १९४३
शिक्षा : एम.ए., एल.टी.
प्रकाशित पुस्तकें : उपन्यास - पिघलता सीसा, अक्षम्य
लघुकथा संग्रह - बबूल का पेड़, सांप और शहर।
कहानी संग्रह - पिंजरा खुल गया, क्षितिज के पार, धुंए के पहाड़, संजीवनी बूटी, धुंए की इमारत, सन-सेट-व्यू, मुठ्ठी में बंद खुशबू।
सम्मान : भारत व यूके की अनेक संस्थाओं द्वार सम्मानित
प्रकाशन : लगभग सभी भारतीय पत्र-पत्रिकाओं एवं पत्रिका पुरवाई (लन्दन) तथा बी.बी.सी., व आकाशवाणी से रचनाएं प्रकाशित प्रसारित

लघुकथाः

प्रतिरूप (लेखनी-अंक24-फरवरी 2009)

खेल ( लेखनी-अंक 38-अप्रैल 2010)

गुरु दक्षिणा ( लेखनी-अंक 38-अप्रैल 2010)

दाह संस्कार ( लेखनी-अंक 46 दिसंबर 2010)

बाल कहानीः

सही रास्ता ( लेखनी-अंक 36- फरवरी 2010) 

रंग-बिरंगे फूल ( लेखनी-अँक 39 -मई-2010)


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नीरज नैथानी

 

15 जून 1961

 

एम. ए. अँग्रेजी, समाज शास्त्र, इतिहास। पर्यटन में स्नातकोत्तर डि., बी.एड.

रंगमंच पर अभिनय, हिमालय में पथारोहण, पर्यटन, पर्यावरणीय अभियानों का संचालन।

इँगलैंण्ड, मारीशस, बहरेन, मस्कट, नेपाल की विदेश यात्रा।

लेखन- कविता, यात्रा-संस्मरण, लघुकथा, ललित निबंध, आलेख।

24 वें तथा 26 वें अंतर्राष्ट्रीय हिंदी अधिवेशन मारीशस व 29 वें अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन इंगलैंड में प्रतिभाग।

भारत वर्ष के अनेक अखिल भारतीय हिन्दी सम्मेलनों में काव्यपाठ व आलेख वाचन।

अनेक अंतर्ऱाष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित। संपर्क सूत्रः bZ esy-  h_heato@yahoo.com

 

लघु कथा- किराये का मकान (लेखनी-अंक 10-2007)

 

 

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डी. बालसुब्रमण्यम

ज्ञान-विज्ञान

चीटियों का अद्भुत ट्रैफिक सेन्स (लेखनी-जनवरी-2010)

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डोमन साहू समीर

मन्थन

लेखः रवीन्द्रनाथ ठाकुर के काव्य में पावस परिदृष्य ( लेखनी- जुलाई-2007

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डॉ. पदमचन्द्र काश्यप


मंथन

क्या है संस्क़ति (लेखनी अंक 10, वर्ष 2 दिसंबर 2008)

देवी-देवता ( लेखनी-सितंबर 2009)

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डॉ. परमानन्द पांचाल

हिन्दी के जाने-माने वरिष्ट साहित्यकार।

हिंदी भूषण, राष्ट्रीय गौरव, हिन्दी सेवी सम्मान, उत्तरांचल रत्न, हिंदी गौरव सम्मान से सम्मानित      

संपर्क सूत्र- 232, ए, पॉकेट,

मयूर बिहार,

दिल्ली-110091

शब्द-भारती

हमारी भाषा और संस्कृति पर शतरंज का प्रभाव ( लेखनी-अंक-7-सितंबर-2007)

 

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प्रकाश मनु

संपर्क सूत्रः 545 सेक्टर, 29 फरीदाबाद, 121-008 (हरियाणा)

परिचर्चा

बच्चों की दुनिया का हर रंग है आज की बाल कहानियों में ( लेखनी-जनवरी-2010)

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प्रतिभा मुदलियार. 

 
रीडर हिंदी विभाग, मैसुर विश्वविद्यालय, मानस गंगोत्री, मैसुर

जन्मः बेलगाँव, कर्नाटक,

शिक्षाः एम.ए., पीएच.डी. डी.लिट, डिप्लोमा इन ट्रान्सलेशन

प्रकाशितकृतियाँ – ★नरेश मेहता के काव्य का अनुशिलन

            ★लेख और आलेख

            ★नाच री घुमा (अनुवाद)

            ★क्षण हवे नको ते (हिंदी उपन्यास का  मराठी अनुवाद)

            ★खण्ड खण्ड अग्नि (हिंदी काव्य नाटक का  मराठी अनुवाद)

            ★नदी संगे वाहताना (कन्नड कविताओं का  मराठी अनुवाद)

            ★हाशिए पर (कविता संग्रह)

पुरस्कारः ★राष्ट्रीय पुरस्कार, केन्द्रीय हिंदी निदेशालय , दिल्ली.1996

       ★सारस्वत सम्मान, हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग.

       ★हिंदी मार्तंड, भाषा परिषद, प्रयाग

 

 आकलन
लेख- समकालीन कविता और गजल की प्रासंगिकता (दुष्यंत कुमार के विशेष संदर्भ में)

(लेखनी-अँक10-दिसंबर 2007)

लेख- त्रिलोचन की कविताः ठेठ का ठाठ ( लेखनी- अंक 28-जून-2009)



 

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प्रदीप अग्रवाल

जन्मः 18 मई 1955

शिक्षा बी.एस. सी.

चांद परियां और तितली

कछुआ और खरगोशः पंचतंत्र की नीतिकथा नए संदर्भ में  

(लेखनी-अप्रैल-2009)

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 प्रतापसिंह सोढ़ी

प्राचार्यपद से सेवा निवृत्त प्रतापसिंह सोढ़ी पत्र पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित होते रहते हैं। लघुकथा संग्रह त्रिवेणी में संकलित और समप्रभ का आपने सह सम्पादन किया है।


लघुकथा- सहनशीलता (लेखनी-जनवरी-2009)

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प्रवीण प्रभाकर

परिचर्चा

लोकनाट्य चुनौती और संभावना (लेखनी अंक 10, वर्ष 2 दिसंबर 2008)

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             प्रभु जोशी



जन्म12 दिसंबर, 1950

देवास मध्यप्रदेश के राँवा गांव में जन्मे प्रभु जोशी बहु प्रतिभा धनी हैं।  आपने जीवविज्ञान में स्नातक तथा रसायन विज्ञान में स्नातकोत्तर के उपरांत अंग्रेज़ी साहित्य में भी प्रथम श्रेणी में एम.ए. किया। अंग्रेज़ी की कविता स्ट्रक्चरल ग्रामर पर विशेष अध्ययन।[

पहली कहानी 1973 में धर्मयुग में प्रकाशित। 'किस हाथ से', 'प्रभु जोशी की लंबी कहानियाँ' तथा उत्तम पुरुष' कथा संग्रह प्रकाशित। नई दुनिया के संपादकीय तथा फ़ीचर पृष्ठों का पाँच वर्ष तक संपादन। पत्र-पत्रिकाओं में हिंदी तथा अंग्रेज़ी में कहानियों, लेखों का प्रकाशन। चित्रकारी बचपन से। जलरंग में विशेष रुचि।

सरोकार

लेख-इसलिए विदा करना चाहते हैं हिन्दी को...( लेखनी-अप्रैल-2010)

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प्रभु दयाल श्रीवास्तव

जन्म      4 अगस्त 1944 धरमपुरा दमोह {म.प्र.]
शिक्षा      वैद्युत यांत्रिकी में पत्रोपाधि
लेखन      विगत दो दशकों से अधिक समय से कहानी,कवितायें व्यंग्य ,लघु कथाएं लेख,        बुंदेली लोकगीत,बुंदेली लघु कथाए,बुंदेली गज़लों का लेखन

प्रकाशन     लोकमत समाचार नागपुर में तीन वर्षों तक व्यंग्य स्तंभ तीर तुक्का, रंग बेरंग में            प्रकाशन,दैनिक भास्कर ,नवभारत,अमृत संदेश, जबलपुर एक्सप्रेस,पंजाब केसरी,एवं देश के लगभग सभी हिंदी समाचार पत्रों में व्यंग्योँ का प्रकाशन, कविताएं बालगीतों क्षणिकांओं का भी प्रकाशन हुआ|पत्रिकाओं में भी कई रचनाएं प्रकाशित

 कृतियां       1 दूसरी लाइन [व्यंग्य संग्रह]शैवाल प्रकाशन गोरखपुर से प्रकाशित
                  2 बचपन गीत सुनाता चल[बाल गीत संग्रह]बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केन्द्र भोपाल से प्रकाशित               

              3 बचपन छलके छल छल छल[बाल गीत संग्रह]बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केन्द्र भोपाल से प्रकाशित

               प्रकाशनाधीन  1 बिल क्लिंटन का नाम करण संस्कार[व्यंग्य संग्रह}शैवाल प्रकाशन

                              2 शाला है अनमोल खजाना[बाल गीत संग्रह]बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केन्द्र     भोपाल

                              3      बच्चे सरकार चलायेंगे[बाल गीत संग्रह]बाल कल्याण.....................

प्रसारण     आकाशवाणी छिंदवाड़ा से बालगीतों,बुंदेली लघु कथाओं एवं जीवन वृत पर परिचर्चा का प्रसारण

सम्मान    राष्ट्रीय राज भाषा पीठ इलाहाबाद द्वारा "भारती रत्न "एवं "भारती भूषण सम्मान"

         श्रीमती सरस्वती सिंह स्मृति सम्मान वैदिक क्रांति देहरादून एवं हम सब साथ साथ पत्रिका दिल्ली

          द्वारा "लाइफ एचीवमेंट एवार्ड"

         भारतीय राष्ट्र भाषा सम्मेलन झाँसी द्वारा" हिंदी सेवी सम्मान"

         शिव संकल्प साहित्य परिषद नर्मदापुरम होशंगाबाद द्वारा"व्यंग्य वैभव सम्मान"

 

        युग साहित्य मानस गुन्तकुल आंध्रप्रदेश द्वारा काव्य सम्मान

 

विशेष     बुंदेली लोक गीत,गज़लें बुंदेली साहित्य  पर लेख| वर्ष 2009 में साहित्य अकादमी दिल्ली में आयोजित बुंदेलखंड साहित्य परिषद भोपाल के कार्यक्रम में रवींद्र भवन दिल्ली में बुंदेली की दक्षिणी सीमाऐं विषय पर आलेख का पाठन|

फरवरी 2011 में सृजन सम्मान संस्था रायपुर के साथ तृतीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन  बैंकाक‌ में शिरकत की एवं बाल साहित्य सम्मान से सम्म्मानित‌

संप्रति       सेवा निवृत कार्यपालन यंत्री म. प्र.विद्युत मंडल छिंदवाड़ा से

 

संपर्क        12, शिवम सुंदरम नगर छिंदवाड़ा[ म.प्र.]

 हास्य व्यंग्यः

1. मंत्री जी और वारे लाल (लेखनी-अँक-9-नवम्बर-2007)

2.  हरि अनंत हरिकथा अनंता ( लेखनी-अगस्त-2011)   

3. भ्रष्टाचार की योग‌ पाठशाला ( लेखनी-दिसंबर-2011)

दो लघुकथाएं

1. बचत ( लेखनी-अगस्त-2011)   

2. सरकारी फंड ( लेखनी-अगस्त-2011)                                     

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प्राण शर्मा  (यू. के)

विविधा
प्रेरक प्रसंग-शिष्टता (लेखनी-अंक-6-अगस्त-2007) 


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प्रियंवद्

आज के बहुचर्चित, सशक्त रचनाकार। आपकी कुछ कहानियों पर अभद्रता का भी आरोप लगा है।

कहानी - दर्शक (लेखनी अंक-49-50- मार्च-अप्रैल 2011)



प्रेम जनमेजय                                                                                                              जन्मः  18 मार्च, 1949,  इलाहाबाद , उ. प्र. , भारत ।
प्रेम जनमेजय व्यंग्य- लेखन के परंपरागत विषयों में स्वयं को सीमित करने में विश्वास नहीं करते हैं। उनका मानना है कि व्यंग्य लेखन के अनेक उपमान मैले हो चुके हैं। बहुत आवश्यक है सामाजिक एवं आर्थिक विसंगतियों को पहचानने तथा उन पर दिशायुक्त प्रहार करने की। व्यंग्य को एक गंभीर कर्म तथा सुशिक्षित मस्तिष्क के प्रयोजन की विधा मानने वाले प्रेम जनमेजय आधुनिक हिंदी व्यंग्य की तीसरी पीढ़ी के सशक्त हस्ताक्षर हैं। पिछले चौंतिस वर्षों से साहित्य रचना में सृजनरत इस साहित्कार ने हिंदी व्यंग्य को सही दिशा देने में सार्थक भूमिका निभाई है। परंपरागत विषयों से हटकर प्रेम जनमेजय ने समाज में व्याप्त अर्थिक विसंगतियों तथा सांस्कृतिक प्रदूषण को चित्रित किया है।

प्रकाशित कृतियां- व्यंग्य संकलन --
                    राजधानी में गंवार , बेर्शममेव जयते , पुलिस ! पुलिस ! , मैं नहीं माखन खायो,
                    आत्मा महाठगिनी , मेरी इक्यावन व्यंग्य रचनाएं, शर्म मुझको मगर क्यों आती !
                    डूबते सूरज का इश्क, कौन कुटिल खल कामी ।
                                     
संपादन -        प्रसिद्ध  व्यंग्य पत्रिका 'व्यंग्य यात्रा' के संपादक               
                     बींसवीं शताब्दी उत्कृष्ट साहित्यः व्यंग्य रचनाएं ।
                     नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित 'हिंदी हास्य व्यंग्य संकलन '
                     श्रीलाल शुक्ल के साथ सहयोगी संपादक।
 बाल साहित्य --   शहद की चोरी , अगर ऐसा होता , नल्लुराम ।     
 नव -साक्षरों के लिए  खुदा का घडा, हुड़क, मोबाईल देवता ।

सम्मान, पुरस्कार -  'व्यंग्यश्री सम्मान' -2009                
                        कमला गोइन्का व्यंग्यभूषण सम्मान- 2008
                        संपादक रत्न सम्मान- 2006 ;हिंदी साहित्य समिति,नाथद्वारा
                       हिन्दी निधि तथा भारतीय विद्या संस्थान; त्रिनिडाड एवं टुबैगो  
                       द्वारा विशिष्ट  सम्मान - 2002
                       अवन्तिका सहस्त्राब्दी सम्मान - 2001
                        हरिशंकर परसाई स्मृति पुरस्कार-1997
                        हिंदी अकादमी साहित्यकार सम्मान - 1997 - 98
                        अंतराष्ट्रीय बाल साहित्य दिवस पर 'इंडो रशियन लिट्रेरी क्लब 'सम्मान -1998
                        प्रकाशवीर शास्त्री सम्मान   -- 1997
अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों  साहित्य अकादमी, सांस्कृतिक संबंध् परिषद् एवं अक्षरम् के संयुक्त तत्वावधन में आयोजित
 कार्यक्रमों में भागीदारी।   'प्रवासी हिंदी उत्सव -2006' एवं 2007 की अकादमिक समिति के संयोजक
                      वेस्ट इंडीज+ विश्वविद्यालय , हिन्दी निधि तथा भारतीय उच्चायोग द्वारा त्रिनिडाड में
                       17 से 19 मई 2002 तक आयोजित त्रिदिवसीय ' अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन ' के
                       आयोजन में अकादमिक - समिति के अध्यक्ष तथा आयोजन समिति के सदस्य के
                      रूप में महत्वपूर्ण भूमिका। यू.के., न्यू जर्सी , मिआमी , वेस्ट इंडीज और भारत में 
                      आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में आलेख पाठ एवं चर्चाओं में अध्यक्षता, आलेख पाठ
                      एवं  भागेदारी।
संगोष्ठियां एवं सम्मेलन- दिल्ली विश्वविद्यालय तथा रानीदुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर द्वारा आयोजित
                     ' पुनश्चर्या पाठ्यक्रम ' में विभिन्न विषयों पर व्याख्यान ।
                      लखनउ, चंडीगढ , भोपाल , रायपुर, दुर्ग, हरदा , बरेली , राजमहेंद्री , जालंध्र,
                      बम्बई , बडौदा , कलकता ,जयपुर,उदयपुर, जबलपुर , इलाहाबाद , इंदौर ,
                      गाजियाबाद , दिल्ली, शहडोल आदि नगरों की साहित्यिक   संस्थाओं द्वारा आयोजित 
                     साहित्यिक गोष्ठियों तथा सम्मेलनों की अध्यक्षता, रचना पाठ, आलेख पाठ।                                                                                 हिंदी की  सभी शीर्ष पत्र -पत्रिकाओ, धर्मयुग, सारिका, दिनमान, पराग, नवभारत 
                       टाईम्स, शंकर्स वीकली आदि में लगभग दो  सौ रचनाएं प्रकाशित ।
                       दूरदर्शन' के लिए धरावाहिकों का लेखन अनेक साहित्यिक कार्यक्रमों में भागेदारी
                       आकाशवाणी के राष्ट्रीय प्रसारण से अनेक नाटक प्रसारित ।
                       अनेक रचनाओं का अंग्रेजी , पंजाबी,गुजराती तथा मराठी में अनुवाद ।

