सरहदेंः चन्द हायकू- संकलन सरस्वती द्वीप संस्था के रचनाकार /लेखनी नवंबर-दिसंबर 16

सरहदें

moonrise

★डॉ. सरस्वती माथुर
1.

वीर जवान

सरहदों पे मिट

सुरक्षा देते।

2.

बाँधना मत

सरहदों को कभी

खोल दो गाँठे

3.

जागो जन

सरहदें जोड़ के

करो नमन ।

4.

सरहदों से

बारूद को हटाओ

दिल मिलाओ।

5.

जागो भी जन

सरहदें मिला कर

नमन करें ।

6.

सृजन करो

सरहदें सैनिकों

चमन करो।

7.

मन भेद से

सरहदें टूटेगी

घृणा बढ़ेगी।

8.

चलो सैनिकों

सरहदों पे दीप

प्रेम का धरें ।

9.

हवाएँ आईं

सरहदें छू के तो

मन क्यों भीगा?

10.

अहम् छोड़ो

सरहदों पे टूटे

मनों को जोड़ो ।

11

सरहदों पे

रूकी हवाएँ -हुईं

ख़ौफ़ज़दा क्यों ?

12

ख़ंजर भीगे

सरहदें घायल

लहुलुहान।

13.

दीप प्रेम का

सरहदों पे बाल

वापस आना।

14.

मन घायल

विरान सरहदें

खींची दीवारे।

15.

विनाश नहीं

विकास नींव -जड़ी

हैं सरहदें।

सरहदें
moonrise
★रंजना त्रिखा
1
नहीं बाँटतीं
सरहदें इन्सान ,
स्वार्थी शैतान ।
2
जान हथेली
सरहदों की रक्षा
जाँबाज़ फ़ौजी ।
3
भारत माँ की
सरहदें – शहीद
रक्त से धोएँ ।
4
गर्वित देश
सरहदें रक्षित
सिर कफ़न ।
5
सरहद पे
तिरंगा लहराए
सैनिक जागे ।
6
ज़मीन बँटी
सरहदें खिंचीं , लो
दिल दरारें ।
7
बाँध न पायीं
सरहदें – दिलों को
अपनी हद् द ।
8
घृणा जगाएँ
सरहदें , प्रेम न
माने बन्धन ।
9
ईश बनाई
धरती , सरहद
इन्सां बनाए ।
10
हम प्रेम के
व्यापारी , न बँधेंगे
सरहद में ।

सरहदें
moonrise
★मीनाक्षी भटनागर
1
आओ मिटा दे
ये सब सरहदें
एक हो जाए ।
2
दोस्ती के दिए
सरहदों पे जले
दुश्मनी मिटे।
3
सरहदों पे
जले कितने दिए
कितने बुझे ।
4
रक्त रंजित
ये सरहदें कैसी
मिटा दो इन्हें ।
5
एक ही प्रश्न
क्यूँ बटं गई धरा
सरहदों में ।
6
एक सपना
सरहदें मुक्त हो
ये वसुंधरा।
7
श्रद्धा सुमन
सरहदों पर उन्हें
जो प्राण देते।

सरहदें

moonrise
★चंचला इंचुलकर सोनी
1
ऋतु बेख़ौफ़
सरहद प्रहरी
आज़ादी रौब ।
2
शहीदी बाना
ऋतुएँ घोल रही
नभ तराना।।।
3
पुनीत पर्व
अभय भेंट दिये
वीरों पे गर्व।
4
उरी हुंकार
नेपथ्य ललकार
हो यलगार
5
उनकी जय
स्वतन्त्रता-संगीत
जिनसे तय ।।
6
काश्मीर व्यथा
बलिदान निहत्था
उरी गहथा।
7
जन्नत छोर
विश्व शान्ति बांधती
मन्नत डोर।
8
खूनी मंज़र
कायर हरकत
पाक कंजर।
9
फौजी गौरव
जय हिन्द आरव
रक्त कैरव।
10
सुने सपने
पथराए नयन
विराट शून्य।
12
पूत शहीद
बयानवीर जागे
ढीठ ये गीध।।
13
जान अर्पण
मौसम बेखबर
फौजी दर्पण।
14
सैनिक द्युति
देशभक्ति प्रतीति
प्राण आहुति।
15
बर्फीली चोटी
तिरंगा परचम
कर्मठ फौजी।
16
शहीद शान
अवंतस तिरंगा
रक्षा गुमान।
17
बंटी धरती
कंटीली सरहद
दर्द सहती
18
फौजी कर्मठ
तैनात सरहद
मानव हठ
19
ये सरहद
जल संगीत वायु
रोक न सकी
20
रक्त रंजित
सरहद की धरा
चाहती शान्ति
चंचला इंचुलकर सोनी
इंदौर

