लेखनी/ Lekhni /अक्तूबर-नवंबर 2015

सोच और संस्कारों की सांझी धरोहर
Bridging The Gap
Lekhni Oct Nov 15-
आत्मा के सौंदर्य का शब्द रूप है काव्य,
मानव होना भाग्य है, कवि होना सौभाग्य।

लेखनी सानिध्य (4) विशेष
अंक 99 वर्ष 9.

इस अंक मेंः अपनी बात। श्रद्धांजलिः वीरेन डंगवाल। कविता आज और अभीः उदयवीर सिंह (गोरखपुर)। पद्मा मिश्रा ( जमशेद पुर)। शील निगम (मुंबई)। सुशांत सुप्रिय ( गाजियाबाद)। अशोक गुप्ता ( गाजियाबाद)। छोटी कविताएँः वन्दना मुकेश शर्मा ( बरमिंघम) शिखा वाष्णेय (लंदन)। अमरेन्द्र मिश्रा ( नई दिल्ली)। सरोज स्वाति ( गुड़गींव)। पंखुरी सिन्हा। ( मुजफ्फर नगर)। शैल अग्रवाल ( बरमिंघम)। दो गजलेंः उषा राजे सक्सेना( लंदन)। दो गीतः सखी सिंह ( मुंबई) रमा द्विवेदी ( हैदराबाद)।

माह विशेषः रपटः लेखनी सानिध्य-4
कहानी धरोहरः रामलीला-प्रेमचन्द। कहानी समकालीनः दिए की लौ-शैल अग्रवाल। कहानी समकालीनः हरियाली की खोज में-पद्मा मिश्रा। दो लघुकथाएँः अगम अग्रवाल। रागरंगः शकुन्तला यादव। ललित निबंधः अंधेरे के पक्ष में उजालाः प्रेम जन्मेजय। चाँद परियाँ और तितलीः प्रभुदयाल श्रीवास्तव।

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