सम्प्रति-  रीडर , हिन्दी विभाग , कालेज आफ वोकेशनल स्टडीज , दिल्ली विश्वविद्यालय ।
सम्पर्क  -73 साक्षर अपार्टमेंट्स ए - 3 पश्चिम विहार नई दिल्ली 63
                            दूरभाष  - 25264227     चल दूरभाष- 9811154440
--
Dr. Prem Janmejai
73 Saakshara Appartments
A- 3 Paschim Vihar, New Delhi - 110063
Phones:(Home) 011-91-11-25264227
           (Mobile) 9811154440

व्यंग्य- हम निंदा करते हैं-(लेखनी-अँक-25-मार्च-2009) 

व्यग्य- ज्यों ज्यों बूड़े श्याम रंग- (लेखनी-अँक-28- जून-2009)

व्यंग्य- तुम ऐसे क्यों आयीं लक्ष्मी ( लेखनी अंक-45-नवंबर-2010)

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प्रीत अरोरा

दृष्टिकोण

सब पढ़ें, आगे बढ़ें ( लेखनी-दिसंबर-2011)

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प्रेम विज

संपर्क सूत्रः मकान नं. 1284, सेक्टर 37-बी चंडीगढ़ 160 036

लघुकथाः निरुत्तर

लेखनी-अंक-11-वर्ष-2-(जनवरी 2009)

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पूर्णिमा वर्मन                             (जन्म 27 जून, 1955, पीलीभीत , उत्तर प्रदेश), जाल-पत्रिका अभिव्यक्ति और अनुभूति की सम्पादिका है। पत्रकार के रूप में रूप में अपना कार्य-जीवन प्रारंभ करने वाली पूर्णिमा का नाम वेब पर हिंदी की स्थापना करने वालों में अग्रगण्य है। उन्होंने प्रवासी तथा विदेशी हिंदी लेखकों को प्रकाशित करने तथा अभिव्यक्ति में उन्हें एक साझा मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण काम किया है। माइक्रोसॉफ़्ट का यूनिकोडित हिंदी फॉन्ट आने से बहुत पहले सन 2000 में ही उनकी जाल पत्रिकाएँ अंतर्जाल पर अंतर्राष्ट्रीय लोकप्रियता प्राप्त कर चुकी थीं।

वेब पर हिंदी को लोकप्रिय बनाने के अपने प्रयत्नों के लिए उन्हें 2006 में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, साहित्य अकादमी तथा अक्षरम के संयुक्त अलंकरण अक्षरम प्रवासी मीडिया सम्मान तथा 2008 में रायपुर छत्तीसगढ़ की संस्था सृजन सम्मान द्वारा हिंदी गौरव सम्मान से विभूषित किया जा चुका है। उनका एक कविता संग्रह "वक्त के साथ" नाम से प्रकाशित हुआ है। वे संप्रति संयुक्त अरब इमारात के शारजाह शहर में निवास करती हैं तथा हिंदी के अंतर्राष्ट्रीय विकास के अनेक कार्यों से जुड़ी होने के साथ साथ हिंदी विकिपीडिया के प्रबंधकों में से भी एक हैं।

पता- पूर्णिमा वर्मन, पी ओ बाक्स 25450, शारजाह, यू ए ई

ई मेल -  abhi_vyakti@hotmail.com

कहानी-समकालीन - यूं ही चलते हुए (लेखनी- अंक-16-वर्ष-2 -जून 2008)

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फजल इमाम मल्लिक




जन्म- 19 जून, 1964 को बिहार के शेखपुरा जिला के चेवारा में।

पिता/माता-  जनाब हसन इमाम और माँ सईदा खातून।

शिक्षा- स्कूली शिक्षा श्री कृष्ण उच्च विद्यालय, चेवारा (शेखपुरा)। इंटर रांची युनिवसिर्टी के तहत रांची कालेज से । ग्रेजुएशन भागलपुर युनिवसिर्टी के रमाधीन कालेज (शेखपुरा)। व्यवसायिक शिक्षा पटना के आईआईबीएम से होटल प्रबंधन में पोस्ट ग्रेजुएशन।

लेखन-  उर्दू और हिंदी में समान रूप से लेखन। लघुकथाएँ, कविता, कहानी, समीक्षा और सम-सामयिक लेखन। साहित्य-संस्कृति पर नियमित लेखन।

पत्रकारिता- लंबे समय से पत्रकारिता।

1981 से जनसत्ता में बतौर खेल पत्रकार करियर की शुरुआत। इससे पहले सेंटिनल (गुवाहाटी), अमृत वर्षा (पटना), दैनिक हिंदुस्तान (पटना) और उर्दू ब्लिट्ज (मुंबई) से जुड़ाव। बतौर खेल पत्रकार विश्व कप क्रिकेट, विश्व कप हाकी, एकदिवसीय व टैस्ट क्रिकेट मैचों, राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय फुटबाल मैचों, राष्ट्रीय टेनिस, एथलेट्किस वालीबाल, बास्केटबाल सहित दूसरे खेलों की रिपोर्टिंग।

इलेक्ट्रानिकमीडिया- एटीपी चैलेंजर टेनिस, राष्ट्रीय बास्केटबाल, कोलकाता फुटबाल लीग, राष्ट्रीय एथलेटिक्स का दूरदर्शन के नेशनल नेटवर्क पर लाइव कमेंटरी। कविताएँ-इंटरव्यू दूरदर्शन पर प्रसारित। आकाशवाणी के लिए लंबे समय तक सहायक प्रोड्यूसर (अंशकालिक) के तौर पर काम किया। कविताएँ-कहानियाँ कोलकाता व पटना, गुवाहाटी के आकाशवाणी केंद्र से प्रसारित। 

प्रकाशन- लधुकथा संग्रह मुखौटों से परे और कविता संग्रह नवपल्लव का संपादन। 

संपादन- साहित्यक पत्रिका श्रृंखला व सनद का संपादन।

सम्मान- साहित्य व पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कवि रमण सम्मान, रणधीर वर्मा स्मृति सम्मान, सृजन सम्मान और रामोदित साहु सम्मान।संप्रति- जनसत्ता में वरिष्ठ उपसंपादक। 


संपर्क-
फ़ज़ल इमाम मल्लिक

4-बी, फ्रेंड्स अपार्टमेंट्स, पटपड़गंज,
दिल्ली-110092।
फोन: 9868018472/9350102013।
ईमेल: fazalmallick@gmail.com 

दो लघुकथाएँ

सबेरा   ( लेखनी-नवंबर-2010)

पनाह  ( लेखनी-नवंबर-2010)

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डा. बलदेव सिंह खहरा

658 फेज़-3बी-1, मोहाली, जिला-रोपड़-160058

फोन :0172-2273728, 09872007658

लघुकथा- पराया देश, अपना चांद-  पंजाबी से अनुवादः सुभाष नीरव ( लेखनी-दिसंबर-2009)

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बीनू भटनागर

राम झरोखे

आत्म व्यथा (लेखनी-अक्तूबर-2011)

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बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष


आत्मकथ्यः

मात्-पिता, मातृ-भूमि, मातृ-भाषा, जीवन नैया की मेरी खेवन हार  है,
इनके  चरणों में जीवन निछावर मेरा, यही उत्कर्ष का पहला प्यार है।
इनके आँचल में ही मै फूला-फला, मेरा जीवन तो इनका कर्जदार है,
इनकी  सेवा  जीवन भर करता रहू, ये ही चाहत मेरी बारम्बार है॥
                                                            बृजेन्द्र श्रीवास्तव 'उत्कर्ष' 

संपर्क सूत्रः

Brajendra  Srivastava “Utkarsh”
206, Type-2
IIT Kanpur-208016
INDIA
Mo.9956171230
Mo.9598860882
Ph.0512-2598638Email:

kaviutkarsh@gmail.com

http://kaviutkarsh.blogspot.com

चौपाल

वैलेंटाइन डे ( लेखनी -मार्च -2010)

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भगवती शरण उपाध्याय

भव्य भारती

लेख-ताजमहल-(लेखनी-अंक12-फरवरी 2008)

 

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 डॉ.भाऊसाहेब नवनाथ नवले



परियोजना सहायक,

बृहत्‌ हिंदी शोध  परियोजना,      हिंदी विभाग,

महावीर महाविद्‌यालय, कोल्हापुर (महाराष्ट्र)

ई-मेल-bhausahebnavale83@gmail.com 

आकलन

नागार्जुन की कविता का वैचारिक पक्ष  ( लेखनी-अगस्त-2011)

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डॉ. भारती खुवालकर

 संपर्क सूत्रः टिकरापार। रामदास नगर। बिलासपुर (म.प्र.) 495004

लघु कथाः सच झूठ ( लेखनी अक्तूबर 2009)

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बी. एन . गोयल



जन्म - उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर के  गाँव शाहजहाँपुर में १९४१  में

भारत सरकार में लगभग ३९ वर्ष बिताये |  २९ वर्ष सूचना प्रसारण मंत्रालय (आकाशवाणी) में और ५ / ५ वर्ष रक्षा और विदेश मंत्रालय में - २००१ में आकाशवाणी महानिदेशालय से कार्मिक निदेशक के पद से सेवा निवृत्तमूल स्वभाव घुमक्कड़ी  और नौकरी के वशीभूत लगभग ३/४ भारत का भ्रमण ( ट्रांस्फर्स) त्रिनिदाद और टोबागो में हिंदी और सांस्कृतिक अधिकारी - इस बहाने से अमेरिका, यूरोप, फ़्रांस, स्विटज़रलैंड, इटली,  केरिबन तथा अन्य देशो की यात्रा की  शिक्षा दीक्षा - आगरा विश्व विद्यालय और राजस्थान विश्व विद्यालय  - (चंचल मन के कारण एक नहीं .....) समाज शास्त्र, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र, हिंदी  साहित्य में ऍम० ए०; -पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा -    ज्योतिष में अलंकार की डिग्री ली नेशनल बुक ट्रस्ट और कुछ अन्य प्रकाशको की कृपा से कुछ पुस्तकें भी प्रकाशित सम्प्रति  - अध्ययन - कठिन विज्ञान के सिवाय सभी कुछ पढने  की लालसा आज कल आध्यात्मिक  अध्ययन अध्यापन -   स्थानीय तीन वि वि में प्रसारण पत्रकारिता का अध्यापन लेखन - फुटकर विषयों पर कुछ लिखना और उसे संभाल कर रख देना - कुछ प्रकाशित और कुछ नहीं |

वर्तमान पता  :  15 , डोरसेट ड्राइव, अल्फ्रेडटन , बेलारेट , विक्टोरिया  3350 आस्ट्रेलिया

स्थायी  पता  :  138 , एम् आई  जी, पल्लवपुरम फेज़ - 2 , मेरठ  250 110  भारत

agnihotriravindra@yahoo.com

परिचर्चा

1. शब्द संभारे बोलिए  ( लेखनी-अप्रैल-2010)

2.

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मनोहर चमोली मधु

बाल कहानीः जैसे को तैसा (लेखनी-अंक 8- अक्टूबर 2007)

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मनोहर पुरी

हास्य व्यंग्य

बिल में उलझा दिल ( लेखनी-फरवरी-2009)


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मनोज मिश्रा


एशोसिएट प्रोफेसर
भौतिक विज्ञान विभाग,
डी०ए-वी० कालेज,
कानपुर।
 

लेख देश के सभी प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों के सम्पादकीय पृष्ठ पर छपते रहतें हैं।  चुनाव विश्लेषक के तौर पर हिन्दी अंग्रजी मीडिया में लेख और वार्तायें प्रकाशित और प्रसारित होती रहती हैं।

संपर्क सूत्रः

डॉ० मनोज मिश्र
'सृष्टि शिखर`
४० लखनपुर हाउसिंग सो०,
कानपुर - २४
फोन नं० ०९४१५१३३७१०, ०९८३९१६८४२२

परिचर्चाः

पर्यावरण का नॉलेज नेटवर्क: शोषण से निजात ( लेखनी-फरवरी -2010)

ओबामा की चिन्ता के केन्द्र में भारतीय छात्र ( लेखनी-नवंबर-2010)

चौपाल

  भारत का मेडिकल टूरिज्म और ओबामा की चिन्ता  (लेखनी-मई-2011)

जुगनू और एस. आर सैट का प्रक्षेपण ( लेखनी-नवंबर-2011)


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मधुर नज्मी

पता-गोहना, मुहम्मदाबाद, जि.मउ, उ.प्र. भारत।

साहित्य भारती- समकालीन हिन्दी गजल-(लेखनी-अँक-10-दिसंबर 2007) 

 

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ममता कालिया


आज के युग की सशक्त महिला कथाकार। संवेदनशील व रोचक शैली व भावों की सूक्ष्म पकड़। 2 नवंम्बर 1940 को वृंदावन में जन्मी ममता कालिया की शिक्षा दिल्ली, मुंबई, पुणे, नागपुर और इन्दौर शहरों में हुई। उनके पिता स्व. श्री विद्याभूषण अग्रवाल पहले अध्यापन में और बाद में आकाशवाणी में कार्यरत रहे। वे हिंदी और अंग्रेजी साहित्य के विद्वान थे और अपनी बेबाकबयानी के लिए जाने जाते थे। ममता पर पिता के व्यक्त्वि की छाप साफ दिखाई देती है।

कहानी -

आजादी-   (लेखनी -अंक-30- अगस्त-2009)

मेला ( लेखनी-अंक-53- जुलाई-2011)


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महेन्द्र दवेसर ' दीपक' (यू.के)                                                   जन्म:   नई देहली, 14 दिसम्बर, 1929
मातृ-भाषा: पंजाबी
शिक्षा तथा संक्षिप्त जीवन चित्रण: 1947 में विभाजन के समय डी॰ए॰वी॰ कॉलेज, लाहौर में  F.Sc. (Final)  के विद्यार्थी। सांप्रदायिक उथल-पुथल के कारण लाहौर त्याग और संक्षिप्त शिक्षा-विराम। प्रभाकर (पंजाब वि॰ वि॰- 1950), बी॰ए॰ पंजाब वि॰ वि॰- 1950), पंजाब युनिवर्सिटी कैम्प कॉलेज में M.A. (Final) के विद्यार्थी। परीक्षा पूर्व भारतीय विदेश मंत्रालय की विदेश सेवा में चयन पश्चात जाकार्ता, इन्डोनेशिया में भारतीय दूतावास में नियुक्ति। 1952 से 1956 तक जाकार्ता, इन्डोनेशिया में निवास। विदेश सेवा अवधि में इन्डोनेशिया सरकार के अनुरोध पर भारत सरकार की विशेश आज्ञा पर Radio Republic Indonesia (Voice of Indonesia) के हिन्दी यूनिट के संचालन तथा प्रसारण का अतिरिक्त भार संभाला। रेडियो जाकार्ता से दैनिक समाचारों, चर्चाओं, वार्ताओं और इन्डोनेशिया जीवन-संबन्धी अपनी लिखी कहानियों का प्रसारण किया जो बहुत प्रशंसित हुआ। 1956 में स्वदेश वापसी।

स्कूल, कॉलेज के दिनों से ही लेखन कार्य में रुचि। लेखक द्वारा लिखित कहानियां स्कूल, कॉलेज की पत्रिकाओं में छपीं और प्रशंसित हुईं।

1956 से 1959: भारत सरकार के संभरण मंत्रालय में नियुक्ति। इस अवधि में छुट-पुट कहानियां समाचार पत्रों, पत्रिकाओं में छपती रहीं। जुलाई 1971 में भारतीय हाई कमीशन, लंडन में नियुक्ति। 1971 से लंडन में निवास।

1976 से अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (Reuters World Service) में नियुक्ति। 1991 में नौकरी से अवकाश-ग्रहण। उस समय वे कंपनी में Senior Technical Buyer के पद पर नियुक्त थे।

 

प्रकाशन-

कहानी-सग्रह:

1॰ “ पहले कहा होता (स्टार पब्लिकेशंज़, नयी देहली, 2003)॰

 2॰ “बुझे दीये की आरती (मेधा बुक्स, 2007, देहली)

पता: 70, Purley Downs Road, South  Croydon, Surrey, CR2 ORB.                                                                                                                                                                                      Phone: 00(44) 208 8660 4750. e.mail: mpdwesar  @yahoo.co.uk      


लघु कथा

पगडंडी ओर झरना  (लेखनी-जुलाई-अंक-5-वर्ष-2) 

कहानी

1.सोना लाने पी गए ( लेखनी-अक्तूबर-अंक-8-वर्ष-2)  

