लेखनी/Lekhni -विशेषः भव्य भारती-अगस्त 21

सोच और संस्कारों की सांझी धरोहर
Bridging The Gap

15 अगस्त 2021

‘जड़ों की ओर’

‘धर्म, भाषा और संस्कृति
ज्यों नदी की बहती धार
जुड़ी रहे संग सदा
जैसे कल आज और कल
जैसे जड़ तना और शाखा
पातपात खिलावें नित नए फल-फूल’
शैल अग्रवाल

( अँक 135, वर्ष 15)

आज़ादी की 74 वीं वर्षगांठ पर बहुत बहुत बधाई के साथ अपनी बातः गौरवमय भारतः जड़ों की ओर…

इस अंक में-नमन बाबूजी।
कवितायें- संकलनः वन्दे मातरम्। शिव ताण्डव स्तोत्रम्- ऋषि वाल्मीकि। हायकूः सूरज- सरस्वती माथुर, शैल अग्रवाल। कविता धरोहरः राम की शक्ति पूजा- सूर्य कांत त्रिपाठी निराला। ईश हमारे-शैल अग्रवाल। मेरी पसंदः संत कबीर। रस की खानः रसखान। भक्ति के सूर्यः सूरदास। घर घर में तुलसी- गोस्वामी तुलसीदास। प्रेम दिवानीः मीराबाई।
गद्य में- सियाह ताकतों के साये-अमृता प्रीतम। हमारे वेद-वीरेन्द्र यादव, प्रकाश गोविन्द। शिव और राममय भारत-शैल अग्रवाल। पहाणों के देवी-देवता-डॉ. पद्मचन्द काश्यप। मुख्य ग्रंथः रामायण-शैल अग्रवाल। मुख्य ग्रंथः महाभारत-शैल अग्रवाल। ललितः वृंदावन जाऊंगी-योगेश्वर। विमर्षः युद्ध करो अर्जुन-डॉ.इन्द्रदत्त पाण्डेय। कहानी समकालीनः अर्जुन की आत्महत्या-राजेन्द्र यादव। कहानी समकालीनः मत्स्य-कन्या-शैल अग्रवाल। कहानी समकालीनः अधिरथ की उदासीः डॉ. बच्चन पाठक सलिल। कहानी समकालीनः समुद्र देवा-लावण्या शाह। मुद्दाः ऐतिहासिक राम सेतु- नरेन्द्र कोहली। हास्य-व्यंग्यः सरकारी महाभारत-आलोक पुराणिक। चांद परियाँ और तितलीः महामना मदन मोहन मालवीय, बालगीतः द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी।
In the English Section: My column:Once an Indian,Always an Indian. Glorious India: What Many Thought.
Rivers Of India: Shail Agrawal.

ब्रिटेन से प्रकाशित द्विमासीय, द्विभाषीय (हिन्दी-अंग्रेजी) पत्रिका
परिकल्पना, संपादन व संचालनः शैल अग्रवाल
संपर्क सूत्रः shailagrawal@hotmail.com

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