सरहदें
moonrise

★रीता ठाकुर
1
सीमा रक्षण
सैनिक प्राण दान
देश की आन ।
2
हुआ जरूरी
खत्म आतंक वाद
रहे सुरक्षा ।
3.
करो नमन
याद रहे उत्सर्ग
जय जवान ।
4.
बहता लहू
सरहदें हैं लाल
घायल वीर ।
5.
वीर सैनिक
देश की धरोहर
आत्म गौरव ।
6.
लहू रंजित
झन्डे का है कफ़न
गिरते आँसू।
7.
न करो युद्ध
सीमा पर हो शान्ति
हिंसा है बुरी ।
8.
दीप जले हैं
सीमा पर है जश्न
हुई है जीत।
9
वतन की शान
दे दें अपनी जान
वीर सैनिक।
10
जय जवान
अमर तेरी शान
रखना मान ।

रीता़ ठाकुर
दिल्ली

सरहदें

moonrise
★जितेंद्र प्रसाद माथुर
1
प्रेम सागर
सरहद को जोड़े
टूटा विश्वास।
2
आहें भरती
सरहद पार से
आती आवाज़।
3
ना डरो तुम
सरहद कहती
शांति से रहो ।
4
दुश्मन आया
सरहद पार से
हुँकार भरो ।
5
वीर-सैनिक
सरहद पर सोता
शहीद होता ।

डॉ.जितेन्द्र प्रसाद माथुर
जयपुर,

सरहदें

moonrise
★मंजू गुप्ता
1
धरती एक
सरहदें अनेक
देश विभिन्न
2
लुटेरे आते
सरहद पार से
बन आतंकी
3
देश की शान
सरहद रक्षक
वीर सैनिक
4
सरहद पे
सुख चैन वंचित
सैनिक खड़े ।
5
मॉ का लाड़ला
सरहद गौरव
हुआ शहीद।
6
हटेंगी कब
दिलों से सरहदें
अमन छाऐ।

मंजू गुप्ता
वाशिंगटन (अमेरिका)
8
★अर्चना माथुर
1
बाँके जवान
सरहदों की शान
मेरा वतन ।।
2
देश महान
सरहदों को जोड़े
नमन करूँ ।।
3
राहे वतन
सरहदें शहीद
जय जवान ।।
4
शाने वतन
गर्दिशें सरहद
मंजिल मिली ।।

सरहदें

moonrise
★ज्योतस्ना इंद्रेश
1
दृष्टि चौकन्नी
सरहद पे टिकी
योगी – सैनिक
2
गर्म हवाएं
सरहद पर हैं
शमन करो !
3
हैं सरहदें
जाति धर्म दिल की
हुईं बेमानी ।

ज्योतस्ना इंद्रेश
उदयपुर
सरहदें
moonrise

★डॉ. रंजना वर्मा
1
हैं सरहदें
सदा असुरक्षित
सैनिक बिना ।
2
अलंघनीय
देश की सरहदें
शत्रु के द्वारा ।
3
टिकी रहती
सरहदों पर ही
देश मर्यादा ।
4
हैं सरहदें
सदा संरक्षणीय
हर देश की ।
5
मची है रार
सरहदों के पार
हो उपचार ।

डॉ. रंजना वर्मा
दिल्ली

सरहदें
moonrise

★प्रेरणा गुप्ता
1
तिरंगा झंडा
सजाए सरहद
जय भारत।
2
सरहदों का
इतिहास गवाह
वीरों की गाथा।
3
खून से रंगी
सरहद की जमीं
देती गवाही।
4
आतंक फैला
सरहद के पार
आत्मा घायल।
5
खून से सजी
सरहद की जमीं
पूत शहीद।
6
चिठ्ठी लाई है
सरहद पार से
प्यार की खुश्बू।
7
माँ का संदेशा
सरहदी हवाएँ
लाती है साथ ।
8
पिया गये थे
सरहद के पार
हुए शहीद ।
9
दहले लोग
गुँजाती रहीं तोपें
सरहद को।
10
सैनिक डटे
सरहद की जमीं
हुई आजाद ।

सरहदें

moonrise
★राजीव शेखर माथुर
1
सरहदों की
फसल पी के लहू
हरी की हरी ।
2.
लोभ की हदें
नश्वर इंसां रचे
ये सरहदें ।
3.
है सरहदें
साजिश उनकी जो
बारुद बेचे ।
4.
ओ सरहदों
रोको नहीं आदम
स्वागत करो ।
5.
सरहदे है
या धरा के ज़ख्म है
काँटो से बिंधे ।

राजीव शेखर माथुर
उदयपुर
13
★अमृता मंडलोई पोटा
1
तिरंगी शान
सरहद सुरक्षा
वीर सेनानी ।
2
बांध कफन
सरहद सुरक्षा
वीर शहीद।
3
सरहद पे
शहीद बलिदान
देश सुरक्षा ।
4
देश रक्षित
सरहद गर्विता
भारत आन ।
5
मातृ सुरक्षा
सरहदें रक्षित
देश महान।
6
इंसानी बैर
बाँटे हैं सरहद
दुखी वसुधा ।