2.बीस पाउँड         ( लेखनी-  अँक 27-मई- 2009)

3. बुझे दिये की आरती ( लेखनी- अँक 37- मार्च 2010)

4. सौ का नोट ( लेखनी- अंक-44-अक्तूबर 2010) 

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महेश चंद्र द्विवेदी


 शिक्षा- एम.एससी.(फिजिक्स) लखनऊ एवं एम.एससी.(सोशल प्लानिंग) तथा लंदन स्कूल ऑफ़ एकॉनॉमिक्स से।

 1961-1962 तक लखनऊ के आई. टी. कॉलेज में अध्यापन किया। उसके 1963 बाद भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए और 2001 में डायरेक्टर जनरल, पुलिस के पद से सेवानिवृत्त हुए।

संवेदन शील और चुटीले रचनाकार महेश चन्द्र द्विवेदी जी की रचनाएँ नियमित रूप से कादंबिनी, मनोरमा, मनोहर कहानियाँ, उत्तरप्रदेश, पुरवाई, वर्तमान साहित्य आदि पत्रिकाओं तथा हिंदुस्तान, अमर उजाला, राष्ट्रीय सहारा जैसे दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित होती रही हैं।
महेश जी ने मंच पर भी अपनी कविताएँ प्रस्तुत की हैं।

प्रकाशित पुस्तकें
उपन्यास: 'उर्मी'
कहानी संग्रह: एक बौना मानव, सत्यबोध
व्यंग्य संग्रह: क्लीयर फंडा
कविता संग्रह: सरजना के स्वर
संपर्क :  mcdewedy@yahoo.com

कहानी

आपदकर्म  ( लेखनी-मई-2010)


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मीरा कान्त

जन्मः 1958, श्रीनगर काश्मीर।
पिछले दो दशक से साहित्य की अनवरत सेवा में रत मीराकांत की लेखनी से निम्नांकित पुष्तकें आई हैः
कहानी संग्रहः ङाइफेन, कागजी बुर्ज, गली दुल्हनवाली ।
उपन्यासः थथा किम, उर्फ हिटलर, एक कोई था कहीं नहीं सा।
नाटकः इहामृग, नेपथ्यराग, भुवनेश्वर-दर-भुवनेश्वर, कंधे पर बैठा था शाप, हम को उड जाने दो, पुनर्पि दिव्या।
शोध कार्यः अंतर्राष्ट्रीय महिल दशक और हिंदी पत्रकारिता।
बाल साहित्यः नाम था उसका आसमानी, ऐसे जमा रेल का खेल।
संपादनः मीराः मुक्ति की साधना(दोहा संग्रह)

 


        सम्मानः

      मोहन राकेश सम्मान 2003- नेपथ्य राग

       सेठ गोविन्ददास सम्मान 2003- इहामृग

        अम्बिका प्रसाद दिव्य स्मृति पुरस्कार 2004-तथाकिम

        साहित्यकार सम्मान 2005-6 हिन्दी अकादमी, देहली।

      मोहन राकेश सम्मान, 2008, साहित्य कला परिषद-उत्तर प्रश्न।

संपर्क सूत्रः Editor at NCERT, New Delhi

Home address: B 95 Gulmohar Park, New Delhi 110-049. Tel:Home:26514586; Mobile: 9811335375

Website:
www.meerakant.com


कहानी

गली दुल्हन वाली ( लेखनी अंक 36-फरवरी 2010)

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मुजफ्फर हुसैन

परिचर्चाः दुनिया की ढाई हजार भाषाओं पर मंडराता संकट ( लेखनी-जुलाई-2009)

(संपर्क सूत्रः सी 1/ 8 पार्क साइट कालोनी, विक्रोली पश्चिम , मुंबई -400 079)

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मैत्रेयी पुष्पा


नवंबर सन 44 में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में जन्मी मैत्रेयी पुष्पा आज की महिला रचनाकारों में बहुचर्चित और प्रमुख नाम हैं। आपने बहुत संवेदनशीलता और बेबाकी के साथ महिला संघर्ष और शोषण पर लिखा है।

आत्मदृष्टिः लेखनी मार्च-अप्रैल 2011( अंक 49-50 , वर्ष 5)

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मोहसिन खान

स्मृति-शेष-  लेख- क्यों याद किया जाए (धर्मवीर भारती) - लेखनी-जून-2008- अंक-4-वर्ष-2)


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यश मालवीय

इलाहाबाद....      ( लेखनी-अँक 53-2011)

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योगेश्वर

जन्मः 10 जनवरी 1934, जिला-शेखपुरा, गाँव-गडुआ।

शिक्षाः हिन्दी विध्यापीठ, देवघर से साहित्यालंकार उत्तीर्ण करने के बाद युगेश्वर वाराणसी आ गये। यहाँ हाईस्कूल से पी.एच.डी तक की शिक्षा पूर्ण की। हिन्दी में एम.ए. उत्तीर्ण  होते ही काशी विध्यापीठ के हिन्दी विभाग में पाराध्यापन। 10 जनवरी 1994 को आचार्य पद से सेवा निवृत्त।

कृतित्वः सन 49 से ही लिखते आ रहे हैं। कितना, कैसा-कैसा और कहाँ-कहाँ लिखा, गणना कठिन है। आवश्यक भी नहीं। कल्पना, चौखम्भा और जन में नियम से लिखा। राजनीति, शिक्षा, साहित्य, आध्यात्म, भाषाशास्त्र आदि लेखन के मुख्य विषय हैं। इनके उन्नीस सांस्कृतिक उपन्यास प्रकाशित और कई प्रकाशन क्रम में हैं।

रामायण मेला और अंग्रेजी हटाओ से विशेष लगाव रहा है। मुख्य प्रेरणा और चिंता राष्ट्रता, समता और लोकतंत्र है। डॉ. युगेश्वर की अपनी शैली है। विचारों की तीव्रता, स्पष्टता और दिशा निर्देश के कारण आपका लेखन आकर्षित करता है।

प्रकाशित ग्रन्थः

भाषा शास्त्रः  1.मगही भाषा  2. हिन्दी कोश विज्ञान का उद्भव और विकास।

समीक्षाः 3. तुलसीदास आज के संदर्भ में 4. तुलसी का प्रतिपक्ष 5. 111 मानस निबंध 6. भक्ति आज के संदर्भ में 7. सबके प्रेमचन्द 8. प्रसाद काव्य का नया मूल्यांकन 9. कबीर समग्र (दो भाग) 10. कबीर साहब 11. तुलसी काव्य की भूमिका 12. तुलसी के गयारह ग्रन्थ ( दो खंडों में) 13. गीता तीर्थ 14. रैदास समग्र।

विचार प्रधानः 15. समाजवादः आचार्य नरेन्द्र देव, लोहिया, जयप्रकाश नारायण की दृष्टि में 16. आपादकाल का धूमकेतु राजनारायण 17. कामदेव 18. कामदेव का पत्र शिव के नाम।

उपन्यासः 19. सीता एक जीवन 20. राम एक जीवन 21. भरत एक जीवन 22. हनुमान एक जीवन 23. रावण एक जीवन 24. संत साहेब 25. पर्वत पुत्री 26. पंचानन 27. दूसरा कृष्ण 28. पार्थ 29. दूसरा इंद्र 30. विदेह 31. भवानीनंदन श्री गणेश 32. कृष्णा 33. देववृत 34. महाभारत का शूद्र महामात्य 35. सुमित्रानन्दन 36. आल्हादिनी 37. दक्षिणेश्वर का परमहंस।

पुराणः 37. सम्पूर्ण पुराण।  

 

लेख- वृंदावन जाऊंगी (लेखनी-अंक 6-अगस्त 2007)

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 योगेश नवीन

राग-रंग (पर्यटन)

भारत का राष्ट्रीय चिन्ह -अशोक स्तंभ, सारनाथ, वाराणसी।

 

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रचना श्रीवास्तव
जनमः ५ सेप्टेम्बर लख्ननऊ, भारत
शिक्षाः स्नातक साइंस
परास्नातकः हिन्दी

लेखन प्रेरणाः स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय राम चरित्र पांडे एवं माँ विद्यावती पांडे
कविताः सामायिक एवं सवेदंशील
रेडियो संचालक १६०० ऍम, रेडियो कवियत्री २००४ से अब तक, रेडियो सलाम नमस्ते और फ़नएइसिया  पर कविता पाठ, मंच संचालन  मनोरंजन (फ्लोरिडा)संगीत रेडियो (हिउस्टन)पे कविता पाठ।

बाल कहानीः

1.हलवा (लेखनी-अंक1-वर्ष 2-मार्च 2008)

2. मुझे मां के पास सोना है ( लेखनी-अंक-3-वर्ष-2-मई-2008)

3. मुझे फेयरी गॉड मदर नहीं बनना ( लेखनी-अंक-4-वर्ष-2-जून-2008)

4. खेलने की जगह                              ( लेखनी -अक्तूबर-2009)


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·        डाँ. रजनीश कुमार शुक्ल,

जन्म २५ नवम्बर १९६६, बुद्ध की निर्वाण भूमि कुशीनगर,

शिक्षा, दर्शन शास्त्र में पी-एच्.डी उपाधि,

संपूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी में तुलनात्मक धर्मदर्शन विभाग के एसोसियेट प्रोफेसर,

१० वर्षों तक भारत के सबसे प्राचीन तथा सर्वाधिक प्रसार वाली दार्शनिक शोध पत्रिका “दार्शनिक त्रैमासिक” का संपादन किया।

तीन ग्रन्थ प्रकाशित, सौन्दर्यशास्त्र, संस्कृति दर्शन् एवं व्याख्या विज्ञान में अभिरुचि

तीन दर्जन से अधिक शोध निबन्ध विभिन्न राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित है।

हिन्दी संस्कृत एवं अंग्रेजी तीन भाषाओं में लेखन।

आण्विक संकेत- rshuklavns@gmail.com

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रवि शर्मा

डॉ . रवि शर्मा हिन्दी के एक्सपर्ट हैं। आपने एमए , एमफिल के अलावा डॉक्टरेट भी किया है। पिछले 12 साल से डॉ . शर्मा श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में पढ़ा रहे हैं। आप हिन्दी डिपार्टमंट के अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष और नव उन्नयन के उपाध्यक्ष भी। समय समय पर आपके आलेख साहित्य की जानी-मानी विमर्श पत्रिकाओं में छपते रहते हैं।

मंथन

साहित्य की संभावनाएँ-1 (वर्तमान उत्तरशती के संदर्भ में भावी पूर्व शती का साहित्य)  (लेखनी-अंक- 47-48- जनवरी-फरवरी 2011)

साहित्य की संभावनाएँ-2 (वर्तमान उत्तरशती के संदर्भ में भावी पूर्व शती का साहित्य (लेखनी-अंक- 49-50- मार्च-अप्रैल 2011)


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                       रवीन्द्र अग्निहोत्री


( सेवानिवृत्त अध्यक्ष, राजभाषा विभाग, भारतीय स्टेट बैंक, केन्द्रीय कार्यालय, मुंबई ;सदस्य, हिंदी सलाहकार समिति, वित्त मंत्रालय )

11 मई  1937  लखनऊ  में जन्म, पर बचपन जबलपुर में बीता जहाँ पिताजी  टी बी सेनिटोरियम  में चीफ मेडिकल आफिसर  थे ;    इंडस्ट्रियल  इंटर कालेज , लखनऊ ,  राजकीय इंटर कालेज, बरेली  और  स्त्रीशिक्षा  की प्रसिद्ध सावासी   संस्था  वनस्थली विद्यापीठ  ( जयपुर ) डीम्ड  विश्वविद्यालय   में अध्यापन  करने के पश्चात्  भारतीय स्टेट बैंक , केन्द्रीय  कार्यालय, मुंबई  में राजभाषा विभाग के अध्यक्ष  पद  से 1995 में सेवानिवृत्त  ; सेवानिवृत्ति के पश्चात् भी  बैंक  में  सलाहकार ;    राष्ट्रीय बैंक प्रबंध संस्थान, पुणे में प्रोफ़ेसर - सलाहकार ; एस बी आई  ओ  ए   प्रबंध संस्थान , चेन्नई  में वरिष्ठ प्रोफ़ेसर ; अनेक विश्वविद्यालयों  एवं   बैंकिंग उद्योग   की विभिन्न संस्थाओं से सम्बद्ध ;  हिंदी - अंग्रेजी - संस्कृत  में  500 से अधिक लेख - समीक्षाएं,  10 शोध - लेख  एवं  40 से अधिक पुस्तकों के लेखक - अनुवादक ; कई  पुस्तकों पर अखिल भारतीय पुरस्कार ;   राष्ट्रपति  से सम्मानित ;  विद्या वाचस्पति , साहित्य शिरोमणि  जैसी मानद  उपाधियाँ /  पुरस्कार/ सम्मान ;   राजस्थान हिंदी ग्रन्थ अकादमी, जयपुर   का   प्रतिष्ठित  लेखक सम्मान,   उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान ,  लखनऊ  का   मदन मोहन मालवीय पुरस्कार,  एन सी ई  आर टी  की शोध  परियोजना  निदेशक  एवं   सर्वोत्तम शोध पुरस्कार ,  विश्वविद्यालय  अनुदान आयोग का अनुसन्धान अनुदान ,    अंतर -राष्ट्रीय कला एवं साहित्य  परिषद् का  राष्ट्रीय एकता  सम्मान ।

स्थायी पता    :   पी / 138 , एम् आई जी , पल्लवपुरम  फेज़ - 2 , मेरठ 250 110  (उ. प्र.)
E-Mail I D        :     agnihotriravindra@yahoo.com  


मंथन

अपराधी कौन?  मैकाले या हम?  ( लेखनी-सितंबर-2010) 

चौपाल

लार्ड मैकाले का तर्पण  ( लेखनी-अक्तूबर-2010)

रूबरू

भारत में  ( लेखनी-नवंबर-2010)

मिस्टर से महात्मा तक ( लेखनी-अंक 56 -अक्तूबर 2011)

परिचर्चा

हमारी पहचान (लेखनी-अंक- 47- जनवरी-फरवरी 2011)


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रघुवेन्द्र सिंह

 हन्टर से हालात तक (  लेखनी-अगस्त 2010)

उधार का सिंदूर ( लेखनी-सितंबर-2010)

चीन द्वारा भारत की घेराबंदी ( लेखनी नवंबर 2010)

छात्र राजनीति (लेखनी-अंक- 47- जनवरी-फरवरी 2011)

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रश्मि तरीका

कहानी समकालीन

ममता की सौगात ( लेखनी-नवंबर-2011)

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रश्मि बड़थ्वाल

संपर्क सूत्रः पताः 21, नील विहार,  निकट सैक्टश्र 14 इन्दिरा नगर, लखनऊ 16

एक अच्छी सी कहानी (लेखनी-जुलाई-2010)

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राजेन्द्र उपाध्याय

 संपर्क सूत्र-

62, ब-लॉ अपार्टमेंट्स

ए.जी.सी.आर एन्क्लेव

दिल्ली 110092


ललितः

हिन्दी साहित्य में होली ( लेखनी-मार्च- अंक 37-वर्ष 4)


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रमेश दबे (मेलबार्न, आस्ट्रेलिया)

कहानी समकालीन

आकाश कुसुम  ( लेखनी-मई-2011)

हास्य व्यंग्य-

समोसा (लेखनी-मई-2011)

परिचर्चा

खोज परायों में अपनों की ( लेखनी-जुलाई-2011)

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राबिन शा पुष्प

आज के युग के बेहद संवेदनशील और तरल कथाकार।

संपर्क सूत्र- रवीन्द्रांगन, 2एल/45, महात्मा गांधी नगर,

बहादुरपुर हाउसिंग कालोनी, पो. लोहिया नगर, पटना। भारत।

कहानी-

अहसास का धागा-( लेखनी-अंक-12-फरवरी-2008)

 

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ड़ॉ. रामदरश मिश्र



ड़ॉ. रामदरश मिश्र हिन्दी के जाने माने वरिष्ठ कवि,  साहित्यकार और विचारक  हैं।

संपर्कः आर-28, वाणी विहार, उत्तम नगर, नई दिल्ली-110059  


मन्थन

लेख--दो प्राणियों को तन मन से जोड़ता है विवाह  (लेखनी-सितंबर-2008-अंक-4-वर्ष-2 )

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रामनिवास मानव

संपर्क सूत्र--

लघुकथाएँ    

अनलौटे राम ( लेखनी अँक-2-वर्ष 2 अप्रैल 2008.)

टॉलरेंस ( लेखनी अँक-2-वर्ष 2 अप्रैल 2008.)

