वैश्विक हिन्दी सम्मेलन की दस्तक बरमिंघम में

me1‘११ अक्तूबर २०१५

‘इंग्लॅण्ड’ में ‘बर्मिंघम’ शहर के ‘गीता भवन’ में श्रीमती शैल अग्रवाल जी की इ पत्रिका ‘लेखनी’  का ‘लेखनी सानिध्य ‘ का वार्षिक कार्यक्रम आयोजित किया गया जहाँ  ब्रिटेन के गणमान्य साहित्य-प्रेमी उपस्थित थे. तीन घंटे तक चले इस कार्यक्रम में काव्य-गोष्ठी का आयोजन  किया गया जिसमे ब्रिटेन तथा भारत के अनेक प्रसिद्ध साहित्य-प्रेमी कवियों ने अपनी सुन्दर रचनाओं का पाठ  किया. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ‘भारत के कांउसलेट जनरल’ श्री जे के शर्मा जी थे. लंदन से ‘कथा यू.के.’ के महासचिव एवं ब्रिटेन की साहित्यिक हिन्दी पत्रिका ‘पुरवाई’  के संपादक श्री तेजेन्द्र शर्मा, लन्दन की वरिष्ठ कथाकार श्रीमती  उषाराजे सक्सेना तथा कोलिंडेल वार्ड (लन्दन बरो ऑफ़  बार्नेट) की कॉउंसलर  श्रीमती ज़किया ज़ुबेरी जी भी यहाँ उपस्थित थीं. मिडलैंड में महारानी की रिप्रेजेन्टेटिव और ओ बी ई श्रीमती सतिंदर टौंग अपने पतिदेव के साथ जो दोनों ही डेप्युटी लेफ्टिनेंट जनरल हैं, बरमिंघम के गीतांजलि ग्रूप के संस्थापक कृष्णकुमार और उनकी पत्नी चित्रा कुमार, नौटिंघम से काव्यरंग संस्था की संस्थापिका जया वर्मा, लंदन से आई शिखा वाष्णेय, बरमिंघम के कृष्ण कन्हैया, अजय त्रिपाठी, आनंद सिन्हा, नरेन्द्र ग्रोवर, हल से आए डॉ. राम आसरे सिंह व खुद शैल अग्रवाल जी ने अपनी कविताओं का सरस पाठ किया। रेडिओ एक्सेल के आनंद जी व कई अन्य बरमिंघम के विशिष्ट नागरिकों से भरे हाल में ‘वैश्विक हिंदी सम्मलेन’ की ओर  से श्रीमती शील निगम ने इस साहित्यिक सभा में  ‘वैश्विक हिंदी सम्मलेन’ संस्था का संछिप्त परिचय दिया. ‘वैश्विक हिंदी सम्मलेन’ की ओर से वरिष्ठ साहित्यकार एवं ‘लेखनी’ की संपादक  श्रीमती शैल अग्रवाल जी को हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति महत्वपूर्ण योगदान, हिन्दी  साहित्य के प्रसार कार्य तथा राष्ट्र भाषा हिंदी के प्रति उनकी निष्ठा के लिए  ‘वैश्विक हिंदी साहित्य-सारथि सम्मान’ से विभूषित करने के निर्णय की घोषणा की गयी. यह सम्मान शीघ्र ही उन्हें प्रदान किया जाएगा.’

-शील निगम

 

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