सुषमा स्वराज ( 14 फरवरी 1952-6 अगस्त 2019)

भारतीय राजनैतिक पटल से एक दैदीप्यमान सितारा अस्त हो गया। हिन्दी और भारतीयता की परम हितैषी , प्रखर वक्ता और विदुषी, सौम्य व मित्रवत् व्यक्तित्व की धनी सुषमा स्वराज अपने शत्रु को भी अपनी तरफ कर लेती थीं। सहज, सुलभ और समर्पित सुषमा जी ने कहा था कभी कि अगर आप मंगल पर भी फंस गए हों तो भी भारतीय दूतावास आपकी मदद करेगा। कहा ही नहीं , खाड़ी के देश में फंसे भारतीयों को सकुशल भारत वापस लाकर यह सिद्ध भी किया। उनकी अंतिम ट्वीट भी देश भक्ति से ओतप्रोत थी जो उन्होंने मृत्यु से कुढ ही घंटे पहले लिखी थी और धारा 370 को कश्मीर से हटाए जाने पर प्रधान मंत्री मोदी जी को बधाई देते हुए कहा था कि -मुझे इसी दिन का इंतजार था। कल मंगलवार 6 अगस्त 2019 को भारतीय समयानुसार हृदयाघात की वजह से आपका अकस्मात निधन हर भारत प्रेमी को स्तब्ध कर गया है। देश आपकी कर्मठता और उरलब्धियों पर सदा गर्वित रहेगा। लेखनी परिवार की तरफ से सादर व विनम्र श्रद्धांजलि।

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भाषा और भूगोल की सीमाएँ तोड़ती, विश्व के उत्कृष्ट और सारगर्भित ( प्राचीन से अधुधिनिकतम) साहित्य को आपतक पहुंचाती लेखनी द्विभाषीय ( हिन्दी और अंग्रेजी की) मासिक ई. पत्रिका है जो कि इंगलैंड से निकलती है। वैचारिक व सांस्कृतिक धरोहर को संजोती इस पत्रिका का ध्येय एक सी सोच वालों के लिए साझा मंच (सृजन धर्मियों और साहित्य व कला प्रेमियों को प्रेरित करना व जोड़ना) तो है ही, नई पीढ़ी को इस बहुमूल्य निधि से अवगत कराना...रुचि पैदा करना भी है। I am a monthly e zine in hindi and english language published monthly from United Kingdom...A magzine of finest contemporary and classical literature of the world! An attempt to bring all literature and poetry lovers on the one plateform.

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