मुक्ति ( लेखनी अंक 10, वर्ष 2 दिसंबर 2008)

खिलौने (लेखनी अंक 10, वर्ष 2 दिसंबर 2008)

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डॉ. रामचन्द्र राय



बंगाल के लोकगीतः बाउल और भटियाली (लेखनी अंक 10, वर्ष 2 दिसंबर 2008)

बंगाल के लोक नाट्यः यात्रा (लेखनी अंक 10, वर्ष 2 दिसंबर 2008)

हिन्दी और रविन्द्रनाथ टैगोर ( लेखनी अँक 41, वर्ष चार जुलाई 2010)

युगचेता ठक्कन,बैद्यनाथ मिश्र वैदेह, यात्री से नागार्जुन ( लेखनी-जनवरी-2012)


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रामेश्वर कम्बोज हिमांशु



रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु'
जन्म : 19 मार्च 1949, बेहट जिला सहारनपुर, भारत में
शिक्षा : एम.ए., बी.एड.
संप्रति : प्राचार्य, केन्द्रीय विद्यालय हज़रतपुर, फ़ोरोज़ाबाद (उ.प्र.)
प्रकाशन : कविता संग्रह:  माटी, पानी और हवा, अंजुरी भर आसीस, कुकड़ कूँ, हुआ सवेरा
लघु उपन्यास: धरती के आँसू, दीपा, दूसरा सवेरा
लघुकथा संग्रह: असभ्य नगर
अनेक संकलनों में लघुकथाएँ संकलित तथा गुजराती, पंजाबी, उर्दू एवं नेपाली में अनूदित।
सम्पर्क rd_kamboj@yahoo.com
ब्लॉग : सहज साहित्य

परिचर्चा

  कभी बच्चों का चेहरा पढ़ें ,मन पढें !     ( लेखनी-सितंबर-2010)


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रेणु 'राजवंशी' गुप्ता(यू.एस.ए.)

20 अक्टूबर, 1957 को कोटा, राजस्थान में जन्मी रेणु 'राजवंशी' गुप्ता ने अंग्रेजी साहित्य में एम.ए. और संस्कृत में बी.ए. औनर्स की शिक्षा प्राप्त की है। यू.एस.ए. में कई वर्ष कम्प्यूटर-साइंस का अद्यापन करने के पश्चात आप आजकल निजी व्यवसाय और साहित्य में व्यस्त हैं। जहां व्यवसाय उनके बाह्य जीवन को चलाए रखता है, वहीं साहित्य, लेखन और स्वाध्याय अंतःजीवन कोगतिशील रखता है। भटकन, उद्विगनता, व्याकुलता और जीवन-मूल्य की खोज को वह अपनी शक्ति मानती हैं। उनकी धारणा है कि मैं जीवन में सदैव गतिमान रहूं, पत बनाऊं और लक्ष खोजूं।

कृतियां-प्रवासी स्वर (काव्य)

कौन कितना निकट(कहानियां)

जीवन लीला (कहानियां)

कहानी- पिया वही जो दुल्हन मन भाए (लेखनी अंक-6-अगस्त-2007)

 

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रूपसिंह चन्देल - संक्षिप्त परिचय

कानपुर जनपद के गॉंव नौगवॉं (गौतम ) में १२ मार्च , १९५१ को जन्मे कथाकार रूपसिंह चन्देल के अब तक छ: उपन्यास , दस कहानी संग्रह , तीन किशोर उपन्यास , लघुकहानी संग्रह , यात्रा संस्मरण , दस बाल कहानी संग्रह सहित सैंतीस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं , जिनमें 'रमला बहू' , 'पाथरटीला' 'नटसार' और ' शहर गवाह है' (उपन्यास), 'हारा हुआ आदमी' , 'आदमखोर तथा अन्य कहानियॉं ' 'जीनियस' तथा 'चौपालें चुप हैं ' (कहानी संग्रह ) और 'ऐसे थे शिवाजी' तथा 'क्रान्तिदूत अजीमुल्ला खॉं' (किशोर उपन्यास) बहु-चर्चित रहे हैं । कुछ रचनाओं के अंग्रेजी ,  बांग्ला , गुजराती तथा पंजाबी भाशाओं में अनुवाद ।

 

       'प्रकारातंर' (लघुकहानी संकलन) तथा 'बीसवीं शताब्दी की उत्कृश्ट आंचलिक कहानियॉं ' (दो खण्ड) का सम्पादन ।
      विश्व के महान साहित्यकार लियो तोल्स्तॉय के अंतिम , अप्रतिम और अब तक हिन्दी में अप्रकाशित उपन्यास ' हाजी मुराद ' का अनुवाद तथा  ' दॉस्तोएव्सकी के प्रेमपत्र' प्रकाशित।

 

संपर्क -  बी-३/२३० , सादतपुर विस्तार ,

दिल्ली -११० ०९४

मोबाइल नं० - ०९८१०८३०९५७

स्मृति-शेष
 दॉस्तोएव्स्की के प्रेम-पत्र  ( लेखनी अँक-2-वर्ष 2 अप्रैल 2008.)

संस्मरण

लियो तौल्सताय का अंतरंग संसार ( लेखनी-दिसंबर-2009)

सपने में पिता ( लेखनी-दिसंबर 2010)

कहानी

यह तो वही है- (लेखनी-जुलाई-2009)

वो चेहरा ( लेखनी-जून-2010)

सब बकवास ( लेखनी-मई-2011)
 

 
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रोहिताश्व अस्थाना

संपर्क सूत्र- निकट बावन चुंगी, हरदोई, 121-008 (उ.प्र.)

मंथन

बाल कविताः दशा और दिशा (लेखनी-जनवरी-2010)

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लक्ष्मण सहाय  -

संपर्क सूत्र-लक्ष्मीगंज, लश्कर, ग्वालियर, (म.प्र.)

लेख- आज का भारतीय-युवाः दशा और दिशा (लेखनी-अंक-4-वर्ष-2-जून-2008)

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लावण्या शाह
मेरा परिचय : मै लावण्या, बम्बई महानगर मे पली बडी  हुई - शोर शराबे से दूर, एक आश्रम जैसे पवित्र घर मे , मेरे पापाजी, स्वर्गीय पँ. नरेन्द्र शर्मा व श्रीमती सुशीला शर्मा की छत्रछाया मे , पल कर बडा होने का सौभाग्य मिला.
 मेरे पापाजी एक बुध्धिजीवी, कवि और  दार्शिनिक रहे.
मेरी अम्मा , हलदनकर ईनस्टिटयूट मे ४ साल चित्रकला सीखती रही.
१९४७ मे उनका ब्याह हुआ और  उन्होने बम्बई मे घर बसा लिया .
मेरा जन्म १९५० नवम्बर की २२ तारीख को हुआ.
मेरे पति दीपक और मै, एक ही स्कूल मे पहली कक्षा से, साथ साथ पढे है.
मैने समाज शात्र और मनोविज्ञान मे, बी.ए. ओनर्स किया.
२३ वर्ष की  आयु मे , १९७४ मे ,शादी कर के हम दोनो  लॉस ~ ऍजिलीस शहर मे , केलीफोर्नीया , यु. स. ए. ३ साल , १९७४,७५,७६ , तक रुके जहा वे ऐम.बी.ए. कर रहे थे.
 उस के बाद हम फिर बम्बई लौट आये. परिवार के पास ---
और पुत्री सिदुर का जन्म हुआ. ५ वर्ष बाद पुत्र सोपान भी आ गये.
१९८९ की ११ फरवरी के दिन,  पापाजी , सुप्रसिध्ध "महाभारत" सीरीयल को और हम सब को छोड कर चले गये.
घटना  चक्र ऐसे घूमे, के  हम फिर अमरिका आ गये. अब सीनसीनाटी , ओहायो मे हूँ .
 पुत्री सिदुर का ब्याह हो चुका है और मै नानी बन गयी.हूँ  पुत्र सोपान , कार्यरत है. गत साल उसका ब्याह  हुआ -
जीवन के हर ऊतार चढाव के साथ कविता , मेरी आराध्या , मेरी मित्र , मेरी हमदर्द रही है.
विश्व ~ जाल के जरिये,  कविता पढना , लिखना और इन से जुडे  माध्यमो  द्वारा , भारत और अमरीका के बीच की भौगोलिक दूरी को कम कर पायी हूँ .
स्व ~ केन्द्रीत , आत्मानुभुतीयो ने , हर बार , समस्त विश्व को , अपना - सा पाया है.
पापाजी पँ. नरेन्द्र शर्मा की कुछ काव्य पँक्तिया दीप ~ शिखा सी , पथ प्रदर्शित करती हुई , याद आ रही है.
 " धरित्री पुत्री तुम्हारी, हे अमित आलोक
   जन्मदा मेरी वही है स्व्रर्ण गर्भा कोख !"
    और
 " आधा सोया , आधा जागा देख रहा था सपना,
  भावी के विराट दर्पण मे देखा भारत अपना !
   गाँधी जिसका ज्योति ~ बीज, उस विश्व वृक़्श की छाया
    सितादर्ष लोहित यथार्थ यह नही सुरासुर माया !"
अस्तु  विश्व बन्धुत्व की भावना , सर्व मँगल भावना ह्र्दय मे समेटे , जीवन के मेले मे हर्ष और उल्लास की  द्रिष्टी लिये , अभी जो अनुभव कर रही हूँ , उसे मेरी कविताओ के जरिये , माँ सरस्वती का प्रसाद समझ कर , मेरे सहभागी मानव समुदाय के साथ बाँट रही हूँ .
पापाजी की लोकप्रिय पुस्तक " प्रवासी के  गीत " को मेरी श्राधाँजली  देती , हुई मेरी प्रथम काव्य पुस्तक " फिर गा उठा प्रवासी " प्रकाशित हो गयी है . 
 
स्वराँजलि पर मेरे रेडियो वार्तालाप स्वर साम्राज्ञी  सुश्री लता मँगेषकर पर व पापाजी पर प्रसारित हुए है. 
मैंने ," महाभारत" सीरीयल के लिये १६ दोहे पापाजी के जाने के बाद लिखे थे !
एक नारी ह्रदय से उत्पन्न , सँवेदना , हर कृति के साथ सँलग्न है. विश्व के प्रति देश के प्रति , परिवार और समाज के प्रति वात्सल्य भाव है.  भविष्य के प्रति अटल  श्रध्धावान हूँ .
और आज  अपनी रचना , आप के सामने प्रस्तुत कर रही हूँ आशा है मेरी त्रुटियोको आप उदार ह्रदय से क्षमा कर देँगे --
 विनीत,लावण्या  

कहानी दो भागों में-जिन्दगी ख्वाब है- (लेखनी-मार्च- अप्रैल 2008)

शहरनाम-लास एंजलेस ( लेखनी-जुलाई-2011)



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 लेखराम चिले ऩिःशंक

हास्य-व्यंग्य-

मन की अटक जहाँ, रूप को विचार कहाँ? (लेखनी-अँक12-फरवरी 2008)

 

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वाल्मीकि प्रसाद सिंह

मन्थन

लेख -भारत का नव निर्माण ( लेखनी-अगस्त-2009)

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डॉ. विमला उपाध्याय

लेखः साहित्य में पर्यावरण की महत्ता (लेखनी अंक 4, जून-2007)




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विजय कुमार दुबे

मंथन

जागो, जागो, वसंत आ गया ( लेखनी-अंक 24- फरवरी-2009)


संपर्क सूत्रः

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विपिन चौधरी


जन्म : 2 अप्रैल 1976, खरकडी, जिला भिवानी।

शिक्षा : बी. एससी (जंतुविज्ञान), एम.ए. (लोक-प्रकाशन), मेडिकल ट्रांसक्रिप्शनिस्ट।

प्रकाशित कृतियाँ : कादंबिनी, कथादेश, समरलोक, नवोदित स्वर, ग्राम-परिवेश, हलंत, जतन, शीराजा, अद्धर-खबर, संचेतना, दैनिक जागरण (पुर्ननवा), अन्यथा, दैनिक ट्रिब्यून आदि पत्रिकाओं में कविताएँ प्रकाशित। परिकथा में पहली कहानी प्रकाशित। रूरल-इंडिया, प्रौढ़-शिक्षा, इतिहास बोध, पेन में लेख प्रकाशित।

संप्रति : स्वतंत्र लेखन।

रुचियाँ : कला के सभी पक्ष, अध्यात्म, राजनीति, स्थापत्य, लोक-संस्कृति, दर्शनशास्त्र में गहरी रुचि।

ई मेल : vipin_c_2002@yahoo.com                    



कहानी समकालीन

मार्गरेट तुम कहां हो? ( लेखनी-अंक 52- जून 2011)

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विनोद साव


मुक्तनगर, दुर्ग 491001

मो. 9907196626

कहानी समकालीन

औरत की जात  ( लेखनी-अंक 26- अप्रैल2009)

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डॉ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी

हिन्दी के मूर्धन्य विद्वान, उच्चकोटि के सृजनधर्मी व प्रखर वक्ता डॉ. तिवारी का जन्म सन 1940 को भेड़ीहारी ( रायपुर भैंसही)  जिला कुशीनगर उत्तर प्रदेश में हुआ। विश्वस्तर पर हिन्दी का प्रभावपूर्ण प्रचार करने में सतत रत् डॉ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी एक कवि, समीक्षक तथा भाषाविद् के रूप में हिन्दी साहित्य में विशिष्ट स्थान रखते हैं। समीक्षा के पैने औजारों का भी उन्होंने काव्यात्मक लालित्य के साथ प्रयोग किया है। डॉ. तिवारी द्वारा सम्पादित ' दस्तावेज ' पत्रिका हिन्दी साहित्य की गतिविधियों का मानो जीवंत ' दस्तावेज ' है।

प्रमुख कृतियां- छायावादोत्तर हिन्दी गद्य साहित्य, नए साहित्य का तर्क शास्त्र, आधुनिक हिन्दी कविता, समकालीन हिन्दी कविता, रचना के सरोकार, चीजों को देखकर, बेड़ियों के विरुद्ध, शब्द और शताब्दी, आत्म की धरती, आम की धरती, एक नाव के यात्री आदि।

मन्थन

लेख-कवि का आत्मसंघर्ष- (लेखनी- जून-2009)

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विष्णु प्रभाकर

लघुकथा  ( लेखनी-दिसंबर-2011)

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वीना विज़ उदित

लाहौर में जन्मी वीना मैनी ने , प्रारम्भिक शिक्षा कटनी मध्यप्रदेश में व स्नाकोत्तर शिक्षा जबलपुर विश्वविद्यालय से प्राप्त की।एम् एड में विश्व विद्यालीय स्वर्ण -पदक प्राप्त किया। प्रारम्भ से ही भरत – नाट्यम नृत्य व नाटकों में गहन अभिरुचि होने से ढेरों ईनाम जीते।नैशनल कैडेट कोर में सीनियर मोस्ट अंडर आफीसर बनीं व मध्य प्रदेश को आल इंडिया में रीप्रसेंट किया।वहाँ बेस्ट कैडेट का खिताब जीता। विवाहोपरांत वीना विज बनी,व १९८३ से दूरदर्शन व आकाशवाणी जालंधर से जुड़ गईँ। कटनी में बाड्सले स्कूल एवं जालंधर में एपीजे स्कूल में भी कुछ समय के लिए अध्यापन कार्य किया।सन् २००० तक ढेरों नाटकों टेली - फिल्मों, धारावाहिकों व कई पंजाबी फिल्मों में भी अभिनय किया। स्टार-प्लस व लिश्कारा चैनलों पर भी स्टार बेस्ट सैलर और ५२ किश्तों का धारावाहिक ‘वापसी’ किया। यूं एस में अब वर्ष का आधा समय रहने के कारण सब छोड़ना पडा। साहित्य की सेवा- स्वरूप कालेज के समय से ही कालेज- पत्रिका व समाचार- पत्रों में कवितायेँ लिखतीं रहीं। रंगमंच आकाशवाणी व दूरदर्शन के साथ- साथ लेखन - कार्य भी चलता रहा। पंजाबी संस्कृति को सीखने का मौका मिलता रहा। आकाशवाणी जालंधर से अपनी आवाज में कविता- पाठ भी कई बार किया। सन् २००३ में ह्यूस्टन टेक्सास (यूं एस) में कवि-सम्मेलन में वाहा-वाही मिली।· ·  समय-सुरभि (बिहार) ·कादम्बनी,  डैमोक्रेटिक वर्ल्ड एवं पंजाब केसरी (पंजाब ) ।·  जगमग दीप ज्योति (राज स्थान)

कहानी-समकालीन

सम्मोहन- (लेखनी जून-2009 , अँक 28)

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डॉ.वीरेन्द्र सिंह यादव

जन्मः  01.01.1973 ,ग्राम पुरैनी कानपुर देहात
शिक्षा:    एम0ए0 (इतिहास, हिन्दी), डी0फिल्0 इलाहाबाद वि”वविद्यालय, इलाहाबाद।

 डी.लिटः(जारी), हिन्दी बुन्देलखण्ड वि”वविद्यालय, झांसी

डिप्लोमा, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद

 विभिन्न रा’ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में 250 से अधिक लेख, आलेख,   शोध आलेख, कविता, कहानी तथा गजलों का अनवरत प्रकाशन

