लेखनी/Lekhni-जनवरी-फरवरी-19

सोच और संस्कारों की सांझी धरोहर
Bridging the Gap

(बचपन)
अंक 119/ वर्ष 12

चिंता-रहित खेलना-खाना वह फिरना निर्भय स्वच्छंद।
कैसे भूला जा सकता है बचपन का अतुलित आनंद?
सुभद्रा कुमारी चौहान

इस अंक मेंः अपनी बातः बचपन एक मनःस्थिति । कविता धरोहरः सुभद्रा कुमारी चौहान। श्रद्धंजलिः चंद्रसेन विराट। माह विशेषः बचपन कुछ कविताएँ। गीत और ग़ज़लः सलिल सरोज, अजय अलौकिक। चांद परियाँ और तितलीः बाल कविताएँ- प्रभुदयाल श्रीवास्तव। माह का संकलनः रंग-तरंग।

ललितः चंदामामा दूर के-शैल अग्रवाल। कहानी धरोहरः सोना हिरन-महादेवी वर्मा । कहानी समकालीनः छुट्टी- सुशांत सुप्रिय। कहानी समकालीनः चुनौती-शैल अग्रवाल। परिचर्चाःहिन्दू-विवाह पद्दति में संस्कारों की महत्ता-गोवर्धन यादव। मुद्दाः भारतीय समाचार जगत और आतंकवाद-राघवेन्द्र सिंह। व्यक्तित्वः सांस्कृतिक धरोहर की परिवाहक: कथक गुरु सुश्री काजल शर्मा (इंग्लैंड)- शील निगम। हास्य-व्यंग्यः यह कोई स्वप्न नहीं था- प्रभुदयाल श्रीवास्तव।

ब्रिटेन से प्रकाशित द्विमासीय, द्विभाषीय ( हिन्दी-अंग्रेजी ) पत्रिका
परिकल्पना, संपादन व संचालनः शैल अग्रवाल
संपर्क सूत्रः shailagrawal@hotmail.com

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