अमृता मंडलोई पोटा
कल्याण

सरहदें

moonrise
★साधना अग्निहोत्री
1
सीमा सुरक्षा
दिन रात प्रहरी
मौत से खेलें ।
2
वीरों की शान
सीमा पर कुर्बान
देश महान ।
3
राष्ट्र हित में
सजग हैं प्रहरी
चैन गँवाते ।
4
सुखों का त्याग
सरहद के वीर
सहते पीर ।
5
शांति प्रतीक
सरहद के वीर
देते प्रमाण ।

साधना अग्निहोत्री
नवी बंबई

सरहदें

moonrise
मंजु शर्मा
1
एक ही धरा
खिंची हैं सरहदें
मनुष्य बँटा
2
तिरंगा ओढ़
सरहद से आया
नवेला दूल्हा
3 ३ –
जान गंवाते
सरहदी जांबाज
नेता का खेल
4
युद्धक काल
सरहद का वासी
सहता पीड़ा ।
5
नेता का ख्वाब
सरहद पे खेलें
रुके ना गोली ।
6
लहू से भीगी
सरहदी दीवारें
शांति तलाशें ।
7
पिया की पाती
सरहद से आयी
आस मिलन ।

मँजु शर्मा
हलवारा(पंजाब )

सरहदें

moonrise
★गीता पुरोहित
1
लुटा सुहाग
सरहद शहीद
दुल्हन बैठी
2
खून की होली
सरहद पे खेली
वीर शहीद
3
माता का पुत्र
सरहद पे कुर्बां
अमर हुआ ।
4
सरहद पे
करे जां निछावर
वीर सपूत।

गीता पुरोहित
जयपुर

17
★गुंजन अग्रवाल
गोली बंदूक
लाँघती सरहदें
सैनिक हूक ।

गुंजन अग्रवाल
दिल्ली

सरहदें

moonrise
★वीणा चौहान
1
सरहदों पे
पसरा था सन्नाटा
दिलो में गम ।
2
दिल रोता है
मरता सरहदो
पर सैनिक ।
3
सरहदो पे
खून बहाना छोडो़
इंसान बनो।
4
इंसान बनो
हैवान न बनना
सरहदो पे।

वीणा चौहान
जयपुर
19
★ऋता शेखर ‘मधु’
1
उडी दुआएँ
सरहद पहुंची
माँ तपस्विनी।
2
दो दिल मिले
सरहद के पार
रिश्तों में ढले।
3
उन्मुक्त हवा
तोड़ती सरहदें
आर से पार।।।
4
दोनों फ़क़ीर
सरहद पर है
एक लकीर।
5
सरहद से
आ गया है सन्देश
प्रिया बावरी।
6
बिखेरे ज्योति
सरहद का दीप
दोनों ही ओर।
7
सूर्य रश्मियाँ
किसके रोके रुकें
एक तरफ।
8
चली बन्दूक
सरहद थर्राया
भरे ताबूत।
9
कंटीली बाड़
सरहद पे उगी
हठीली झाड़।
10
वीर जवान
सरहद के पार
दिए सबक।
1
उडी दुआएँ
सरहद पहुंची
माँ तपस्विनी।
2
दो दिल मिले
सरहद के पार
रिश्तों में ढले।
3
उन्मुक्त हवा
तोड़ती सरहदें
आर से पार।
4
दोनों फ़क़ीर
सरहद पर है
एक लकीर।
5
सरहद से
आ गया है सन्देश
प्रिया बावरी।
6
बिखेरे ज्योति
सरहद का दीप
दोनों ही ओर।
7
सूर्य रश्मियाँ
किसके रोके रुकें
एक तरफ।
8
चली बन्दूक
सरहद थर्राया
भरे ताबूत।
9
कंटीली बाड़
सरहद पे उगी
हठीली झाड़।।
10
वीर जवान
सरहद के पार
दिए सबक।।

ऋता शेखर ‘मधु
20
सरहदें

moonrise
★डॉ. सुषमा सिंघवी
1
इंसां बसते
सरहद पार भी
रिपु क्यूँ मानें ?
2
समझी नहीं
सरहदों का मर्म
राज या स्वार्थ ?
3
धरा गगन
प्रणी – मात्र के लिये
सरहदें क्यूँ ?

सुषमा सिंघवी
जयपुर

सरहदें

moonrise

ज्योतिर्मयी पंत


प्रकृति बाँटें
सरहदों के बीच
सभ्य मानव।

होते शहीद
सीमा सुरक्षा हित
स्वदेश प्रेम।

नमन सदा
सरहद प्रहरी
जय जवान।

स्वप्न अधूरा
वसुधैव कुटुंब
सरहदों से।

निश्चिंत हम
सरहदों पे रक्षक
हमारे लिए।

उगता प्यार
सरहदों के पार
प्रेमी मिलन।

स्वार्थी मानव
बनाता सरहदें
युद्ध कारक

दुनिया बने
सरहद रहित
भावी कल्पना।
ज्योतिर्मयी पंत
गुड़गाँव

(संकलन सरस्वती माथुर )