      राष्ट्र भाषा हिन्दी : विचार, नीतियां और सुझाव

                     :      हिन्दी कथा साहित्य में पारिवारिक विघटन

                     :      हिन्दी उपन्यास में बदलते स्त्री-पुरुष सम्बन्धों की पड़ताल

                     :      मोहन राकेश की रचनाओं में पारिवारिक संम्बन्धों की त्रासदी

                     :      दलित विमर्श परम्परा की प्रासंगिकता एवं सामाजिक परिप्रेक्ष्य

                     :      स्त्री विमर्श का साहित्यिक परिप्रेक्ष्य

                     :      मुस्लिम समुदाय की शिक्षा में दशा एवं दिशा

                     :      पर्यावरण : वर्तमान और भविष्य

                     :      दलित विमर्श के विविध आयाम

                     :      समकालीन परिवेश : मुद्दे, विकल्प और सुझाव

                     :      दलित विमर्श दशा एवं दिशा (प्रे0)

                     :      प्रतिशोध- उपन्यास (प्रे0)

          :      दलित चिंतन परम्परा की प्रासंगिकता एवं सामाजिक परिप्रेक्ष्य   (यू0 जी0 सी0- 2006-2008)

                     :      स्त्री विमर्श परम्परा की प्रासंगिकता एवं सामाजिक परिप्रेक्ष्य एक अध्ययन (यू0 जी0 सी0 2008-2010)

                     :      नई आर्थिक नीति एवं दलितों के समक्ष चुनौतियाँ (भारतीय उच्च शिक्षा अध्ययन   संस्थान, राष्ट्रपति निवास शिमला 2008-2011)

 - साहित्य कला, संस्कृति, आयुर्वेद, मानविकी एवं समाज विज्ञान की  अर्द्धवार्षिक अन्तराष्ट्रीय शोध पत्रिका।

                     :      दलित चिंतन परम्परा की प्रासंगिकता एवं सामाजिक परिप्रेक्ष्य

      राष्ट्र भाषा महासंघ, मुम्बई द्वारा विश्व भाषा के रूप में हिन्दी विषयक लेख पर विशेष पुरस्कार से सम्मानित

                     :      राजमहल चौक, वर्धा, छत्तीसगढ़ से हिन्दी भाषा, हिन्दी साहित्य एवं समग्र  सृजन हेतु स्व0 श्री हरि ठाकुर स्मृति पुरस्कार से सम्मानित।

                           बाबा साहब डा. अम्बेडकर फेलोशिप सम्मान- 2006, साहित्य वारिधि मानदोपाधि एवं निराला सम्मान 2008

      वरिष्ठ प्राध्यापक-हिन्दी-दयानन्द वैदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय उरई-जालौन।

      1760, नया राम नगर, उरई (जालौन)-285001 उ0प्र0 भारत

E.Mail                        :       virendra_kritika@rediffmail.com/kritika_orai@rediffmail.com  

                                                          dr.virendrayadav@gmail.com                                                       

परिचर्चाः

लघुकथा की प्रासंगिकता और उपादेयता - (लेखनी-जनवरी-2009)

साहित्य में नारी (लेखनी-अप्रैल-2009)

वर्तमान परिपेक्ष्य में बलात्कारों में वृद्धि के कारण एवम समाधान  ( लेखनी- फरवरी-2010)

महादेवी वर्मा ( लेखनी-अप्रैल-20110)

युगपुरुष भीमराव अम्बेदकर     ( लेखनी-जनवरी-फरवरी-2011)                                  

मंथन

रंगों का पर्व होली : कला के विविध आयाम ( लेखनी-मार्च-2010)

वेदों में वृक्ष संस्कृति ( पर्यावरण) की अवधारणा ( लेखनी-  मई-2010)

रघुवीर दयाल तथा सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कहानियों में अभिव्यंजना शिल्प ( लेखनी मई-2011)

               

व्यंग्यः

नये वर्ष की एक शाम का आमंत्रण ( लेखनी-मार्च-2008)


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वेद प्रताप वैदिक


      dr.vaidik@gmail.com

स्थायी पता : ए-19 प्रेस एन्क्लेव नई दिल्ली-17-फोन-2686-7700]  2651&7295]  मो.-98&9171&1947

कार्यालय : 13 बाराखंभा रोड, नई दिल्ली - 110001   

 मुद्दाः

बुर्के से क्यों डरता है फ्रांस (लेखनी-जुलाई-2009)

चौपालः

1. जिन्ना तो बस एक गोटी है (  लेखनी-सितंबर-2009)

2. चीन को दें करारा जवाब ( लेखनी-नवंबर-2009)

3. चीन अमेरिका की मजबूरी पर भारत जरूरी (लेखनी-दिसंबर-2009)

4. एक और हजार का फर्क ( लेखनी-जनवरी-2010)

5. अनिवार्य मतदान है लोकशक्ति का शंखनाद ( लेखनी-फरवरी-2010)

6. यह लोहिया की सदी हो ( लेखनी-अप्रैल-2010)

7. कितने भोपाल ( लेखनी-दिसंबर-2010)

8. भारतीय गणतंत्र...(लेखनी-अंक- 47- जनवरी-फरवरी 2011)

9. जनता से मुठभेड़ ठीक नहीं ( लेखनी-अगस्त-2011)   

10. संयुक्त राष्ट्रसंघ में हिन्दी का हक (लेखनी-अक्तूबर-2011)

11. पाकिस्तानी किताबों का सच ( लेखनी-दिसंबर-2011)

12. भगवदगीता से दादागीरी क्यों ? ( लेखनी-जनवरी-2012)

सरोकार

1. जनगणना से जात हटाओ ( लेखनी-जून-2010)

2. बात सिर्फ शराब की नहीं ( लेखनी- नवंबर-2010)

3. अनशन के बाद क्या ( लेखनी-सितंबर-2011) 

स्मृति शेष

इंदिरा ने बनाया भारत को महाशक्ति ( लेखनी-नवंबर-2010)

रपट

ओसामा के बाद की राजनीति ( लेखनी-मई-2011)



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वेद मित्र


जन्म: 5 अगस्त, 1938, लुधियाना (पंजाब) में

पता: 356 Vale Road, Ash Vale, Surrey GU12 5LW

सम्पर्क: email: vedmohla@yayoo.com    Tel. +44(0)1252312509

व्यवसाय: सेवानिवृत सिविल एंजीनियर

हिन्दी सेवा: जीवन प्रणाली

 

अपना अधिकांश अतिरिक्त समय़ हिन्दी के प्रचार-प्रसार में लगाता हूँ। 1980 से लण्डन में हिन्दी पढ़ाता रहा हूँ। मेरे सैंकड़ों विद्यार्थी O लैवल तथा A लैवल हिन्दी परीक्षाओं में उच्च स्तर प्राप्त करते रहे हैं।

 

प्रकाशित रचनाएंसमूची हिन्दी शिक्षा (4 भागों में) -1992

विदेशियों और भारतवंशियों को हिन्दी सिखाने का पूरा पाठ्यक्रम। पुस्तक के तीन संस्करण छप चुके हैं; 40 से भी अधिक देशों में हिन्दी शिक्षण के लिए प्रयोग की जा रही है।

 संसार के अनोखे पुल - 1970

 संसार के पुलों के निर्माण और विकास की कहानी।

 विज्ञान के झरोखे से- 1968

बच्चों के आसपास की दुनिया के पीछे विज्ञान के साधारण नियमों को समझाने वाले लेखों का संग्रह; भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत।

 खेत-खेत को पानी – 1968

लघु सिंचाई योजनाओं पर जल व्यवस्था के लिए व्यवहारिक गुरों की पुस्तक; भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा बुनियादी शिक्षा साहित्य पुरस्कार प्राप्तकर्ता।

 दूरबीन की कहानी – 1967

दीरबीन के विकास की वैज्ञानिक, रोचक कथा बच्चों के लिए; भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत।

 इस माटी के लाल -1967

बच्चों के लिए राष्ट्रनिर्माताओं की जीवन झलकियां।धरती की दौलत – 1966

भूगर्भ विज्ञान पर हिन्दी में पहली पुस्तक; भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत।

 

      

 8.आई जी सी एस ई  हिन्दी - 2010।

अन्तर्राष्टीय स्तर पर हिन्दी भाषा की सैकेण्डरी स्कूल परीक्षा के लिए संभवतः एक मात्र सम्पूर्ण पुस्तक।

     Children’s Literature in Twenty First Century

जयप्रकाश भारती की प्रसिद्ध पुस्तक ‘इक्कीसवीं सदी में बाल साहित्य’ का अंगरेजी भाषा में अनुवाद                                                                   

     

      प्रकाशनाधीन

   1. बुलबुले

 बाल-कथा संग्रह

 

अन्य लेखन

हिन्दी को लोकप्रिय बनाने और उसकी समस्याओं की ओर पाठकों का ध्यान दिलाने के प्रयत्नों के रूप में विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में आलेख प्रकाशित होते रहते हैं।

 

हिन्दी ज्ञान प्रतियोगिता

हिन्दी समिति के तत्वाधान में यह अंतर्राष्टीय प्रतियोगितता वर्ष 2000 से चल रही है। चुने हुए 10-12 प्रति वर्ष भारत भेजे जाते हैं।  प्रतियोगिता के संयोजन का कार्यभार।

 

पुरस्कार / सम्मान आदि

1.      ब्रिटेन की महारानी ने 2007 में शिक्षा के क्षेत्र में दी सेवाओं के लिए एम. बी.ई. से विभूषित किया।

2.      2008 में भारतीय उच्चायोग, लण्डन ने जाँन गिलक्रिस्ट हिन्दी सम्मान प्रदान किया।

3.      2008 में यू के हिन्दी समिति ने हिन्दी सेवा सम्मान से अलंकृत किया।

4.      2003 में कृति यू के ने हिन्दी शिक्षक सम्मान द्वारा अलंकृत किया।

5.      1999 में छठे विश्व हिन्दी सम्मेलन में यूरोप में हिन्दी भाषा एवं साहित्य के प्रचार-प्रसार में बहुमूल्य योगदान के लिए प्रशस्ति।

6.      साउथ-टेम्स कालेज, लण्डन में हिन्दी अध्यापक।

मंथन

                                    ( लेखनी-सितंबर-2010)

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वंशीधर त्रिपाठी

लेखः समुद्र के किनारे (लेखनी अंक 7, सितंबर-2007)

 

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डॉ .श्रीकृष्ण मित्तल B.com (Hons) LLM,PHD



सदस्य: इनचार्ज:कर्णाटक केरल संभागीय
समितिभारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड(२००७)
वन तथा पर्यावरण मंत्रालय , भारत सरकार
सदस्य : केरल राज्य जीव जंतु कल्याण बोर्ड केरल सरकार
उपाध्यक्ष: प्राणी दया संघ मैसूर (अस पी सी ऐ)
अध्यक्ष :अखिल कर्णाटक गौरक्षा संघ (प)

दृष्टिकोण

गौशाला-गाय-गाँव -स्वालम्बन    (लेखनी-अक्तूबर-वर्ष 2- 2008)



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श्री राम परिहार

मंथन -

शब्द वृक्ष  ( लेखनी-अप्रैल-2008)

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डॉ. शकुन्तला


विचार- ( लेखनी-अक्तूबर-2010)

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शमशेर अहमद खान (भारत)

ऍम.ऐ. हिन्दी साहित्य ,इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद," बस्ती जिले की भाषा का समाज भाषा वैजानिक अध्ययन".पत्र-पत्रिकाओं में लेखन -धर्मयुग,साप्ताहिकहिन्दुस्तान,कादम्बिनी,स्वागत,नंदन,जनसत्ता,दै. हिन्दुस्तान, बालभारती, लोटपोट, चंदामामा, सहारा समय,उत्तर प्रदेश,भाषा,सरिता,नूतन सवेरा,सुमन सौरभ,मनोरमा वार्षिकी,आदि पत्र-पत्रिकाओं में दस हजार से अधिक लेख, फोटोफीचर, कहानियाँ, समीक्षाएं आदि प्रकाशित तथा आकाश वाणी से प्रसारित   दूरदर्शन से कई ज्वलंत विषयों पर लाइव टेलीकास्ट .

पुस्तक -लेखन---बाल्सेना का चमत्कार पापा का उपहार {बाल उपन्यास},गाजियाबाद से जम्मू तवी, शिमला से बदरीनाथ (यात्रा-व्रतांत),गोलू की सूझ (बाल कहानी संग्रह),पर्यावरण एवं पक्षी,पर्यावरण क्विज़,गौतम बुद्ध प्रश्नोतरी,कारगिल के शहीद,भारत रत्न डा.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम,हिन्दी के मूर्धन्य बालसाहित्यकार,सुनामी का कहर,.

संपादन--बयालीस बाल कथाएँ (भाग१ व् २),समकालीन साहित्यिक परिद्रश्य देश सदा  आबाद रहे .

सम्मान एवं पुरस्कार ---भारतीय बाल कल्याण संस्थान ,कानपुर ,ए. डब्लू.आई.सी. नई दिल्ली द्वारा उत्क्रष्ट बाल साहित्य लेखन हेतु  सम्मानित तथा पर्यावरण मंत्रालय ,भारत सरकार द्वारा "पर्यावरण क्विज़ " , भारत रत्न डा. ए.पी. जे. अब्दुला कलाम  पुस्तक को डा. रत्न लाल शर्मा स्मृति न्यास द्वारा सम्मानित.

पुरातात्विक यात्रा -----बुद्ध स्थलों -लुम्बिनी से कुशी नगर  की पुरातात्विक यात्रा..

सम्प्रति--भारत सरकार, ग्रह मंत्रालय ,राज भाषा विभाग नई दिल्ली  में सहायक निदेशक के पद  पर कार्यरत.

बाल कहानीः

चांद पर प्लाट ले लो-  (लेखनी-जून-2009)

नन्हा असलम और कुदरती जीव ( लेखनी-जुलाई-2009)

भोली भाली गिल्लू  ( लेखनी-नवंबर-2009)


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शमोएल अहमद


जन्मः 4 मई 1950

भागलपुर बिहार में जन्मे शमोएल अहमद सिविल इन्जीनियरिंग में स्नातक हैं। पव्लिक हेल्थ इन्जीनियरिंग विभाग बिहार से सेवा निवृत्त वे सम्प्रति स्वतंत्र लेखन में व्यस्त हैं। आप हिन्दी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं में समान अधिकार से लिखते हैं। आपकी कहानियों का कई भाषाओं में अनुवाद व कुछ का फिल्मांकन( सिंगारदान, आंगन का पेड़, कागजी पैरहन) दूरदर्शन के लिए व प्रसारण भी हुआ है।  मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण लिए हुए आपकी कहानियाँ धारदार हैं व मानव मन की गुत्थियों पर केन्द्रित हैं।अधिकांशतः रचनाओं का ताना-बाना स्त्री-पुरुषों के पारस्परिक संबंधों से जनमता है।

कहानी

बर्फ में आग ( लेखनी -अप्रैल-2010) 

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डॉ. शशि तिवारी


चौपालः

गुनाहों का देवता (लेखनी मार्च-अप्रैल 2011)

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--श्याम सखा श्याम

हास्य व्यंग्य

चुनाव और चम्पा ( लेखनी-नवंबर-2009)

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शिव के. कुमार ( हैदराबाद, भारत)

संपर्क सूत्रः

एफ-2 काकतिया नगर, हब्सीगुडा, हैदराबाद-500007

कहानीः किराएदार (लेखनी-अँक 25-मार्च-2009)

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डॉ. शिवकुमार मिश्र

नारी अस्मिता के संघर्ष का इतिहासः अतीत से आज तक की यात्रा में‘ ( लेखनी - अंक 27-मई 2009)
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शिव प्रसाद मिश्र रुद्र

बनारस के जाने माने और सम्मानित लेखक स्व. श्री शिव प्रसाद रुद्र  जी यशस्वी संकलन ' बहती गंगा ' जैसे अनूठे संकलन के रचनाकार हैं । आपका नाट्य शैली में भी सुखद हस्तक्षेप था।

कहानी- भृषा न होइ देव रिसि बानी ( लेखनी अंक-5- जुलाई-20 2008)

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शिबेन कृष्ण रैना


जन्मः22 अप्रैल, 1942 , श्री नगर      ( जम्मू और कश्मीर)।


एम.ए (हिन्दी और अँग्रेजी) पी.एच.डी; प्रौफेसर / लेखक

शिक्षाः जम्मू और कश्मीर, राजस्थान और कुरुक्षेत्र यूनि; अध्यक्ष हिन्दी विभाग गवर्मेंट पोस्ट ग्रैजुएट कौलेज     अलवर में प्रिंसिपल पद से स्वेच्छा सेवा निवृत्ति और शिमला के भारतीय उच्च शिक्षा संस्थान, राष्ट्रपति निवास में फैलो की तरह नियुक्त हुए, और अनुवाद की समस्याओं पर (1999-2001) तक काम किया।

प्रकाषित कृतियाँ- 14 पुस्तकें -  काश्मीरी भाषा और साहित्य ( 1972), काश्मीरी साहित्य की नवीनतम प्रवृत्तिया ( 1973) , काश्मीरी रामायण-रामावतार चरित का कश्मीरी से हिन्दी में अनुवाद (1975), लाल देद / हब्बाखातून के एकांकियों का अंग्रेजी से हिन्दी में अनुवाद (1980), शायरे काश्मीर-मंसूर ( अनुवाद -1989), एक दौर ( उपन्यास अनुवाद1980), काश्मारी कवियत्रियाँ और उनका रचना संसार ( समालोचना-1996) मौन संभाषण ( लघु कथाएँ -1999)।

सम्मान-बिहार राज्यभाषा विभाग, पटना 1983, केन्द्रीय हिन्दी संस्थान सौहाद्र सम्मान (1990), राजस्थान साहित्य अकादमी अनुवाद सम्मान-(1998), भारतीय अनुवाद परिषद सम्मान (1999) वगैरह।पताः 2/537(HIG) अरावली विहार, अलवर, 301001, भारत।


लघुकथा

1. बाबूजी  (लेखनी-मार्च-अप्रैल-2011)

 2. उसका मन्दिर  (लेखनी-मई-2011) 

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शैल अग्रवाल( यू.के.)


21 जनवरी 1947 वाराणसी, भारत में जन्म।


सम्पूर्ण शिक्षा वहीं। 

शिक्षाः अंग्रेजी साहित्य, संस्कृत व चित्रकला में स्नातक,

प्रथम श्रेणी औनर्स के साथ। 

अंग्रेजी साहित्य में एम.ए.।

1968 से आजतक मुख्यतः ब्रिटेन में । 

रुझान कलात्मक और दार्शनिक।

लिखना,पढ़ना आदत और मजबूरी दोनों ही। पहली कविता आठ वर्ष की उम्र में

पहली कहानी 11 वर्ष की उम्र में। दोनों ही तत्कालीन आज अखबार में प्रकाशित।

जीवन के एक लम्बे जुझारू और मौन अन्तराल के बाद

पिछले एक दशक से लेखनी पुनःसक्रिय।

हिन्दी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं में निरंतर लेखन ।

प्रकाशित कृतियां--

1.समिधा -कविता-संग्रह

2.ध्रुवतारा कहानी संग्रह

3. लंदन-पाती-निबंध संग्रह

कविता संग्रह-नेतिनेति  व उपन्यास -शेष अशेष-प्रकाशनाधीन।

निबंध, कहानी, कविताएं देश विदेश की विभिन्न पत्रिकाओं और संग्रहों में । कुछ दूराभाष और इन्द्रजाल पर भी। चन्द मराठी व नेपाली में अनुवादित व कुछ पर भारत के विभिन्न विद्यालयों में शोधकार्य।

सम्मान

2006 - भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, साहित्य अकादमी तथा अक्षरम का संयुक्त अलंकरणः काव्य पुष्तक समिधा के लिए लक्ष्मीमल सिंघवी सम्मान। (देहली)

2007-  उत्तरप्रदेश हिन्दी संस्थानः उत्कृष्ट साहित्य-सृजन व  हिन्दी प्रचार-प्रसार सम्मान  (विदेश)। (लखनऊ)

2010 - यू.के. हिन्दी समितिः हिन्दी सेवा सम्मान (लंदन)

लेख

1. साहित्य और नारी (लेखनी-अंक-1-मार्च-2007)

2. अपने अपने सच (लेखनी-अंक-2-अप्रैल-2007)

3. रचना और रचनाकार ( लेखनी-अंक-3-मई-2007)

4. हिन्दी और प्रवासी साहित्य (लेखनी-अंक-6-अगस्त-2007) 

5. बापू और हम (लेखनी-अंक-8-अक्तूबर-2007)
6. ग़ज़ल की दस्तक( लेखनी-अँक-10-दिसम्बर-2007)
7. युग कगार पर (लेखनी-अंक-11- जनवरी-2008)

8. होली के रंग (लेखनी-अंक-13-वर्ष 2-मार्च 2008) 

9. यह तेरा घर, यह मेरा घर ( लेखनी-अंक-4-वर्ष-2-जून-2008)

10. सबके राम, सबमें राम (लेखनी-अंक-8-वर्ष-2-अक्तूबर-2008)

11. मां और मासी ; दो बहनें ( लेखनी-अंक 29-वर्ष -तीन-2009) 

12. दो नावों पर ( लेखनी-अंक 42-वर्ष 4- 2010)

विमर्श

प्रवासी साहित्यकार ( लेखनी-सितंबर-2011) 

किस ओर (लेखनी-अक्तूबर-2011)


परिचर्चा-

1.विलुप्त होती गंगा मैया ( लेखनी अंक-17-जुलाई-2008)

2. मानदंड (लेखनी अंक19-सितंबर-2008)

3. हरि अनंत हरिकथा अनंता  (लेखनी-अंक-20-वर्ष-2-अक्तूबर-2008)

4. कबतक ( लेखनी अंक 27- मई 2009)

5. बाल साहित्य और चंदामामा ( लेखनी-अंक35-जनवरी2010)

6. वसुधैव कुटुम्बकम ( लेखनी-अंक 45-नवंबर 2010)

7.सच झूट से परे ( लेखनी-अंक 46-वर्ष 4-दिसंबर 2010)

परिदृश्य

1. यात्रा और पड़ाव-(लेखनी-अगस्त-2009)

2.. स्पाघेटी जंक्शन (लेखनी-नवंबर-2009)

3. मेरा शहर (  लेखनी-जुलाई-2011)

4. दंगेः दो चेहरे ( लेखनी-सितंबर-2011) 

संस्मरण

सुर सावन ( लेखनी-जुलाई-2010)

घर से घर तक ( लेखनी-अगस्त-2010)

कहानी-

1.तपिश ( लेखनी-अंक-4-जून-2007)

2. बसेरा (लेखनी-अंक-3-वर्ष 2-मई-2008) 

3. घर का ठूंठ ( लेखनी-अंक 9-वर्ष 2-नवंबर 2008) 

4. अनन्य ( लेखनी-अंक-12-वर्ष-3-फरवरी 2009)

5. यादों के गुलमोहर ( लेखनी-अंक 28 -वर्ष3 -जून 2009)

6. विसर्जन ( लेखनी-अंक 32- अक्तूबर-2009)

7. तब भी नहीं (लेखनी-अंक35-जनवरी-2010)

8. ध्रुवतारा ( लेखनी-अंक 36- फरवरी-2010)

9. वापसी ( लेखनी अंक-37-मार्च-2010)

10. सूखे पत्ते ( लेखनी-अंक 38-अप्रैल 2010)

11. कनुप्रिया ( लेखनी-अंक 39- मई 2010)

12. जिज्जी ( लेखनी-अंक 40- जून 2010)

13. जीने की शर्त ( लेखनी अंक 41-जुलाई 2010)

14. भीगता पानी (लेखनी अंक 42- अगस्त 2010)

15. एक और सच ( लेखनी अंक 44- अक्तूबर 2010)

16. दिए की लौ ( लेखनी-अंक 45-नवंबर 2010)

17. वार्ड नं. 18 (लेखनी अंक 46-दिसंबर 2010)

18. आम आदमी (लेखनी-अंक- 47-48- जनवरी-फरवरी 2011)

19. मकड़ी ( लेखनी- अक 49-50- मार्च-अप्रैल 2011)

20. भय ( लेखनी-मई-2011)

21. खारा समन्दर ( लेखनी-मई-2011)

22. एकबार फिर... ( लेखनी-जुलाई-2011)

23. कलकी ( लेखनी- सितंबर 2011)

24. विच (लेखनी-अक्तूबर-2011)

25. बावरी चिड़िया ( लेखनी-नवंबर-2011)

26. कायर ( लेखनी-दिसंबर-2011)

27. बीज़ ( लेखनी-जनवरी-20120

धारावाहिक उपन्यास

शेष अशेष- 21 किश्तों में (लेखनी-अंक-8-अक्तूबर-2007 से मई 2009 तक)



लघुकथा-

1.गेंद (लेखनी-अंक11- जनवरी 2008)

2. वीर (लेखनी-अंक11- जनवरी 2008)

3. निरुत्तर (लेखनी-अंक 19-सितंबर-2008)

4. व्रत ( लेखनी-अंक 21-नवंबर 2008)

5. पति परमेश्वर (लेखनी-अंक 24-फरवरी-2009)

6. गुलाम (लेखनी-अंक 25-मार्च-2009)

7. लानत ( लेखनी-अँक 31-सितंबर-2009)

8.    रंग     ( लेखनी-अँक 42-अगस्त-2010)

 व्यंग्य-

1.हिन्दी मैया ( लेखनी-अंक-7-सितंबर-2007)

2.चुटकी एक गुलाल की (लेखनी-अंक-1-वर्ष 2-मार्च-2008)

3. नेताजी और कवि (लेखनी-अंक 25-मार्च-2009)

 पर्व-परिचय-

1.दीपावली( लेखनी-अँक-9-नवंबर-2007) 

 2. सेंट वैलेंटाइन डे(लेखनी-अँक-12 -फरवरी-2008)



पर्यटन

1. पैरिस ( लेखनी अंक-4-वर्ष-2-जून-2008)                 

 2. बुडापेस्ट (लेखनी-अंक-7-वर्ष-2-सितंबर-2008)

3. आस्था के गलियारे में ( उत्तराखंड के चार धाम) ( लेखनी-अंक-31-सितंबर 2009)


 (बाल-साहित्य) चांद परियाँ और तितली 

वर्णन,

1.शेर और सियार-पंचतंत्र की कहानियों से ( लेखनी-अंक-1-मार्च 2007)

2. लोक-कथा हाथी(लेखनी-अंक-2-अप्रैल 2007)

 दो ग्राम लोककथा ( लेखनी0जनवरी-2009)

3. मक्खीचूस

4. असली घी की ताकत

.अकबर और बीरबल के किस्से-

5.पूर्वजों के हालचाल ( लेखनी-मार्च-2009)

6.. यहूदी लोक कथा- उचित न्याय ( लेखनी-सितंबर-2009)

7. पहचान ( अकबर बीरबल) - ( लेखनी-सितंबर 2011)


बाल कहानी-

1. फूल-परी ( लेखनी-अंक-3-मई-2007) 

2. कहानी की कहानी (लेखनी-अंक 4, जून-2007)

3. बारिश (लेखनी-अंक-5-जुलाई-2007)

4. दिन-रात(लेखनी-अंक-7-सितंबर-2007)                              

5. चकमक लाल पत्थर ( लेखनी-अंक-5-वर्ष-2-जुलाई-2008) 

6. स्मार्टी ( लेखनी-अंक-7-सितंबर 2008) 

7. पतझर का एक पात ( लेखनी-अंक-9-नवंबर 2008)

8. रंग बरसे ( लेखनी-अँक 37-मार्च 2010)

9. एक था राजा ( लेखनी-अंक 45-नवंबर 2010)

10. बादल ( लेखनी-अंक 53-जुलाई 2011


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नाम : शैलेन्द्र चौहान
जन्म : शैलेन्द्र चौहान का जन्म खरगौन में 1957 ई. में हुआ।
शिक्षा : प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा विदिशा जिले के ग्रामीण भाग में प्राप्त करने के पश्चात बी.ई. (इलेक्ट्रिकल) विदिशा से की।
लेखन : लेखन विद्यार्थी काल से ही आरम्भ कर दिया था। पहले कविताओं और कहानियों की रचना की और फिर बाद में आलोचना में भी हाथ आजमाए।
वैज्ञानिक, शैक्षिक, सामाजिक एवं राजनैतिक लेखन भी किया। सभी स्तरीय पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएँ प्रकाशित होती रहती हैं।
प्रकाशन :
निम्नलिखित पुस्तकें भी शैलेन्द्र चैहान ने लिखीं:-
कविता संग्रह: ’नौ रुपये बीस पैसे के लिए’ 1983 में प्रकाशित, ’श्वेतपत्र’ दो दशकों के अंतराल के बाद 2002 में, ’और कितने प्रकाश वर्ष’ 2003
में, ’ईश्वर की चौखट पर’ 2004 में।
कहानी संग्रह: ’नहीं यह कोई कहानी नहीं’ 1996 में प्रकाशित, कथा, संस्मरणात्मक उपन्यास एवं आलोचना पुस्तक तैयार।
’सदी के आखरी दौर में’ कविता संग्रह के बारह कवियों में से एक
संपादन : संपादन: ’धरती’ अनियतकालिक साहित्यिक पत्रिका, जिसके अंक चर्चित रहे, श्री रामवृक्ष बेनीपुरी पर ’सामान्य जन संदेश’ का बहुचर्चित विशेषांक
संपादित, सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी कुंदनलाल गुप्त, शिव वर्मा एवं अमर शहीद महावीर सिंह की संक्षिप्त परिचयात्मक जीवनियाँ। एक निबन्ध संग्रह ’संस्कृति
और समाज’, विकल्प की ओर से प्रकाश्य
अन्य: ’अभिव्यक्ति’, ’प्ररेणा’ और ’सामान्य जन संदेश’ पत्रिकाओं में संपादन सहयोग।
पुरस्कार : पुरस्कारों, सम्मानों एवं जोड़-जुगाड़ से नितांत परहेज़।
अन्य : सामाजिक, सांस्कृतिक गतिविधियों में लगातार सक्रियता।
संप्रति : इस समय एक सार्वजनिक उपक्रम में मुख्य प्रबंधक।
सम्पर्क  : shailendrachau@gmail.com

कहानी समकालीन

संप्रति  ( लेखनी-जनवरी-2012)

 शेरजंग गर्ग

         

लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकार व आलोचक

लेखः मंथन- व्यंग्य आलोचनाः चिंतन और चिंताएं-( लेखनी-मार्च-2009) 


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श्याम सुन्दर चौधरी

पताः एच-61/4, साहनी कालोनी, केन्ट, कानपुर

 

-स्मृति शेष-कानपुर की होली (लेखनी अंक 1-वर्ष 2-मार्च 2008) 

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श्याम सुन्दर दुबे

संपर्क सूत्रः  

      श्री चंडी जी वार्ड

       हटा ( दमोह)

       म.प्र. 47077.      

रागरंग- हलदी रंग रंगीली ( लेखनी अंक 1, वर्ष 4-मार्च 20010)

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श्याम सखा श्याम


लघुकथाः चंपा और चुनाव (लेखनी-नवंबर-2009)

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                             स्नेह ठाकुर

संपादक-प्रकाशक 'वसुधा' हिन्दी साहित्यिक पत्रिका नाटक, काव्य, कहानी, निबंध, गीत, भजन, गजल, रिपोरताज आदि का हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में लेखन  कैनेडा की फेडरल गवर्नमेंट के मल्टीकल्चरिज़्म एण्ड हेरिटेज़ डिपार्टमेंट द्वारा 'अनमोल हास्य क्षण' नाटक संग्रह लिखने हेतु अधिकतम अनुदान पुरस्कारितदि नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ पोएट्री द्वारा 'एडिटर्स च्वाइस एवार्ड्स' से चार बार सम्मानित  वर्ष 2003 के पुरस्कार के लिए मनोनीत कवि.  राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित  8वाँ विश्व हिंदी सम्मेलन 2007, न्यूयार्क में विशिष्ट अतिथिप्रवासी भारतीय दिवस, 2008,  दिल्ली,  भारत में आमंत्रित अतिथि. साहित्य अकादमी दिल्ली द्वारा प्रकाशित 'प्रतिनिधि आप्रवासी  हिंदी  कहानियाँ'में मनोनयन 'दि वर्ल्ड ऑन दि स्ट्रीट फ़ेस्टिबल' के दीर्घकालीन इतिहास में अपनी पुस्तक से पढ़ने वाली एकमात्र हिन्दी लेखक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निबंध, कहानी,  कविता, रिपोरताज आदि 'सरिता',  'गृह शोभा', 'सुषमा', 'मुक्ता', 'कादंबिनी', 'भाषा सेतु', 'समरलोक', 'ऋचा', 'पहचान ', 'गुर्जर राष्ट्र वीणा',  'दीप ज्योति', 'आधुनिक एवं हिन्दी कथा साहित्य में नारी का बदलता स्वरूप',  'नौतरणी', 'प्रतिनिधि आप्रवासी हिंदी कहानियाँ',  'गगनाञ्चल', 'लेखनी', 'बाल सखा',  'राष्ट्र भाषा' और 'पुरवाई' आदि में प्रकाशित
(जनवरी १, २००४ से), अध्यक्ष सद्भावना हिन्दी साहित्यिक संस्था,  सदस्य संपादकीय बोर्ड, डॉ लक्ष्मी मल्ल सिंघवी 'दिग्दर्शन ग्रंथ समिति', सदस्य स्कारबोरो आर्ट्स काउन्सिल, लाइसम  क्लब, वीमेन्स आर्ट्स एसोसिएशन ऑफ कैनेडा (१९९९-२००५), लाइवली पोएट्स सोसायटी, कार्यकरिणी सदस्य विश्व हिन्दू परिषद् (२०००-२००७), विशिष्ट सदस्य इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ़ पोएट्स, डायरेक्टेर कैनेडियन काउन्सिल ऑफ़ हिंदूज (२००३-२००५), भूतपूर्व कार्यकारिणी सदस्य हिन्दी नागरी प्रचारिणी सभा, को-चेयर इंडियंस इंडिपेंडेंस डे सेलिब्रेशन मारखम २००५.

कहानी- दुर्घटना या प्रारब्ध ( लेखनी-अंक 42-अगस्त-2010)


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एस. आर. हरनोट

जन्मः हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला की पिछड़ी पंचायत व गांव चनगांव में।

शिक्षाः बी.ए. आनर्ज, एम.ए. हिन्दी, पत्रकारिता, लोक संपर्क एवं प्रचार-प्रसार में उपाधि पत्र।  

निरंतर लेखन व समाज सेवा। विभिन्न पत्रिकाओं में कहानियों के अलावा करीब 1000 लेख प्रकाशिथ। सभी मुख्य संकलन व पत्र पत्रिकाओँ में प्रकाशित। अंग्रेजी, मराठी, गुजराती सहित कई भाषाओँ में कहानियों का अनुवाद। कहानी दारोश पर इन्डियन क्लासिक्ज के तहत दिल्ली दूरदर्शन द्वारा फिल्म निर्णाण।   फोटोग्राफी में विशेष रुचि और कई प्रदर्शनिओं का आयोजन। आर्थिक रूप से कमजोर और दलितों के उत्थान के लिए निरंतर काम। 

कहानी संग्रहः पंजा(1987), आकाश बेल (1987), पीठ पर पहाड़( 1992),दारोश तथा अन्य कहानियां(2001), माफिया ( अँग्रेजी में अनुवादित कहानी संग्रह-2004)

उपन्यास-हिडिम्ब (2004)

हिमाचल के मन्दिर और उनसे जुड़ी लोक कथाएँ- लगभग 250 मन्दिरों पर शोधकार्य और उनसे जुड़ी लोक-कथाएँ(1991)

यात्रा-किन्नौर, स्पिति, लाहुल और मणि-महेश पर ऐतिहासिक व सांस्कृतिक यात्राएँ(1994)

 हिमालय एट ए ग्लान्स- संयुक्त शोध कार्य-हिमाचल प्रदेश पर 3000 फैक्ट्स (2000)

हिमाचल की कहानी-इतिहास(2002)

प्रदेश तथा देश से प्रकाशित पत्र-पत्रिकाओं में नियमित लेखन।

पुरस्कार व सम्मानः दारोश व अन्य कहानियों के लिए 2003 का अँतर्राष्ट्रीय इन्दु शर्मा सम्मान से लंदन में सम्मानित व 2007 में हिमाचल राज्य अकादमी पुरस्कार। क्रिएटिव न्यूज फाउन्डेशन देहली द्वारा विशिष्ट साहित्यकार सम्मान। अखिल भारतीय भारतेन्दु हरिश्चन्द एवार्ड। हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ हमीरपुर द्वारा साहित्यकार सम्मान। हिमाचल गौरव सम्मान। भाषा और संस्कृति विभाग हि.प्र. द्वारा कहानी व निबंध लेखन के लिए सम्मानित। प्राचीन कला केन्द्र चंडीगढ़ द्वारा श्रेष्ठ साहित्य सम्मान। हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग द्वारा साहित्य सम्मान। हिमाचल केसरी अवार्ड। डॉ. वाई. एस. परमार हिमाचल श्री साहित्य सम्मान। 

संपर्क सूत्रःs_r_harnot@rediffmail.com

 

लघु कथा- 

मोबाइल ( लेखनी-अँक 9-नवंबर-2007)

रोबो (लेखनी-अँक-9-नवंबर-2007)

कहानी समकालीन

अमानव ( लेखनी-अँक-52-जून-2009)

बिल्लियां बतियाती हैं ( लेखनी-नवंबर-2011)

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संजय जगनाल

पिता का नाम :     श्री भंवरलाल जनागल

जन्म  :     03-04-1981 बीकानेर (राजस्थान)

शिक्षा  :     एम.ए. (हिन्दी), एम.एड., पी.जी.डी.सी.ए.

लेखकीय अभिरूचि   :     हिन्दी और राजस्थानी में कहानी, लघुकथा एवं कविता

पत्र-पत्रिकाएं   :     दैनिक भास्कर, राजस्थान पत्रिका, दैनिक युगपक्ष, शेष 

जिनमें रचनाएं             अक्षर ख़बर, विकल्प, अजीत समाचार, वर्तमान साहित्य
प्रकाशित           माणक, मरू गुलशन, पंजाबी साहित्य सरस्वती सुमन आदि

 इन्टरनेट पर रचनाएं  :     रचनाकार डाट काम, सृजनगाथा डाट काम,
 साहित्य शिल्पी

 
           सम्प्रति :  मुख्यमंत्री कार्यालय, सचिवालय, जयपुर

 

प्रकाशकाधीन कृति   :     नर्इ रोशनी (लघुकथा संग्रह) प्रकाशन वर्ष 2011

  

पुरस्कार      :     यू.आर्इ.टी. बीकानेर का एल.पी. तैस्सीतोरी राजस्थानी गध 
            (नवोदित) 2009-10 

 
सामाजिक गतिविधियाँ :     उपाध्यक्ष, सोशल प्रोग्रेसिव सोसायटी, बीकानेर (रजि.)

सतपाल खुल्ललर

गांव व डाकघर -तलवंडी भाई, जिला-फिरोजपुर-142056

फोन : 01632-231178

09855574726(मोबाइल)


लघुकथा- सम्मान-  पंजाबी से अनुवादः सुभाष नीरव ( लेखनी-दिसंबर-2009)

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सत्येन्द्र श्रीवास्तव

संपर्क सूत्रः फ्लैट 25, 8 न्यूचन स्ट्रीट , लंदन W C 2 B5EG  यू.के.

परिदृश्य

ब्रिटेन में भारतीय (लेखनी-अक्तूबर-2011)

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सरोज शर्मा

सम्पर्क सूत्र- 100/2ए, गांवड़ी एक्सटेंशन, दिल्ली-110 053

परिचय -शैलेश मटियानी-एक परिचय ( लेखनी-अंक 31- सितंबर 2009)

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सविता प्रथमेश

संपर्क सूत्र- प्रथमेश मिश्र, आर्कीटेक्ट, आजाद नगर, मसानगंज, बिलासपुर ( छत्तीसगढ़)

परिचर्चा - वेश्याओं ने भी लड़ी थी आजादी की लड़ाई  ( लेखनी अँक-18-अगस्त 2008)


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सिमाला प्रसाद

संपर्क सूत्र– डी-3/ 17, चार इमली, भोपाल, मध्य प्रदेश।

रागरंग लेख

भारतीय त्योहार (लेखनी -अक्तूबर-2009)

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सीताराम गुप्ता

 5 नवंबर 1954

जन्म स्थान -दिल्ली का एक गांव

टी.वी. प्रेजेन्टेशन में डिप्लोमा। उर्दू तथा रूसी साहित्य में रुचि। इन्ही के साथ अरबी व फारसी भाषाओं का भी अध्ययन किया। कुछ अनुवाद कार्य उर्दू में आये। देश भर की अनेक पत्र-पत्रिकाओँ में लेख, कविताएँ और व्यंग्य प्रकाशित। कविता संग्रह -मेटामौर्फोसिस -प्रकाशित तथा यात्रा वृतान्त -मानस यात्रा-शीघ्र प्रकाश्य। पहली कविता रूसी भाषा में छपी। आध्यात्मिक उपचार, व्यक्तित्व विकास और उनके समग्र रूपान्तरण पर निरंतर लेखन।

संपर्क-सूत्र- - 

ए.डी.-१०६-सी, पीतमपुरा,
दिल्ली-११००३४
फोन नं. ०११-२७३१३९५४


 लेख -(हितोपदेश)

1.मन है एक कल्प-वृक्ष (लेखनी-अंक 11- जनवरी-2008)

2. क्षमा वीरस्य भूषणम् ( लेखनी-मई-2011)

परिचर्चा-   

1.सांचे में मन के    (लेखनी-अँक-4-वर्ष-2-जून-2008)

 2.  आनंद का अनुपम स्रोत हैं पर्व त्योहार और मेले-ठेले ( लेखनी-अंकृ 9 -वर्ष-2 -नवंबर 2008.)      

3.शिद्दत  से ( लेखनी-अंक-12- वर्ष-2-फरवरी-2008)गुलदस्ता-

 4. रख रखाव ( लेखनी-अंक 29-जनवरी 2009)

रागरंग-   

 1. लेखन एक ध्यानस्थ मनःस्थिति (लेखनी-नवंबर-2009)

 2. अग्रपूज्य गणेश की प्रतीकात्मकता तथा प्रासंगिकता ( लेखनी-जून-2010)

लघु कथा

1-  त्रिशंकु  ( लेखनी-अंक-3-वर्ष-2-मई-2008)


2.- समाज-सेवी (लेखनी-अंक-3-वर्ष-2-मई-2008)

पर्यटन

गणेश प्रतिमाओं का अद्भुत संग्रहालय (लेखनी-जनवरी-2010)

परिदृश्य

नए भगत की आरती ( लेखनी -अंक 45-नवंबर 2010)

चौपाल

परंपरा और आधुनिकता ( लेखनी-मार्च-2010)

मिर्ज़ा असदुल्लाह ख़ाँ ‘ग़ालिब’ ( लेखनी-जुलाई-2010)

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सीतेश आलोक

लघुकथाः

              कमीज ( लेखनी-सितंबर-2009)

                दुश्मन ( लेखनी-सितंबर-2009)

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सु. गुरुमूर्ति

संपर्क सूत्रः

सु. गुरुमूर्ति – 65, मैंगलेस रोड, नागल नगर, दिन्दीगुल-624003 ( तामिलनाडु)  

तामिल से गुहना की कहानी का अनुवाद

कहानी- एक सखा अरविंदन् ( लेखनी-अक्तूबर-2010)

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सुकेश साहनी



जन्म : 5 सितम्बर, 1956(लखनऊ)

शिक्षा : एम.एससी. (जियोलॉजी), डीआईआईटी (एप्लाइड हाइड्रोलॉजी) मुम्बई से।

कृतियां : डरे हुए लोग, ठंडी रजाई (लघुकथासंग्रह), मैग्मा और अन्य कहानियाँ, (कहानीसंग्रह), अक्ल बड़ी या भैंस (बालकथासंग्रह), लघुकथा संग्रह पंजाबी,गुजराती,मराठी एवं अंग्रेजी में भी उपलब्ध । मैग्मा कहानी सहित अनेक लघुकथाएँ, जर्मन भाषा में अनूदित। अनेक रचनाएँ पाठ्यक्रम में शामिल रोशनीकहानी पर दूरदर्शन के लिए टेलीफिल्म।  

अनुवाद : खलील जिब्रान की लघुकथाएँ, पागल एवं अन्य लघुकथाएँ, विश्व प्रसिद्ध लेखकों की चर्चित कहानियाँ,

रोशनीकहानी पर दूरदर्शन के लिए टेलीफिल्म।

सम्पादन : हिन्दी लघुकथा की  पहली वेब साइट www.laghukatha.com का वर्ष 2000 से सम्पादन। आयोजन, महानगर की लघुकथाएँ, स्त्रीपुरुष संबंधों की लघुकथाएँ, देह व्यापार की लघुकथाएँ, बीसवीं सदी : प्रतिनिधि लघुकथाएँ, समकालीन भारतीय लघुकथाएँ, बाल मनोवैज्ञानिक लघुकथाएँ ब्लाग : http://www.kathaakaarssahni.blogspot.com/

http://www.sukeshsahni.blogspot.com/

सम्मान : डॉ.परमेश्वर गोयल लघुकथा सम्मान 1994,

 माता शरबती देवी पुरस्कार 1996,

डॉ. मुरली मनोहर हिन्दी साहित्यिक सम्मान 1998,

बरेली कालेज, बरेलीस्वर्ण जयन्ती सम्मान 1998,

माधवराव सप्रे सम्मान 2008

दयादृष्टि अतिविशिष्ट उपलब्धि सम्मान 2009

सम्प्रति : भूगर्भ जल विभाग में सीनियर हाइड्रोजियोलॉजिस्ट।

सम्पर्क : 193/21 सिविल लाइन्स, बरेली–243001

मेल : sahnisukesh@gmail.com

फोन : 0581 2429193, 0581 3297904, 9335280003,  9634258583

 


लघुकथा

1. बैल ( लेखनी-सितंबर-2010)

2. शिक्षाकाल ( लेखनी-सितंबर-2010)

3. असंवाद -अनुवाद खलिल  जिब्रान ( लेखनी-दिसंबर-2011)



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सुदर्शन सुनेजा

कहानी विशेष समीक्षा के साथ

अखबार वाला ( लेखनी -अक्तूबर-2011)


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              सुषम बेदी




जन्म : १ जुलाई १९४५ को पंजाब के फीरोजपुर नामक शहर में।
शिक्षा : इंद्रप्रस्थ कॉलेज, दिल्ली से १९६४ में बी.ए., १९६६ में एम.ए. औऱ १९६८ में दिल्ली यूनिवर्सिटी से एम.फिल. की डिग्री तथा १९८० में पंजाब यूनिवर्सिटी से पीएच.डी. की उपाधि।

कार्यक्षेत्र : हिंदी के समकालीन कथा और उपन्यास साहित्य में सुषम बेदी एक जाना माना नाम हैं। उनकी पहली कहानी १९७८ में प्रसिद्ध साहित्यिक पत्रिका 'कहानी' में प्रकाशित हुई और १९८४ से वे नियमित रूप से प्रकाशित होती रही हैं। उनकी रचनाओं में भारतीय और पश्चिमी सांस्कृति के बीच झूलते प्रवासी भारतीयों के मानसिक आंदोलन का सुंदर चित्रण हुआ है।


कहानी

चील और चिड़िया ( लेखनी-नवंबर-2010)

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          सुधा अरोड़ा

आज के युग की एक संवेदनशील और सशक्त रचनाकार। अपने  लेखन के बारे में आप का कहना है - कहानी लेखन की शरुआत एक हादसे की तरह हुई। 1964 का वह दिन मुझे बहुत अच्छी तरह याद है जब चाचा नेहरू की मृत्यु हुई थी और सब रेडिओ के इर्दगिर्द सिमट आए थे। बच्चे बूढ़े सब बिलख रहे थे। मैं करीब एक सप्ताह से लगातार बीमार थी। बस, मां वे हाथ में डायरी थमा दी। बिस्तर पर लेटे- लेटे प्रेम की एक काल्पनिक स्थिति ने जन्म लिया और एक भावुक-सी कहानी लिख डाली। इस कहानी का शीर्षक था-एक सेंटीमेन्टल डायरी की मौत जो मैंने 1963 में लिखी थी। तब मेरी उम्र सत्रह साल थी। इसे लिख  चुकने के बाद मैं अपनी बीमारी की हताशा से एक हद तक उबर आयी। लेखन एक बढ़िया निकास का जरिया (आउटलेट) हो सकता है. यह ,मझ में आ गया था।

अन्नपूर्णा मंडल की आखिरी चिठ्ठी  ( लेखनी-दिसंबर 2010)

आत्मकथ्य ( लेखनी-दिसंबर 2010)

दीवारों में चिनी चीखों का महाप्रयाण  ( लेखनी-नवंबर-2011)

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              सुधा ओम धींगरा


 जन्मः ७ सितम्बर  जालंधर , पंजाब । 

शिक्षा-
पीएच.डी. (हिंदी) विधाएँ-
कविता, कहानी, उपन्यास, इंटरव्यू, लेख एवं रिपोतार्ज।
प्रकाशित कृतियाँ -- कौन सी ज़मीन अपनी ( कहानी संग्रह ), वसूली (कहानी संग्रह ),
टारनेडो (कहानी संग्रह पंजाबी में अनुदित ), धूप से रूठी चाँदनी (काव्य संग्रह), तलाश पहचान की (काव्य संग्रह),  सफ़र यादों का (काव्य संग्रह ), माँ ने कहा था (काव्य सी.डी.), १३ प्रवासी संग्रहों में कविताएँ, कहानियाँ प्रकाशित | संदली बूआ (पंजाबी में संस्मरण) | कई कृतियाँ पंजाबी में अनुदित | ''आकाश ढूँढती वह ..'' (उपन्यास ), ''सरकती परछाइयाँ'' (काव्य संग्रह) प्रकाशन के लिए तैयार |
संपादन--
हिन्दी चेतना (उत्तरी अमेरिका की त्रैमासिक पत्रिका) की संपादक हैं। मेरा दावा है (काव्य संग्रह-अमेरिका के कवियों का संपादन )| अनुवाद -
परिक्रमा (पंजाबी से अनुवादित हिन्दी उपन्यास)|
विशेष-  
हिन्दी विकास मंडल (नार्थ कैरोलाइना) की सचिव । अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति (अमेरिका) के कवि सम्मेलनों की राष्ट्रीय संयोजक |
उत्पीड़ित नारियों की सहायक संस्था 'विभूति' की सलाहकार | इंडिया आर्ट्स ग्रुप एवं शिडोरी प्रोडक्शंज़ की स्थापना कर हिन्दी के बहुत से नाटकों और शोज़ का मंचन किया है |
अनगिनत कवि सम्मेलनों का सफल संयोजन एवं संचालन किया है | रेडियो सबरंग ( डेनमार्क ) की संयोजक | टी.वी., रेडियो एवं रंगमंच की प्रतिष्ठित कलाकार |
सम्मान-
१) कथाबिम्ब पत्रिका में प्रकाशित कहानी ''फन्दा क्यों...?'' पाठकों के अभिमतों के आधार पर वर्ष २०१० की श्रेष्ठ कहानी और ''कमलेश्वर स्मृति कथा पुरस्कार २०१० '' द्वारा पुरस्कृत |
२) अमेरिका में हिन्दी के प्रचार -प्रसार एवं सामाजिक कार्यों के लिए वाशिंगटन डी.सी में तत्कालीन राजदूत श्री नरेश चंदर द्वारा सम्मानित |
३) चतुर्थ प्रवासी हिन्दी उत्सव २००६ में ''अक्षरम प्रवासी मीडिया सम्मान''|
४) हैरिटेज सोसाइटी नार्थ कैरोलाईना (अमेरिका ) द्वारा ''सर्वोतम कवियत्री २००६'' से सम्मानित |
५) ट्राईएंगल इंडियन कम्युनिटी, नार्थ - कैरोलाईना (अमेरिका ) द्वारा  ''२००३ नागरिक अभिनन्दन |
६) हिन्दी विकास मंडल , नार्थ -कैरोलाईना( अमेरिका ), हिंदू- सोसईटी , नार्थ कैरोलाईना( अमेरिका ), अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति (अमेरिका) द्वारा हिन्दी के प्रचार -प्रसार एवं सामाजिक कार्यों के लिए कई बार सम्मानित |
!

संपर्क:101 Guymon Ct., Morrisville, NC-27560, USA., Email-sudhadrishti@gmail.com.,

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कहानी

कौन सी धरती अपनी ( लेखनी-सितंबर-2011)

क्षितिज से परे ( लेखनी -अक्तूबर-2011)

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                         सुधा भार्गव


शिक्षा --बी ,ए.बी टी ,रेकी हीलरशिक्षण --बिरला हाई स्कूल कलकत्ता में २२ वर्षों तक हिन्दी भाषा का  शिक्षण कार्य |  साहित्य सृजन ---विभिन्न विधाओं पर रचना संसार साहित्य  संबन्धी संकलनों में तथा पत्रिकाओं में रचना प्रकाशन प्रकाशित पुस्तकें रोशनी की तलाश में --काव्य संग्रह बालकथा पुस्तकें---१ अंगूठा चूस २ अहंकारी राजा३ जितनी चादर उतने पैर ---सम्मानित-राष्ट्रीय शिखर  साहित्य  सम्मान !
आकाश वाणी दिल्ली से कहानी कविताओ. का प्रसारण सम्मानित कृति--रोशनी की तलाश में सम्मान --डा .कमला रत्नम सम्मान पुरस्कार --राष्ट्र निर्माता पुरस्कार (प. बंगाल -१९९६)अभिरुचि --देश विदेश भ्रमण ,पेंटिंग .योगा,अभिनय ,वाक्  प्रतियोगिता
वर्तमान लेखन का स्वरूप --
बाल कहानियाँ
बाल स्म्रतियां
बाल अनुरूप  आलेख
संपर्क
मोवाइल-९७३१५५२३४७
sudhashilp.blogspot.com
का  अवलोकन  अवश्य  करें जो  अभी  शिशु  अवस्था  में  है ।

बाल कहानीः

छोटे हैं तो क्या हुआ- (लेखनी-जनवरी-2010)

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सुरेश अवस्थी

हास्य-व्यंग्य


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सुऱेश चन्द्र शुक्ल ' शरद आलोक '

 
गत 21 वर्षो से नार्वे में हिंदी की पत्रिकाओं 'परिचय' और 'स्पाइल' (दर्पण) का संपादन कर रहे शरद आलोक का वास्तविक नाम डॉ. सुरेशचंद्र शुक्ल है। वे हिंदी के सुपरिचित कवि, लेखक और पत्रकार हैं।

डॉ. शुक्ल अनेक भाषाओं में लिखते रहे हैं। हिंदी में आपके सात कविता संग्रह तथा एक कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। उर्दू में एक कहानी संग्रह तथा नार्वेजियन भाषा में एक काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुका है।

आपको देश-विदेश में अनेक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

'सोनांचल साहित्यकार संस्थान, सोनभद्र' आपके नाम पर देश विदेश के चुने हुए साहित्यकारों को 'सुरेशचंद्र शुक्ल नामित राष्ट्र भाषा प्रचार पुरस्कार' प्रदान करता है।
संपर्क : sshukla@online.no

 चांद परियां और तितली

नौर्वेजियन लोककथा-घास में गुड़िया-(लेखनी अंक 6-अगस्त-2007)

लड़की माचिस वाली-हान्स क्रिश्चियन एन्दरसन- रूपान्तर सुरेश चन्द शुक्ल। (लेखनी-अंक-10-दिसंबर-2007)

 नौर्वेजियन लोककथा- हर मां का बच्चा सुन्दर ( लेखनी अंक 6-अगस्त-2008)  

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 सुभाष नीरव

 

हिंदी कथाकार सुभाष नीरव का जन्म उत्तर प्रदेश  के एक बेहद छोटे शहर मुराद नगर में एक पंजाबी परिवार में हुआ।  इन्होंने मेरठ विश्वविद्यालय से स्नातक तक की शिक्षा ग्रहण की और् वर्ष 1976 में भारत सरकार की केन्द्रीय सरकार की नौकरी में आ गए। अब तक तीन कहानी–संग्रह दैत्य तथा अन्य कहानियाँ (1990), औरत होने का गुनाह (2003) और  आखिरी पड़ाव का दु:(2007) प्रकाशित। इसके अतिरिक्त, दो कविता–संग्रह यत्किंचित (1979) और रोश्नी की लकीर (2003), एक बाल कहानी–संग्रह मेहनत की रोटी (2004), एक लधुकथा संग्रह कथाबिन्दु (रूपसिंह चंदेल और हीरालाल नागर के साथ) भी प्रकाशित हो चुके हैं। अनेकों कहानियाँ, लधुकथाएँ और कविताएँ पंजाबी और बांगला भाषा में अनूदित हो चुकी हैं।

 

हिंदी में मौलिक लेखन के साथ–साथ पिछले तीन दशकों से अपनी माँ–बोली पंजाबी भाषा की सेवा मुख्यत: अनुवाद के माध्यम से करते आ रहे हैं। अब तक  पंजाबी से हिंदी में अनूदित दस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं जिनमें काला दौर, पंजाबी की चर्चित लघुकथाएं, कथा पंजाब–2, कुलवंत सिंह विर्क की चुनिंदा कहानियाँ, तुम नहीं समझ सकते(जिन्दर का कहानी संग्रह), पंजाबी के दलित युवा कवि व लेखक बलबीर माधोपुरी की आत्मकथा छांग्या रुक्ख आदि प्रमुख हैं। मूल पंजाबी में लिखी दर्जन भर कहानियों का आकाशवाणी, दिल्ली से प्रसारण।

 

अनियतकाली्न पत्रिका प्रयास का वर्ष 1982 से 1990 तक संचालन/संपादन।

अनूदित साहित्य से जुड़ी ब्लाग पत्रिका सेतु साहित्य (www.setusahitya.blogspot.com)तथा कविताओं से जुड़ी ब्लाग पत्रिका वाटिका (www.vaatika.blogspot.com) का सम्पादन।

 

हिंदी में लघुकथा लेखन के साथ–साथ, पंजाबी–हिंदी लघूकथाओं के श्रेष्ठ अनुवाद हेतु माता   शरबती देवी स्मृति पुरस्कार 1992 तथा मंच पुरस्कार, 2000 से सम्मानित।

 

सम्प्रति : भारत सरकार के पोत परिवहन विभाग में अनुभाग अधिकारी।

सम्पर्क : 248, टाईप–3, सेक्टर–3, सादिक नगर, नई दिल्ली–110049

ई मेल : subh_neerav@yahoo.com;  subhneerav@gmail.com

दूरभाष :           09810534373          



 कहानी-

आवाज-(लेखनी-अँक 10- दिसंबर 2007)

लघुकथा-

1) बीमार (लेखनी अँक-18-अगस्त 2008)

2)-वाह मिट्टी (लेखनी अँक-18-अगस्त 2008)

3) तिड़के घड़े का पानी ( लेखनी-अंक-19- सितंबर 2008)

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डॉ. सुभाषिनी आर्यन

प्रसिद्ध कला इतिहासकार लेखिका।

मंथन-लेख-भारतीय चित्रकारी में अष्ट नायिका (लेखनी-अँक 12-फरवरी-2008)

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सुशील कुमार

परिचर्चा- लेख - कविता का गद्य-रूप और भावबोध: कुछ विचार  ( लेखनी-नवंबर-2009)

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सूर्यनाथ सिंह


जन्म:
गाजीपुर, उ.प्र. के गाँव सवना में 1966 में.
प्रकाशित कृतियाँ: ‘कुछ रंग बेनूर’; कहानी संग्रह : ‘शेर सिंह को मिली कहानी’; बाल कहानी-संग्रह : ‘बर्फ के आदमी’, ‘बिजली के खम्भों जैसे लोग’; किशोर उपन्यास : चार बांग्ला पुस्तकों का अनुवाद.
सम्प्रति: जनसत्ता में सहायक सम्पादक.
सम्पर्क: 529 सेक्टर-19, पॉकेट-2, डी.डी.ए. फ़्लैट्स, द्वारका, नयी दिल्ली-75

आकलन

अनुवाद साहित्य की प्रासंगिकता         (लेखनी-दिसंबर-2009)

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डा.  सूर्यबाला

जन्म : 25 अक्तूबर 1944 वाराणसी में।

शिक्षा : वाराणसी विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में पीएच. डी.।
कार्यक्षेत्र : कार्य का प्रारंभ आर्य महिला विद्यालय में अध्यापन से। 1972 में पहली कहानी सारिका में प्रकाशित। 1975 में बंबई आने के बाद लेखन में विशेष प्रगति। 1975 में प्रकाशित पहला उपन्यास मेरे संधिपत्र विशेष रूप से चर्चित। डॉ. सूर्यबाला ने अभी तक 150 से अधिक कहानियाँ, उपन्यास, व हास्य व्यंग्य लिखे हैं। इनमें से अधिकांश हिंदी की प्रसिद्ध पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। अनेकों आकाशवाणी व दूरदर्शन पर प्रसारित हुए हैं और बहुतों का देश विदेश की अनेक भाषाओं में अनुवाद हुआ है।

सम्मान-पुरस्कार : साहित्य में योगदान के लिए 'प्रियदर्शिनी पुरस्कार', 'घनश्याम दास सराफ़ पुरस्कार' तथा काशी नागरी प्रचारिणी सभा, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, मुंबई विद्यापीठ, आरोही, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, सतपुड़ा संस्कृति परिषद आदि संस्थाओं से सम्मानित।

कहानी-

कागज की नावें चाँदी के बाल ( लेखनी-अंकँ-20-सितम्बर 2008)

उत्सव                        (लेखनी-अंक 33-अक्तूबर-2009)

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संजय जगनाल

दो लघु कथाएँ

कहीं खुशी कहीं गम( लेखनी-मई-2010)

सूझबूझ ( लेखनी-मई-2010)

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संदीप कुमार मील

आत्मकथ्यः जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी का विद्यार्थी हूं । अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में एम.ए. कर रहा हूं। सामाजिक, राजनैतिक और सांस्कृतिक मुद्दों में रुचि रखता हूं और कविता कहानी लिखने का शौक।                                                                                               संपर्क सूत्रः पता- संदीप कुमार मील कमरा न.  326  झेलम छात्रावास जवाहरलाल नेहरु विश्वविधालय नई दिल्ली मोबाईल 9990392816Mail ID- skmeel@gmail.com


लघुकथा-तीन खबरें ( लेखनी-अगस्त-2009)

हास्यव्यंग्य-भूतपूर्व ( लेखनी-नवंबर-2009)


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श्रवण कुमार उर्मलिया

जन्मः 10 अगस्त, 1951 को दक्षिणी झगड़ा खांड कोलिवरी, तहसील-मनेन्द्रगढ़, जिला सरगुजा ( तब म.प्र. अब कोरिया, छत्तीसगढ़) में।

शिक्षाः बी.ई. एम. टेक. ज्योतिष अलंकार, एम. बी. ए.।

कृतियाः तीन कहानी संग्रह, 6 व्यंग्य संग्रह, 2 कविता संग्रह प्रकाशित।

पुरस्कार/सम्मानः हिंदी अकादमी दिल्ली द्वारा वर्ष 1997-98 के लिए ‘साहित्यिक कृति पुरस्कार तथा वर्ष 1993-94 के लिए पत्रिका ‘ उर्जा दीप्ति‘ के कुशल संपादन के लिए पुरस्कृत। भारतीय राजभाषा विकास संस्थान देहरादून द्वारा ‘ भारतेन्दु राजभाषा साहित्य शिरोमणि सम्मान। ‘  

 

व्यंग- अनिर्णय के विशेषज्ञ (लेखनी-अंक-8-अक्तूबर-2007)  

 

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संदीप साइलस -वरिष्ठ प्रसासनिक अधिकारी व जाने माने लेखक

मनालीः आनंद का उद्गम स्थल –( लेखनी अँक-2-वर्ष-2-अप्रैल 2008)  पुनर्पाठ ( लेखनी-सितंबर 2009)


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हरभजन खेमकरनी

संपर्क सूत्रः 4381-ए, रणजीतपुरा, पुतलीघर,

                         अमृतसर (पंजाब)-143002

लघुकथाः

रिश्तों का अंतर ( लेखनी-जून-2011)

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हरीश नवल


हास्य-व्यंग्य


चलो, चलें लालकिला मैदान    (लेखनी-अगस्त-2009)

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हेमा गुहा

 

राग-रंग

लेख-भारतीय दीपों की मनोहारी विविधता (लेखनी अँक 9, नवम्बर 2007)  

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        हृषिकेश सुलभ


कथाकार, नाटककार, रंग-समीक्षक हृषीकेश सुलभ का जन्म 15 फ़रवरी सन् 1955 को बिहार के छपरा ( अब सीवान ) जनपद के लहेजी नामक गाँव में हुआ। आरम्भिक शिक्षा गाँव में हुई और अपने गाँव के रंगमंच से ही आपने रंगसंस्कार ग्रहण किया। विगत तीन दशकों से कथा-लेखन, नाट्य-लेखन, रंगकर्म के साथ-साथ हृषीकेश सुलभ की सांस्कृतिक आन्दोलनों में सक्रिय भागीदारी रही है। आपकी कहानियाँ विभि™ा पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित और अँग्रेज़ी सहित विभि™ा भारतीय भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं।

रंगमंच से गहरे जुड़ाव के कारण कथा लेखन के साथ-साथ नाट्य लेखन की ओर उन्मुख हुए और भिखारी ठाकुर की प्रसिद्ध नाट्यशैली बिदेसिया की रंगयुक्तियों का आधुनिक हिन्दी रंगमंच के लिए पहली बार अपने नाट्यालेखों में सृजनात्मक प्रयोग किया। विगत कुछ वर्षों से आप कथादेश मासिक में रंगमंच पर नियमित लेखन कर रहे हैं।

     बँधा है काल, वधस्थल से छलाँग और पत्थरकट - तीनों कथा संकलन एक ज़िल्द में तूती की आवाज़ शीर्षक से तथा अमली ( बिदेसिया शैली पर आधारित नाटक ), माटीगाड़ी ( शूद्रक रचित मृच्छकटिकम् की पुनर्रचना ) और मैला आँचल    ( फणीश्वरनाथ रेणु के उपन्यास का नाट्यांतर ) एक ज़िल्द में तीन रंग नाटक शीर्षक से प्रकाशित। इनके अलावा कथा संकलन वसंत के हत्यारे , राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल द्वारा मंचित नाटक बटोही और रंगसमीक्षा की पुस्तक रंगमंच का जनतंत्र प्रकाशित हंै। धरती आबा आपकी नई नाट्यरचना है।


कहानी समकालीन

वसंत के हत्यारे ( लेखनी अंक 49, मार्च 2010)